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जल संकट के बीच पर्यटकों के लिए तत्पर प्रशासन:दो माह बाद नर्मदा बांध पावरप्लांट शुरू, बोटिंग सुविधा के लिए छोड़ा गया पानी

केवडिया25 दिन पहले
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नर्मदा बांध में चलती बोट। - Dainik Bhaskar
नर्मदा बांध में चलती बोट।

कोरोना काल के बीच वर्तमान में पॉजिटिव केस न के बराबर है जिसके चलते सरकार की ओर से पर्यटन स्थलों को खुला किया गया है। जिससे स्टेच्यू ऑफ यूनिटी और केवडिया के अन्य स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ सर्वाधिक आकर्षण कर रही है। ऐसा कह सकते है कि राज्य में एक दिन में 30 से 35 हजार पर्यटक दर्ज हो रहे है। ऐसे में बड़ी मात्रा में केवडिया में आने वाले पर्यटकों को बोटिंग की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नर्मदा में पानी छोड़ना जरूरी है।

नर्मदा बांध का दो महीनों से बंद बिजलीघर शुरू करने के बाद हजारों क्यूसेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नर्मदा डैम से वीयरडैम तक 12 किलोमीटर का सरोवर पानी से लबालब हो गया है। इसलिए यहां बोटिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है। नर्मदा नदी के गोरा किनारे एक सुंदर घाटी बन रही है।

इधर, नर्मदा घाट का काम चल रहा था इसके लिए नर्मदा नदी खाली कर दी गई थी इसलिए रिवरबेड पावरहाऊस बंद कर दिया गया था। अब नर्मदा घाट का काम पूरा होने के बाद केवडिया से स्टेच्यू ऑफ यूनिटी तक जलमार्ग शुरू कर क्रूज बोट सेवा शुरू की गई है। इसके साथ ही नर्मदा घाट पर आरती का भी रिहर्सल भी किया जाएगा।

अभी भी 47 प्रतिशत ही भरा हुआ है नर्मदा डैम
नदी का मुख्य प्रवाह को शुरू करने और वीयरडेम का 12 किलोमीटर सरोवर भरने के लिए रिवरबेड पावर हाऊस को 26 अगस्त से शुरू किया गया। जिसमें लगभग 12 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होने पर नदी के मुख्य प्रवाह में पानी का स्तर बढ़ने पर 12 किलोमीटर का वीयर डैम विस्तार में जल भरा गया है। वर्तमान में पानी का संग्रह जरूरी है क्योंकि आगामी समय में अच्छी बारिश नहीं हुई तो जलसंकट की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
नर्मदा डैम के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में 28 सेमी की बढ़ोत्तरी हुई है। डैम का जलस्तर 115.95 मीटर तक पहुंचा है। ऊपरी क्षेत्र से पानी की आवक 27177 क्यूसेक है जिसकी तुलना मुख्य कैनाल में 13124 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। कुल पानी का जत्था स्टोरेज 4339.53 मिलीयन क्यूबिक मीटर है यानि की लगभग 47 प्रतिशत भरा हुआ कह सकते है।

इधर, महेसाणा के धरोई डैम में 14 फीट पानी, जून महीने तक ही मिल सकेगा
उत्तरी गुजरात में बारिश नहीं होने के कारण तीन जिलों के लिए जीवन रेखा माने जाने वाले धरोई बांध में भी पानी में रोजाना गिरावट आ रही है। ऊपरी क्षेत्र में भी बारिश नहीं होने के कारण गुजरात के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। अगस्त महीना पूरा होने जा रहा है इसके बावजूद ठीक से बारिश नहीं होने कसे उत्तर गुजरात के जलाशयों में पानी की कमी दर्ज की जा रही है।

महेसाणा जिले के सतलासणा के पास स्थित धरोई डैम में बीते साल की तुलना में इस साल बारिश नहीं हुई है। उत्तर गुजरात में इस साल मानसून के कारण धरोई डैम में नया पानी नहीं आ सका। जिसके कारण धरोई डैम में वर्तमान में पीने के लिए पानी का जत्था उपलब्ध रखा गया है। सिंचाई के लिए धरोई डैम में उपलब्ध होने वाला पानी बंद कर दिया गया है।

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