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  • Our Strongest Claim For Textile Park Is Because 40% Of The Country's Textile Is Being Manufactured, 15 Lakhs Are Getting Jobs.

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कपड़ा मंत्री को चैंबर का पत्र:टेक्सटाइल पार्क की सबसे मजबूत दावेदारी हमारी, क्योंकि देश का 40% कपड़ा बन रहा, 15 लाख को रोजगार मिल रहा

सूरतएक महीने पहले
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टेक्सटाइल - Dainik Bhaskar
टेक्सटाइल
  • सूरत में कच्चा माल, लेबर से लेकर मशीनरी तक सारा इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद
  • टेक्सटाइल पार्क के लिए चैंबर ने सुझाई जमीन

टेक्सटाइल पार्क की देश में सबसे मजबूत दावेदारी हमारी है, क्योंकि यहां जमीन से लेकर मशीनरी तक सारी सुविधाएं मौजूद हैं। देश का 40% कपड़ा यहीं बन रहा है और 15 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। यहां टेक्सटाइल पार्क बन जाने से तीन साल में 50 हजार करोड़ रुपए का निवेश और 3 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

सूरत ने टेक्सटाइल पार्क के लिए केंद्र सरकार के सामने अपनी दावेदारी कर दी है। दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को पत्र लिखकर कहा है कि सूरत या भरूच में एक मेगा इंटीग्रेटेड कपड़ा क्षेत्र और एपेरल पार्क बनाया जाए। इस तरह का पार्क कम से कम 1000 एकड़ भूमि में स्थापित किया जा सकता है।

दक्षिण गुजरात में इसके लिए दो स्थानों को चिन्हित किया गया है, जो राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार सरकारी कब्जे में हैं। इसके आवंटन पर विचार किया जा सकता है। इन दोनों स्थानों में सूरत जिले का गभेणी गांव और भरूच जिले की हांसोट तहसील का कांतियाझाल गांव शामिल हैं।

चैंबर ने अपने पत्र में कहा है कि सूरत में यार्न विनिर्माण-प्रसंस्करण से लेकर कपड़ा उत्पादन, रंगाई और छपाई, एम्ब्रॉइडरी एंड स्टोन वर्क का काम होता है। सूरत की आधी आबादी कपड़ा उद्योग से जुड़ी है। यहां पॉलिएस्टर, नायलॉन और एमएमएफ के लिए विभिन्न सामग्रियां उपलब्ध हैं। सूरत में मैन मेड फाइबर का इतिहास 50 साल पुराना है। देश में मैन मेड फाइबर का 65% उत्पादन यहीं होता है।

पार्क से 3 साल में 50 हजार करोड़ का निवेश, 3 लाख को रोजगार मिलेगा

  • देश में मैन मेड फाइबर का 65 प्रतिशत उत्पादन यहीं हो रहा
  • सिंथेटिक और कपास बुनाई के अलावा इसके सभी प्रसंस्करण की सुविधा
  • देश के कुल कपड़ा उत्पादन में 40% का योगदान
  • 7 लाख पावर लूम, 1.20 लाख एम्ब्रॉइडरी मशीन और 50,000 शटल-लूम्स
  • टीएफओ, ऑटोमेटिक वॉर्पिंग, रेपियर लूम और प्रोसेसिंग मशीनरी अब यहीं बन रही हैं
  • टेक्सटाइल इंडस्ट्री 15 लाख लोगों को रोजगार दे रही है
  • पार्क बनने से 50 हजार करोड के निवेश की संभावना, 3 लाख रोजगार सृजित होगा

गभेणी गांव: 1500 62.48 लाख वर्गमीटर जमीन उपलब्ध

  • सर्वे नं. 483 और 484 पर 62.48 लाख वर्गमीटर यानी 1500 एकड़ जमीन उपलब्ध है
  • नेशनल हाईवे 48 यहां से 23.8 किमी दूर है।
  • नेशनल हाईवे 53 यहां से 5.6 किमी दूर है।
  • सूरत रेलवे स्टेशन 16.6 किमी और एयरपोर्ट 17.5 किलोमीटर दूर है।
  • अडाणी, हजीरा पोर्ट की दूरी यहां से 38.5 किमी दूर है।

कांतियाझाल गांव: 2041.89 लाख वर्गमीटर जमीन उपलब्ध

  • भरूच जिले के हांसोट तहसील के कांतियाझाल गांव में सर्वे नं. 338 में 2041.89 लाख वर्गमीटर जमीन है।
  • नेशनल हाईवे-48 यहां से 48.2 किमी दूर है।
  • नेशनल हाईवे-53 यहां से 67 किमी दूर है।
  • कोसंबा रेलवे स्टेशन 37.3 किमी और सूरत एयरपोर्ट 68 किमी दूर है।
  • अडानी हजीरा पोर्ट 76.9 किमी की दूरी पर है

देश के हर कोने के लोगों को यहां मिल रहा रोजगार
सूरत में प्रवासियों की संख्या यहां की कुल आबादी का लगभग 50 प्रतिशत है। भारत के पश्चिम, उत्तर, उत्तर-पूर्व, दक्षिण या पश्चिम के हर कोने से लोग यहां बसे हैं। इनमें से अधिकांश कपड़ा उद्योग से जुड़े हैं।

हमारे यहां टेक्सटाइल पार्क बन जाता है तो, तीन साल में 50 हजार करोड़ रुपए का निवेश हो सकता है। यही नहीं तीन लाख लोगों को रोजगार भी मिलने की संभावना है।
-भरत गांधी, अध्यक्ष फियासी

टेक्सटाइल हब बन सकता है सूरत

सूरत में सिंथेटिक बुनाई और कपास बुनाई के अलावा इसके प्रसंस्करण की सुविधा है। उत्पादों के लिए व्यवसाय का आकार बहुत बड़ा है। हर दिन 4 करोड़ मीटर कपड़े का उत्पादन हो रहा है। यह देश में रोज के कपड़ा उत्पादन का 40% है। 7 लाख पावर लूम, 1 लाख 20 हजार एम्ब्रॉइडरी मशीन और 50,000 शटल-लूम्स हैं। उद्योगपतियों द्वारा कपड़ा उद्योग में महत्वपूर्ण निवेश किया जा रहा है।

कपड़ा मशीनरी निर्माण का केंद्र भी सूरत
कपड़ा उद्योग से संबंधित प्रिपरेटरी मशीनरी जैसे कि टीएफओ, ऑटोमेटिक वॉर्पिंग, रेपियर लूम और प्रोसेसिंग मशीनरी जैसे रंगाई और छपाई मशीनरी अब सूरत में बन रही हैं। सूरत अब कपड़ा मशीनरी विनिर्माण का केंद्र भी बन गया है। मशीनरी निर्माता भी टेक्सटाइल क्षेत्र में हैं।

स्थानीय उत्पाद वैश्विक ब्रांड बनेंगे

सूरत में एसआईटीपी देश का सबसे सफल कपड़ा पार्क है। यह विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेगा। नए मेगा टेक्सटाइल पार्क से स्थानीय उत्पादन को और मजबूती मिलेगी। यह स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को विकसित करेगा और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक ब्रांडों में बदलने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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