सनकी आशिक को मौत की सजा:जेतलसर के हत्यारे जयेश ने 36 बार चाकू घोंप नाबालिग की कर दी थी हत्या

राजकोट13 दिन पहले
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सृष्टि की फोटो के साथ भाई और पिता। - Dainik Bhaskar
सृष्टि की फोटो के साथ भाई और पिता।

राजकोट जिले की जेतपुर कोर्ट सृष्टि रैयाणी की हत्या को रेयररेस्ट ऑफ रेयर केस मानते हुए हत्यारे जयेश सरवैया को फांसी की सजा सुनाई है। दो साल पहले 16 मार्च, 2021 के दिन सरवैया ने 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली 16 साल की सृष्टि की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस घटना में सरवैया ने किशोरी पर 36 बार चाकूओं से गोद दिया था।

भाई पर किया था जानलेवा हमला
दरिंदगी करने वाले 26 साल के इस हत्यारे ने सृष्टि के भाई को पर भी जानलेवा हमला कर दिया था। निशाना बनाया था। घटना के बाद राजकोट समेत पूरे सौराष्ट्र में सृष्टि के कातिल को कड़ी सजा देने की मांग की गई थी। जेतपुर की सत्र अदालत ने दो साल के अंदर ही इस मामले में आरोप तय करके हत्यारे को फांसी की सजा सुनाई है।

हत्यारा जयेश सरवैया।
हत्यारा जयेश सरवैया।

कोर्ट ने कहा यह जघन्य अपराध
जेतपुर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश आरआर चौधरी ने बीते दिनों आरोपी को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने 13 मार्च को आरोपी को फांसी की सजा सुनाई। परिवार ने भी आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। कोर्ट ने फैसला सुनाने से पहले इस मामले को जघन्य और क्रूरतम अपराध माना और रेयरेस्ट ऑफ द रेयर केस कहते हुए हत्या के दोषी के लिए कोई भी रियायत देने से मना दिया।

11वीं कक्षा में पढ़ने वाली 16 साल की सृष्टि की फाइल फोटो
11वीं कक्षा में पढ़ने वाली 16 साल की सृष्टि की फाइल फोटो

स्कूल आते-जाते करता था पीछा
फैसला आने पर सृष्टि के पिता ने कहा, ‘सच्चाई की जीत होती है। आज हमें न्याय मिला है।’ मामले की सुनवाई के दौरान सृष्टि के परिजन कोर्ट परिसर पहुंचे, मां रो पड़ी और कहा, ‘इसे फांसी दे दो’। दोपहर 12 बजे जेतपुर सत्र न्यायालय के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश आरआर चौधरी ने आरोपी को कोर्ट रूम में बुलाया और सवाल पूछे। स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर जनक पटेल ने तर्क दिया कि सृष्टि रैयानी स्कूल में पढ़ने जेतपुर जाती थी, तब आरोपी जयेश पीछा करता था।

कोर्ट के फैसले के बाद रोती हुईं सृष्टि की मां।
कोर्ट के फैसले के बाद रोती हुईं सृष्टि की मां।

जांच के लिए विशेष जांच टीम बनाई गई थी
आरोपी ने एक नाबालिग की हत्या और एक नाबालिग की हत्या का प्रयास किया था। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम बनाई गई थी, जिसकी अध्यक्षता तत्कालीन एलसीबी पीआई अजयसिंह गोहिल, जेतपुर तालुक
पीएसआई पीजे बंटवा, धोराजी की महिला पीएसआई ने की। स्पेशल सरकारी वकील के रूप में जनकभाई पटेल को नियुक्त किया गया था।