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डॉ. जिगीशा आत्महत्या केस:20 गवाहों के बयान लेकर जांच कमेटी ने डॉक्टरों को दी क्लीन चिट, सीनियरों पर लगा था प्रताड़ित करने का आरोप

सूरत10 महीने पहले
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स्मीमेर हॉस्पिटल के गर्ल्स हॉस्टल में 24 अक्टूबर को महिला रेजिडेंट डॉ. जिगीशा ने 
आत्महत्या कर ली थी। - Dainik Bhaskar
स्मीमेर हॉस्पिटल के गर्ल्स हॉस्टल में 24 अक्टूबर को महिला रेजिडेंट डॉ. जिगीशा ने आत्महत्या कर ली थी।

स्मीमेर हॉस्पिटल के गर्ल्स हॉस्टल में 24 अक्टूबर को हुई महिला रेजिडेंट डाॅक्टर की आत्महत्या मामले की जांच के लिए बनी कमेटी ने सीनियर डाॅक्टरों के क्लीन चिट दे दी है। सीनियर डाॅक्टरों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा था। कमेटी की जांच में आत्महत्या का कोई मुख्य कारण सामने नहीं आया है। बता दें कि महुआ निवासी और स्मीमेर के गायनिक विभाग में पीजी प्रथम वर्ष की छात्रा 25 वर्षीय रेजिडेंट डॉ. जिगीशा कनुभाई पटेल ने 25 अक्टूबर को अपने हॉस्टल रूम में एनेस्थीसिया का हाई डोज लेकर आत्महत्या कर ली थी।

सीनियर डाॅक्टरों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगा था। आरोपों की जांच के लिए अस्पताल प्रबंधन ने 3 विभागों के एचओडी की एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने प्रोफेसर, टीचर, सीनियर रेजिडेंट, नर्स व सफाई कर्मचारियों सहित 20 लोगों का बयान लिया। इन लोगों ने सीनियर डॉक्टरों द्वारा प्रताड़ना का जिक्र नहीं किया।

स्मीमेर में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जितेंद्र दर्शन ने बताया कि कमेटी ने जांच रिपोर्ट सब्मिट कर दी है। प्रोफेसर से लेकर सफाई कर्मचारी तक के बयान लिए गए। विस्तारपूर्वक जांच की गई। कोई भी डॉक्टर या सीनियर डॉक्टर इस मामले में जिम्मेदार नहीं है। डॉ. जिगिशा के पहले भी कई डॉक्टर काम के दबाव व अन्य कारणों से आत्महत्या कर चुके हैं। इन मामलों में कई सीनियर डॉक्टरों पर प्रताड़ित करने के आरोप लग चुके हैं।

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