नायका की फाउंडर का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू:फाल्गुनी नायर बोलीं- वन स्टॉप फैशन डेस्टिनेशन बना नायका, जल्द एक और सेगमेंट जोड़ा जाएगा

सुरेंद्रनगरएक महीने पहलेलेखक: मनीष पारीक
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ब्यूटी स्टार्टअप नायका की फाउंडर फाल्गुनी नायर सोमवार को अपने गृहनगर हलवद पहुंचीं। यहां उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इसमें उन्होंने नायका की शुरुआत से लेकर आगे के विजन पर बात की। उन्होंने बताया कि नायका फैशन ने किड्सवियर और मेन्सवियर जैसी नई कैटेगरी में एंट्री की है। इस सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ दिख रही है।

फाल्गुनी को नायका के IPO में शानदार कामयाबी मिली थी। IPO के बाद वह भारत की 7वीं महिला अरबपति बन चुकी हैं। फोर्ब्स ने उन्हें दुनिया की 100 सबसे ताकतवर महिलाओं में भी शामिल किया है। पढ़िए बचपन की यादों से लेकर नायका की कामयाबी तक फाल्गुनी ने क्या कहा...

भास्कर: नायका की प्रेरणा आपको कहां से मिली?
फाल्गुनी: मैंने अपने पिता को कम उम्र से ही एक छोटी बेयरिंग कंपनी चलाते देखा था। यही वजह है कि मेरे मन में बचपन से ही बिजनेस करने का ख्याल था। मेरी स्कूली पढ़ाई न्यू ऐरा स्कूल से हुई। ग्रेजुएशन की डिग्री सिडेनहैम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ली। बाद में मैंने IIM-अहमदाबाद से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया। IIM में ही पति संजय नायर से मेरा परिचय हुआ। अभी संजय नामचीन इन्वेस्टमेंट बैंकर और नायका के प्रमोटर भी हैं।

भास्कर: नायका के लिए आपका विजन क्या है?
फाल्गुनी: वित्त वर्ष 2020-21 में बेचे गए प्रोडक्ट के मूल्य के मामले में नायका अब भारत का सबसे बड़ा स्पेशियलिटी ब्यूटी और पर्सनल केयर प्लेटफॉर्म है। ब्यूटी सेगमेंट में दबदबा बनाने के बाद नायका ने फैशन को भी अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर लिया है।

नायका फैशन ने किड्सवियर और मेन्सवियर जैसी नई कैटेगरी में प्रवेश किया है। इस तरह नायका वन स्टॉप फैशन डेस्टिनेशन बनता जा रहा है और इसमें जल्द ही एक और सेगमेंट जोड़ा जाएगा।

भास्कर: आपके करियर की शुरुआत कैसे हुई?
फाल्गुनी: IIM के बाद, मैंने कोटक महिंद्रा बैंक में इन्वेस्टमेंट बैंकर के तौर पर करियर शुरू किया। इसके बाद UK और US में कारोबार संभाला। कोटक महिंद्रा के भारत में लीडिंग बैंकर बनने के सफर को मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में मैंने करीब से देखा। कंपनी में 18 साल के अनुभव के बाद मैंने अपना खुद का बिजनेस शुरू किया।

50 साल की उम्र में मुझे भारत में एक मल्टी-ब्रांड रिटेल फॉर्मेट की जरूरत महसूस हुई, जो कंज्यूमर्स को घर बैठे ब्यूटी प्रोडक्ट्स के बारे में बता सके। इसीलिए मैंने Nykaa.com की शुरुआत की, जो आज ई-कॉमर्स और लाइफ स्टाइल का पर्याय है। संस्कृत के शब्द 'नायक' से ही नायका का कॉन्सेप्ट लिया गया है।

भास्कर: हलवद का आपकी यादों से क्या संबंध है?
फाल्गुनी: हलवद मेरा गांव है। बचपन में हर गर्मी की छुट्टी में आया करती थी। मेरी दादी यहीं रहती थीं। मुझे हवेली बहुत पसंद थी। इसलिए बचपन में दादी के साथ दिन में एक या दो बार हवेली जाया करते थे। जब मैं हलवद में होती थी तो रोजाना पीठड माताजी के दर्शन करने आती थी। दादी के साथ रहना बहुत यादगार पल हैं। बचपन में शौक के लिए मैं सिर पर घड़ा रखकर पानी लेने भी जाती थी।

भास्कर: हलवद और पीठड माताजी की आस्था के बारे में कुछ बताइए?
फाल्गुनी: जब भी मैं गुजरात आती हूं तो हमेशा पीठड माताजी के मंदिर दर्शन करने और अपने दादाजी के पुराने घर पर आती हूं। पीठड माताजी के दर्शन कर धन्य महसूस करती हूं।

भास्कर: हलवद की महिलाओं को क्या संदेश देना चाहेंगीं?
फाल्गुनी: आज की युवतियों और महिलाओं से सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि कामयाबी तभी मिलती है, जब आप अपने दम पर आगे बढ़ें और लक्ष्य तय करके दृढ़ संकल्प के साथ मेहनत करें। महिलाओं को अपने सपनों के लिए प्रतिबद्ध होने और चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूती के साथ खड़े रहने की जरूरत है। किसी भी काम में रातों-रात सफलता नहीं मिलती। बिजनेस में उतार-चढ़ाव से निराश नहीं होना चाहिए।