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प्रवेश प्रक्रिया:कोरोनाकाल में नर्मद यूनिवर्सिटी ने अलग-अलग फाॅर्म जारी करके छात्रों से शुरू की वसूली

सूरतएक वर्ष पहले
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  • कुलपति ने शुल्क बढ़ाया, पहले ~200 में एक साथ अप्लाई करते थे, अब हर कोर्स के लिए अलग चार्ज

नर्मद यूनिवर्सिटी के कुलपति शिवेंद्र गुप्ता छात्रों से पैसे इकट्‌ठा करने में माहिर हैं। यूनिवर्सिटी में चल रही प्रवेश प्रक्रिया की फीस को कई गुना बढ़ा दिया है। एबीवीपी के सीनेट सदस्य कनु भरवाड़ ने पत्र लिखकर छात्रों को फीस वापस लौटाने का मांग की है। कनु भरवाड़ ने कहा कि कुलपति शिवेंद्र गुप्ता के इस निर्णय से छात्रों को भारी नुकसान होगा। 

जानकारी के अनुसार यूनिवर्सिटी में बीए, बी-कॉम, बीएससी, बीबीए, बीसीए और एमएससीआईटी में प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है। सीनेट सदस्य कनु भरवाड़ ने बताया कि पहले छात्र 200 रुपए फीस जमा करके बीए, बी-कॉम, बीएससी, बीबीए, बीसीए में एक साथ अप्लाई कर सकते थे, पर अब अलग-अलग कोर्स में अप्लाई करने के लिए अलग से 200-200 रुपए चार्ज चुकाने होंगे। यानी कि यदि छात्र बीए के साथ बीबीए में अप्लाई करता है तो उसे 400 रुपए चुकाने होंगे, जबकि पहले दोनों कोर्स के लिए केवल 200 रुपए ही देने पड़ते थे।

इससे छात्राें की परेशानी बढ़ गई है। कोरोनाकाल में छात्रों की मदद करने की बजाय कुलपति खुलेआम लूट रहे हैं। चॉइस चार्ज की जानकारी न तो छात्रों को दी गई और नही सिंडीकेट के सदस्यों को इस बारे में कुछ बताया गया। कनु भरवाड़ ने कहा कि बुधवार को कुलपति शिवेंद्र गुप्ता, इंचार्ज रजिस्ट्रार राजेंद्र पटेल से मुलाकात करके छात्रों को रुपए वापस लौटाने की मांग करेंगे।

आरोप: सिंडीकेट की न बैठक बुलाते हैं न ही किसी मुद्दे पर चर्चा करतें हैं 
कुलपति शिवेंद्र गुप्ता ने पिछले तीन महीने से एक भी बार सिंडीकेट की बैठक नहीं बुलाई। परीक्षा रद्द करने और प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय उन्होंने खुद ही लिया है। इस पर सिंडीकेट के सदस्यों से कोई चर्चा नहीं की। नाराज सिंडीकेट के सदस्यों ने कहा कि आने वाले दिनों से राज्यपाल और शिक्षा विभाग से इसकी शिकायत करेंगे।

कुलपति कोई जवाब भी नहीं दे रहे  
कोरोनाकाल में यूनिवर्सिटी में एक के बाद एक समस्याएं सामने आ रही हैं। इस मामले में जब भी कुलपति शिवेंद्र गुप्ता से बात करने की कोशिश की जाती है तो उनका संपर्क ही नहीं हो पाता है। कुलपति न तो फोन उठाते हैं और न ही कोई जवाब देते हैं।

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