लॉकडाउन / भूखा न सोए कोई इसलिए गरीब और जरूरतमंदों को खाना खिला रही पुलिस

No one is sleeping hungry because the police is feeding the poor and needy
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No one is sleeping hungry because the police is feeding the poor and needy

  • पुलिस सख्ती से करवा रही है सरकारी आदेश का पालन, रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ी बुलाई 
  • पुलिस ने पैदल गांव जा रहे लोगों को मोबाइल वैन में बैठाकर कामरेज पहुंचाया, खाना भी खिलाया

दैनिक भास्कर

Mar 27, 2020, 12:10 PM IST

सूरत.  पुलिस सख्ती से लॉकडाउन पर पालन करवा रही है। बंद के दौरान जो घर से बाहर निकलकर सड़क पर घूम रहे हैं, बाइक चला रहे हैं, समझाने पर भी नहीं मान रहे हैं पुलिस उन्हें डंडे से भी पीट रही है। लॉकडाउन की वजह से दिहाड़ी मजदूरी करने वाले, फुटपाथ पर रहने, गरीब और असहाय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। सब कुछ बंद होने के कारण लोगों को खाना तक नहीं मिल पा रहा है। गरीब और लाचार लोगों की परेशानी को देखते हुए पुलिस उनकी पूरी मदद भी कर रही है। गरीबों को खाना पहुंचा रही है, महिलाओं, मजदूरों को अस्पताल और उनके घर तक पहुंचा रही है।

पुलिस ने परिवार के साथ पैदल जा रहे मजदूरों को मोबाइल वैन में बैठाकर कामरेज तक पहुंचाया, ताकि उन्हें अपने गांव तक जाने का साधन आसानी से मिल सके। इसके अलावा पूरे शहर में गलियों-मोहल्लों में भीड़ जुटाने वालों पर पुलिस ड्रोन से नजर रख रही है। लॉकडाउन पर किसी नागरिक को कोई परेशानी न हो इसके लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किया है। बिना काम बाइक से सड़क पर घूमने वालों को पीट रही है और चालान भी काट रही है। कोरोना वायरस को देखते हुए पुलिस भीड़ नहीं इकट्‌ठा होने दे रही है, लोगों को घरों में रहने की सलाह दे रही है। शहर में रैफिड एक्शन फोर्स की टुकड़ी भी बुलाई गई है। 

राहत किट: गोडादरा के हलपतिवास में लिंबायत पुलिस ने घर-घर बांटे किट 
पुलिस गरीब और लाचार लोगों को खाना खिलाने के साथ-साथ उन्हें घर तक पहुंचाने की व्यवस्था में जुटी है। लिंबायत थाने के पुलिस इंस्पेक्टर विनोद मकवाणा की मौजूदगी में गोडादरा के हणपतिवास में रहने वाले गरीबों के घर-घर राहत किट पहुंचाए गए। सचिन जीआईडीसी के शिव नगर में रहने वाली गर्भवती महिला पैदल ही अस्पताल जा रही थी। पुलिस ने ऑटो की व्यवस्था करके महिला को अस्पताल पहुंचाया। उमरा पुलिस ने फुटपाथ पर रहने वाले गरीबों को खाना खिलाया, मजदूरों को पुलिस वैन से घर पहुंचाया। इसके अलावा महिधरपुरा पुलिस की ओर से गरीबों के लिए खाने की पूरी व्यवस्था की गई है। 

कार्रवाई: बाइक से सड़क पर घूमने वालों को डंडे से पीट रही है पुलिस
पिछले पांच दिनों से पुलिस लॉकडाउन का पालन करवाने में जुटी है। शहरवासी पुलिस की इस कार्रवाई को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं आैर बाइक लेकर सड़क पर घूम रहे हैं या फिर लोगों के साथ पैदल ही निकल रहे हैं। शहर में निषेधाज्ञा लागू है। चार से अधिक लोगों के इकट्‌ठा होने पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद लोग मनमानी कर रहे हैं। महिधरपुरा, कतारगाम, रेलवे स्टेशन के आसपास, चौक बाजार समेत शहर के सभी इलाकों में बेवजह घर से बाहर निकलने और सड़क पर घूमने वालों को पुलिस डंडे से पीटकर वापस लौटा रही है।

