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सोशल मीडिया पर दोस्ती और फिर वीडियो काॅल का खेल:आपत्तिजनक फोटो-वीडियो निकाल लोगों से ऐंठ रहे पैसे, अब तक 450 से ज्यादा शिकायतें

सूरत3 महीने पहलेलेखक: दुर्गेश तिवारी
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  • ऐसे जाल में फंसने वालों में छात्र, नेता और बड़े-बड़े कारोबारी शामिल हैं
  • कई लोग लाखों रुपए गंवाने के बाद पहुंच रहे हैं पुिलस के पास
  • 60 से ज्यादा मामले तो साइबर पुलिस के पास भी पहुंच चुके हैं

शहर में इन दिनों सोशल मीडिया पर दोस्ती करने के बाद वीडियो कॉल के जरिए लोगों को फंसाने का मामला तेजी से सामने आ रहा है। दरअसल, दोस्ती के नाम पर आपके आपत्तिजनक फोटो या वीडियो निकालनेे बाद आपको ब्लैकमेल करके पैसे की डिमांड की जाती है। अब तक 450 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इनमें 60 ऐसे बड़े मामले हैं जिन पर साइबर क्राइम की नजर है।

पुलिस के अनुसार हाल फिलहाल में सेक्सटॉर्शन के मामले काफी बढ़ गए हैं। हालांकि इस तरह के मामले बहुत कम दर्ज कराए जाते हें। लोग शर्मिंदगी से बचने के लिए इन मामलों को दर्ज कराने से बचते हैं। यही कारण है कि लोग पैसे सामने वाले को देते चले जाते हैं, जब तक पुलिस तक बात पहुंचती है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है।

अब तक अलग-अलग थानों में 450 लोग ऐसे मामलों को लेकर अर्जी दे चुके हैं। पुलिस के अनुसार अर्जी देने वालों में स्टूडेंट्स से लेकर नेता और बड़े-बड़े कारोबारी भी ऐसे जाल में फंस चुके हैं और लाखों रुपए गंवा चुके हैं।

इस मामले में पुलिस कई बार दूसरे राज्यों में भी छापेमारी कर चुकी है, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है। अब इस तरह के मामलों से बचाने के लिए पुलिस जागरूकता अभियान शुरू करने वाली है। इसमें लोगों को बताया जाएगा कि किस तरह इस तरह की ठगी से खुद को बचाया जा सकता है।

ये तो बस कुछ आंकड़े हैं...लोग शर्मिंदगी से बचने के लिए शिकायत ही नहीं करते

  • 55 साल के व्यापारी को जनवरी महीने में सोशल मीडिया पर फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। एक्सेप्ट करने के बाद वीडियो कॉल पर बात हुई थी। झांसे में आकर व्यापारी ने अपने आपत्तिजनक तस्वीर शेयर कर दिए। इस बात का फायदा उठाकर महिला ने पैसे मांगे। व्यापारी ने 1.20 लाख रुपए दे दिया, फिर परेशान होकर पुलिस में शिकायत की।
  • 19 साल के छात्र को भी रिक्वेस्ट आई। उसने अपना नंबर शेयर कर दिया। इसके बाद उनके बीच वीडियो कॉल हुआ। इसके बाद युवक का आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर उसके परिवार और दोस्तों को शेयर करने की धमकी दी गई। इसके बाद युवक ने अपना मोबाइल, बाइक बेचकर 70 हजार रुपए दे दिए।
  • जून महीने में भाजपा के एक पार्षद भी इस तरह के जाल में फंस चुके हैं। सोशल मीडिया पर वह भी ऐसे ही चकमा खाकर पैसे गंवा चुके हैं। दरअसल, उनको तब पता चला जब एक अश्लील वीडियो वायरल हुआ था। हालांकि उन्हें इसका खामियाजा भगुतना पड़ा। क्योंकि इस मामले में उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया था।

अगर आप फंस गए हैं तो क्या करें, बता रही हैं साइबर एक्सपर्ट डॉ. स्नेहल वकीलना

  • आप अपने अकाउंट से पोस्ट करें कि कोई आपके फोटो से छेड़छाड़ कर अश्लील वीडियो में इस्तेमाल कर ब्लैकमेल कर रहा है।
  • इसके बाद अपने पोस्ट में जिस अकाउंट से ब्लैकमेल किया जा रहा है उसका लिंक जोड़कर लोगों से भी सतर्क रहने को कहें और साथ ही अकाउंट को रिपोर्ट करें।
  • इसके बाद अपना प्रोफाइल लॉक कर लें और सामने वाले को अनफ्रेंड कर उस अकाउंट को रिपोर्ट कर ब्लॉक कर दें।
  • अगर मैसेजिंग एप्लीकेशन से भी जुड़ गए हैं तो दोनों के बीच हुई चैट का स्क्रीन शॉट जिसमें वीडियो न दिख रहा हो उसे आप सोशल मीडिया के हेल्प सेंटर में जाकर रिपोर्ट कर दें।
  • इससे फायदा यह होगा कि वह अब इस तरह के वीडियो को किसी के साथ शेयर नहीं कर सकेगा। लेकिन तुरंत पुलिस को शिकायत जरूर करें।

पुलिस क्या कहती है, आप आपना अकाउंट 7 दिन के लिए डी-एक्टिव कर दें
इस बारे में एक पुलिसकर्मी ने बताया कि प्रोफाइल लॉक करने के बाद यदि सोशल मीडिया पर ब्लैकमेल करने वाले के बारे में रिपोर्ट कर दी गई है तो इसके बाद अपना सोशल मीडिया अकाउंट भी कम से कम 7 दिनों के लिए डी-एक्टिव कर दें। साथ ही सावधानी के लिए संभव हो तो मोबाइल नंबर भी बंद ही रखें। क्योंकि अलग-अलग नंबर से ऐसे लोग आपको फोन कर सकते हैं। ​​​​​​​

पर पुलिस मानती है, ऐसे मामलों में आरोपी को पकड़ना बहुत मुश्किल
पुलिस ने बताया कि ऐसे मामलों में लोगों को पकड़ना मुश्किल होता है। सोशल मीडिया के जरिए वीडियो कॉल और डमी सिम कार्ड का इस्तेमाल किए जाने से न तो सही नाम का पता चल पाता है और न ही सही लोकेशन का। इस मामले में कई बार पुलिस राजस्थान के भरतपुर के पास से खाली हाथ लौट चुकी है। पुलिस के अनुसार इन दिनों डमी सिम के कारण तरह के मामले काफी बढ़ गए हैं।

बदनामी के डर से नहीं आते लोग: ऐसे मामलाें में बदनामी के डर से लोग सामने से मामला दर्ज करवाने के लिए नहीं आते हैं। समाज में इज्जत जाने के डर से वह सामने वाले को पैसा देते चले जाते हैं, आखिरकार तंग होकर उन्हें फिर पुलिस की मदद लेनी ही पड़ती है।

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