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मेट्रो की मनमर्जी:अभी मार्किंग तक नहीं की, 4000 पत्र लिखकर लोगों ने पूछा- हमें बताइए कहां-कितनी जमीन जाएगी

सूरत2 महीने पहले
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मेट्रो के अंडरग्राउंड मार्ग यानी चौक बाजार से सूरत स्टेशन के बीच 1400 इमारतें रूट के समानांतर, लोग चिंतित। - Dainik Bhaskar
मेट्रो के अंडरग्राउंड मार्ग यानी चौक बाजार से सूरत स्टेशन के बीच 1400 इमारतें रूट के समानांतर, लोग चिंतित।
  • मेट्रो प्रशासन लोगों को जमीन देने के लिए समझा रहा, लेकिन अभी तक कलेक्टर को अधिग्रहण की फाइल तक नहीं भेजी

सूरत मेट्रो परियोजना के लाइन-1 का काम शुरू है, लेकिन अभी तक जमीन की मार्किंग तक नहीं की गई है। इससे वे लोग तो परेशान हैं ही, जिनकी जमीनें प्रोजेक्ट में जाएंगी, साथ ही वे लोग भी असमंजस में हैं जो रूट के आसपास रह रहे हैं। अब लोग मनपा और सूरत मेट्रो रेल कार्पोरेशन (एसएमआरसी) को अर्जियां देकर पूछ रहे हैं कि हमारी कितनी जमीन जाएगी? जाएगी भी या नहीं? इस तरह के रोज 30 से 40 अर्जियां आ रही हैं। पिछले तीन महीने में सूरत मेट्रो प्रशासन को सूडा भवन ऑफिस में लगभग 2500 अर्जियां आई हैं।

इसी तरह मनपा के पास अब तक 1500 से ज्यादा अर्जियां आ चुकी हैं। ड्रीम सिटी से कादरशाह की नाल के बीच 11 किमी का मेट्रो एलिवेटेड रूट बनाया जा रहा है, जबकि चौक बाजार से सूरत स्टेशन तीन किमी अंडरग्राउंड रूट तैयार किया जा रहा है। इसमें कुल 806 निजी संपत्तियां प्रभावित हो रही हैं, लेकिन जमीन की मार्किंग अभी तक नहीं होने से लोग असमंजस में हैं। इसमें सूरत मेट्रो के अंडरग्राउंड मार्ग यानी चौक बाजार से सूरत स्टेशन के बीच 1400 इमारतें रूट के समानांतर हैं।

लोगों का कहना है कि अभी तक मेट्रो अधिकारियों ने आधिकारिक मार्किंग नहीं की है, जिससे हमें पता नही चल पा रहा है कि आखिर कितनी जमीन इसमें जा रही है। सूरत मेट्रो प्रशासन का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से संबंधित फाइल अभी तक कलेक्टर को नहीं भेजी है। अभी हम लोगों को समझा रहे हैं और उन्हें जमीनें देने के लिए तैयार कर रहे हैं।

लोग पूछ रहे पर अधिकारी जवाब नहीं दे रहे
सूरत मेट्रो प्रशासन को सूडा भवन ऑफिस में रोज 30 से 40 ऐसी अर्जियां आ रही हैं। इसी तरह मनपा को भी लोग अर्जियां करके लोग पूछ रहे हैं कि उनकी जमीन की असल स्थिति क्या है। अधिकतर अर्जियां ऐसी हैं, जिनमे लोग असमंजस में हैं और जानना चाह रहे है कि आखिर कितनी जमीन जा रही है और जा भी रही है या नहीं। मेट्रो प्रशासन ने इस परियोजना में जिन प्रभावितों की जमीन जा रही है। उनका कहना है कि अब तक किसी प्रकार की आधिकारिक मार्किंग करके हमें कोई जानकारी नहीं दी जा रही है।

अधिकारी बोले- अभी प्रक्रिया चल रही है
सूरत मेट्रो रेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सूरत मेट्रो परियोजना में कई जगह मनपा, कई जगह राज्य सरकार की जमीन है। कलेक्टर को पत्र लिखने से पहले मनपा से जमीन आईडेंटिफाई कराना होता है। इससे पता चल जाता है कि टीपी प्लान या अन्य कोई योजना में जमीन तो नही है। कलेक्टर को पत्र लिखने की प्रक्रिया चल रही है। अभी तक इस संबंध में पत्र नहीं भेजा गया है। मेट्रो के इस ढिलमुल रैवये से रूट के लोग परेशान हैं। वे अपने घरों का काम या नया निर्माण नहीं करा पा रहे हैं।

अंडरग्राउंड मार्ग के लिए जनवरी में लाॅन्च होगी टीबीएम
मेट्रो परियोजना लाइन-1 के चौक बाजार से सूरत स्टेशन तक पहले तीन किमी अंडरग्राउंड मार्ग के लिए सूरत स्टेशन के पास गाइड वॉल बनाने की तैयारी हो चुकी है। अब जनवरी 2022 से यहां टीबीएम मशीन को लांच करने की तैयारी है। सूरत मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एसएमआरसी) के अधिकारियों ने बताया कि यह मशीन कई हिस्सों में सूरत आई थी। यह जमीन के 16 से 28 मीटर गहराई में अंदर 6.5 मीटर के व्यास में जमीन को काटते हुए आगे बढ़ेगी। यह कंक्रीट का लेयर भी बनाते चलेगी।

छह माह से स्थिति जानने की कोशिश कर रहे हैं
चौक बाजार में एंड्र्यू लाइब्रेरी के पीछे हमारे घर के सामने ही रोड पर मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट का काम शुरू है। हमें ये बताया गया है कि हमारे घर का कुछ हिस्सा जाएगा लेकिन कितना ये पिछले 6 महीने से हम जानने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बता नहीं रहे है। हम अर्जी देकर पूछ रहे हैं कि हमारे घर का कितना हिस्सा जाएगा।
-मेल्विन थॉमस, परियोजना प्रभावित

मेट्रो के अधिकारियों ने पिछले दो महीने से इस संबंध में कोई बात नहीं की। उनके लोगों से जब हम साइट पर इसके बारे में पूछते हैं तो वे कहते हैं हमें नहीं पता कि आपकी जमीन कितनी जा रही है। अब हम अर्जियां डालकर असमंजस की स्थिति स्पष्ट करना चाह रहे हैं कि हमारी जमीन जा रही है या नहीं, अगर जा रही है तो कितनी।
-साबिर, परियोजना प्रभावित

हमने मई में ही अर्जी डाली थी, जिसके जवाब में अधिकारियों ने कहा कि जमीन अधिग्रहण अधिकारी ही यह बता पाएंगे और उसी वक्त आपको अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। अब तक कोई मार्किंग नहीं की गई। हमारी जमीन जानी तय है, पर कितनी नहीं बता रहे। -इमरान पटेल, परियोजना प्रभावित

जमीन अधिग्रहण से संबंधित जो भी काम हो रहा उसकी जानकारी हम अपने उच्चाधिकारियों से बात करके ही दे पाएंगे। जिन लोगों की जमीन प्रोजेक्ट में आ रही है अभी उन्हें समझाने का काम चल रहा है। -अंकुर पाठक, प्रवक्ता, गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन

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