मदद: पुलिस ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर 
पुलिस ने आम नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। ट्रैफिक हेल्पलाइन- 7434095555, ट्रैफिक रीडर पीआई आरएम वसैया- 9909961776, ट्रैफिक एसीपी एडमिन एपी चौहान- 9978911559, ट्रैफिक डीसीपी प्रशांत सुंबे- 9099915578, पुलिस कंट्रोल रूम- 2241301, 2241302 पर संपर्क कर सकते हैं।

अपनी गाड़ी से लोगों को पहुंचा रही पुलिस 

उमरा पुलिस ने पैदल जा रहे लोगों को रोककर उनसे पूछताछ की। लोगों की परेशानी सुनने के बाद उन्हें खाना खिलाया और अपनी गाड़ी में बिठाकर कामरेज तक पहुंचाया। उमरा पुलिस पिपलोद में तैनात थी, इसी बीच कुछ लोग सामान लेकर पैदल जा रहे थे। पुलिस ने पूछताछ की तो लोगों ने बताया कि वे मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और सूरत में दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। बंद होने की वजह से कोई काम नहीं मिल रहा है। उनके पास खाने के पैसे भी नहीं हैं। वे परिवार के साथ पैदल ही कामरेज जा रहे हैं, वहां से कोई साधन मिल जाएगा। लोगों की व्यथा सुनने के बाद पुलिस ने उनके खाने की व्यवस्था की और मोबाइल वैन में बिठाकर कामरेज तक पहुंचाया। उधर, सचिन में भी कुछ लोग पैदल जा रहे थे। पुलिस ने सभी को टेम्पो में बैठाकर कामरेज तक पहुंचाया।

कलेक्टर, एसटी निगम, पुलिस ने मजदूरों के लिए की बस की व्यवस्था 
दिहाड़ी मजदूरी करने वाले हजारों लोग फंसे हुए हैं। ट्रेन, बस सब कुछ बंद होने के कारण पैदल ही गांव जाने को मजबूर हैं। कलेक्टर डॉ. धवल पटेल, कामरेज थाने के इंस्पेक्टर जेबी वनार और सूरत एसटी बस निगम ने मजदूरों को गांव तक पहुंचाने के लिए 8 सरकारी बसों की व्यवस्था की। मजदूर पैदल ही गोधरा, दाहोद, पंचमहाल और छोटा उदयपुर जा रहे हैं। मजदूरों के पास खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं थी। कलेक्टर डॉ. धवल पटेल के साथ कामरेज थाने के इंस्पेक्टर ने एसटी निगम से संपर्क करके दाहोद, गोधरा, छोटा उदयपुर और पंचमहाल के मजदूरों को नि:शुल्क बसों में बिठाकर उनके गांव तक पहुंचाया।

योजना: पुलिस ड्रोन से शहर में भीड़ पर रख रही है नजर 
लॉकडाउन के दौरान गलियों और मोहल्लों में भीड़ लगाने वालों पर पुलिस ड्रोन से नजर रख रही है। पुलिस फोर्स सड़क पर लॉकडाउन के पालन करवाने में लगी है। ड्राेन की मदद से पुलिस इलाकों में जाकर लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दे रही है।

छूट: ऑनलाइन सेवाओं की होम डिलीवरी जारी रहेगी    
स्पेशल ब्रांच के डीसीपी चिंतन तेरैया ने नोटिफिकेशन जारी करके बताया कि जामेटो, अमेजॉन, फ्लिपकार्ट, ब्लूडार्ट, स्विग्गी, ग्रोफर्स, बिग बाॅस्केट, मिल्क बाॅस्केट, बिग बाजार, डोमिनोज जैसे ऑनलाइन सेवाओं की होम डिलीवरी जारी रहेगी।

5 दिन में 1000 से अधिक लोगों की मदद कर चुकी है पुलिस 
गत रविवार, 22 मार्च को जनता कर्फ्यू से लेकर 26 मार्च तक पुलिस 1000 से अधिक लोगों की मदद कर चुकी है। पुलिस बेसहारा लोगों को खाना खिलाने, घर तक राशन पहुंचाने, मरीजों को अस्पताल तक ले जाने में मदद कर चुकी है। पुलिस अपील कर रही है कि लोग कोरोना की गंभीरता को समझें और लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर न निकलें। हम सरकारी आदेश का पालन कर रहे हैं। लोगों भी सावधानी बरतें। 

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