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कारोबारी कैसे करें व्यापार?:सूरत के 200 से ज्यादा व्यापारी परेशानी में, क्योंकि...जीएसटी विभाग ने एक साल से अधिक समय से सीज कर रखे हैं बैंक अकाउंट

सूरत2 महीने पहलेलेखक: प्रदीप मिश्रा
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  • नियम के अनुसार एक साल से ज्यादा समय तक बैंक अकाउंट सीज करके नहीं रख सकते हैं

जीएसटी विभाग के टैक्स रिकवरी के रवैये से सूरत के व्यापारी परेशान हैं। टैक्स रिकवरी के लिए जीएसटी डिपार्टमेंट ने कई व्यापारियों के अकाउंट एक साल से भी लंबे समय से सीज कर रखे हैं। इसके चलते व्यापारियों की रकम भी बैंक में फंस गई है। कई व्यापारियों की शिकायत है कि बैंक अकाउंट सीज होने के कारण उनकी पूंजी भी जाम हो गई है। इसके चलते उन्हें व्यापार करने में दिक्कत आ रही है। उल्लेखनीय है कि सूरत में ऐसे 200 से अधिक व्यापारी हैं‍ जिन्हें कि इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

यही नहीं कई व्यापारियों को तो रोजगार बंद करने तक की नौबत आ गई है। इनमें ज्यादातर कपड़ा उद्यमी, कलर केमिकल और यार्न व्यापारी शामिल हैं। व्यापारियों ने इस बारे में कई बार जीएसटी विभाग में शिकायत की है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। इस बारे में कई व्यापारी तो कोर्ट में भी गुहार लगा चुके हैं। हालांकि विभाग के उदासीन रवैये के कारण कोई निदान नहीं निकल पा रहा है।

क्या कहता है नियम
नियम के अनुसार यदि किसी व्यापारी के यहां सर्च या सर्वे की कार्रवाई जीएसटी विभाग करता है और व्यापारी के यहां टैक्स चोरी पकड़ी जाती है तो डिपार्टमेंट टैक्स वसूली के लिए कार्रवाई कर सकता है। कई मामलों में विभाग को करदाता संपत्ति बेच देगा या टैक्स नहीं चुकाएगा इस तरह की भी आशंका होती है।

ऐसे मामलों में विभाग करदाताओं की संपत्ति और बैंक अकाउंट प्रोविजनल अटैच कर सकता है, लेकिन जैसे ही व्यापारी टैक्स चुकाता है तो या फिर एक साल में इस अटैचमेंट को रिलीज कर देना होता है, लेकिन यहां पर विभाग ने 200 से अधिक व्यापारियों के बैंक अकाउंट और संपत्ति एक साल से अधिक समय से अटैच कर रखी है।

जीएसटी विभाग की कार्रवाई के खिलाफ अब सरकार से लगाएंगे गुहार
बोगस बिलिंग की आशंका से जीएसटी विभाग बड़े ही सावधानी के साथ आगे बढ़ रहा है। अभी तक डिपार्टमेंट ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के आधार पर जीएसटी नंबर दे देता था, लेकिन अब विभाग के अधिकारी जिन मामलों में शंका होती है वहां जाकर वैरिफिकेशन कर रहे हैं। अधिकारियों ने कई मामले जिनमें कि आवेदक ने अपने घर से व्यापार करने के लिए रजिस्ट्रेशन मांगा था उसे खारिज कर दिया। नए आवेदन ही नहीं बल्कि कई पुराने मामलों में भी विभाग ने व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए। अब चैम्बर ऑफ काॅमर्स सरकार से आगामी सप्ताह में गुहार लगाएगा।

ये कहना है सीए का
कई मामलों में जिनमें कि डिपार्टमेंट को टैक्स गंवाने का भय रहता है, उनमें विभाग करदाता की संपत्ति, बैंक अकाउंट अटैच कर सकता है, लेकिन एक वर्ष के भीतर ही रिलीज कर देना होता है, लेकिन 200 से अधिक व्यापारियों के बैंक अकाउंट अभी भी 1 वर्ष से अधिक समय से रिलीज नहीं किए जाने से व्यापारी परेशान हो गए हैं। -मुकुंद चौहान, सीए

कई मामलों में तो टैक्स चुका दिए जाने के बाद भी जीएसटी अधिकारी क्रेडिट ब्लॉक कर देते हैं। बार बार गुहार लगाने के बाद भी क्रेडिट रिलीज नहीं किया जा रहा। डिपार्टमेंट के इस रवैये के कारण व्यापारी परेशान हैं। -सुशील काबरा, सीए

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