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ग्राउंड रिपोर्ट:हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद गुजरात में नहीं सुधरे हालात, प्राइवेट वाहनों से आने वाले मरीजों को नहीं किया जा रहा एडमिट

अहमदाबाद6 महीने पहलेलेखक: अनिरूद्ध सिंह मकवाणा
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अस्पताल में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए परिजन। दूसरी फोटो में सुरक्षाकर्मियों से हाथापाई से घायल ऑटो चालक और ऑटो में पड़ी हूईं 70 साल की वृद्धा, जिन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल रही। - Dainik Bhaskar
अस्पताल में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए परिजन। दूसरी फोटो में सुरक्षाकर्मियों से हाथापाई से घायल ऑटो चालक और ऑटो में पड़ी हूईं 70 साल की वृद्धा, जिन्हें ऑक्सीजन नहीं मिल रही।

तस्वीर में दिखाई दे रहे ये हालात अहमदाबाद के धनवंतरी कोविड हॉस्पिटल के हैं, जिसे केंद्र और राज्य सरकार से सहयोग से शुरू किया गया है। मरीजों के परिजन अस्पताल के अंदर एंट्री करने की कोशिश कर रहे हैं और सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा उन्हें रोकने की कोशिश की जा रही है। ये हालात तब हैं, जब दो दिन पहले ही गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट आदेश दिया है कि अस्पताल से मरीज लौटाए न जाएं और उनके तात्कालिक इलाज की व्यवस्था की जाए।

रजिस्ट्रेशन करने के बाद टोकन लो और अपनी बारी का इंतजार करो
इस बारे में अस्पताल का कहना है कि बेड सारे फुल हो चुके हैं और बाहर मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा है। इसके चलते प्राइवेट वाहनों से आने वाले मरीजों के परिजनो से पहले रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने, टोकन लेने के बाद अपनी बारी का इंतजार कहने के लिए कहा गया है।

एक परिजन ने बताया कि तीन दिन से अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई अस्पताल उन्हें एडमिट नहीं कर रहा।
एक परिजन ने बताया कि तीन दिन से अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई अस्पताल उन्हें एडमिट नहीं कर रहा।

ऑटो चालक ने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की
बुधवार शाम को धनवंतरी हॉस्पिटल के बाहर जमकर हंगामा हुआ। दरअसल, एक परिवार यहां 70 वर्षीया वृद्धा को एडमिट करवाने पहुंचा था। वृद्धा को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने इंतजार करने की बात कही, जिससे परिजन भड़क गए और सुरक्षा घेरे को तोड़कर अस्पताल में एंट्री करने की कोशिश की। हालांकि, वे असफल रहे, जिसके बाद लोगों की भीड़ ने जमकर हंगामा मचाया।

जब हाईकोर्ट ने आदेश दिया है तो एंट्री क्यों नहीं दी जा रही : परिजन
वृद्ध मरीज के परिजनों का यही कहना था कि जब हाईकोर्ट ने खुद यह आदेश दे रखा है कि किसी भी गंभीर मरीज को अस्पताल में भर्ती करने या उसका प्राथमिक उपचार करने से मना नहीं किया जा सकता तो डॉक्टर अस्पताल के बाहर ही इलाज क्यों नहीं कर रहे।

मंगलवार को गुजरात हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि कोई भी हॉस्पिटल गंभीर मरीज को एडमिट करने या उसका उपचार करने से मना नहीं कर सकता।
मंगलवार को गुजरात हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि कोई भी हॉस्पिटल गंभीर मरीज को एडमिट करने या उसका उपचार करने से मना नहीं कर सकता।

तीन दिन से अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं
ऑक्सीजन की तकलीफ से जूझ रहीं वृद्धा के एक परिजन ने बताया कि आज (बुधवार को) तीसरा दिन है। मां को बहुत परेशानी है। रोजाना उनके लिए किसी तरह ऑक्सीजन की व्यवस्था कर रहे हैं। रोज सुबह से शाम तक अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई अस्पताल उन्हें एडमिट नहीं कर रहा। कम से कम उनकी जांच तो की ही जा सकती है।