पीएम मोदी की उत्तर गुजरात में आज 3 रैलियां:पालनपुर के 'पी' को बताया- 'पर्यटन', 'पर्यावरण', 'पानी', 'पशुधन' और 'पोषण'

पालनपुर13 दिन पहले
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मंगलवार को पीएम ने दाहोद, मेहसाणा, वडोदरा और भावनगर में की थीं 4 सभाएं। - Dainik Bhaskar
मंगलवार को पीएम ने दाहोद, मेहसाणा, वडोदरा और भावनगर में की थीं 4 सभाएं।

गुजरात विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताबड़तोड़ रैलियों का दौर जारी है। मंगलवार को गुजरात पहुंचे पीएम आज उत्तर गुजरात में चार चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। पहली चुनावी रैली को संबोधित करने वे पालनपुर पहुंचे। अपने संबोधन में उन्होंने पालनपुर के 'पी' शब्द के पांच रूप बताए। उन्होंने कहा कि हमारा पालनपुर के पी का मतलब है, 'पर्यटन', 'पर्यावरण', 'पानी', 'पशुधन' और 'पोषण'। क्योंकि, यहां ये सबकुछ भरपूर मात्रा में है। इसी से ही पालनपुर का विकास हो रहा है।

आप कमल का बटन दबाएं, मैं विकसित गुजरात की गारंटी देता हूं'
पीएन ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक ऐसी पार्टी है, जो समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए दिन-रात काम कर रही है। गुजरात में पुरानी पीढ़ी के लोगों को अच्छी तरह से याद है कि कांग्रेस के शासन में उनकी कैसी दशा थी। कांग्रेस ने दशकों तक राज किया और उनका राज कैसा रहा। इसका अनुभव वे आसानी से भूल नहीं सकते हैं।

कहा- बीजेपी एक ऐसी पार्टी है, जिसके लिए व्यक्ति से बढ़कर पार्टी और पार्टी से बड़ा देश है।
कहा- बीजेपी एक ऐसी पार्टी है, जिसके लिए व्यक्ति से बढ़कर पार्टी और पार्टी से बड़ा देश है।

कांग्रेस का मॉडल जातिवाद- परिवारवाद और संप्रदायवाद
वहीं, मंगलवार को मेहसाणा में पीएम ने कहा था- भारतीय जनता पार्टी एक ऐसी पार्टी है, जिसके लिए व्यक्ति से बढ़कर पार्टी और पार्टी से बड़ा देश है। यही हमारी संस्कृति है और हम इसी संस्कृति के साथ काम करते हैं। लेकिन, कांग्रेस का मॉडल जातिवाद- परिवारवाद और संप्रदायवाद है। कांग्रेस का मॉडल मतलब है- खरबों का भ्रष्टाचार। लेकिन, देश की युवा पीढ़ी अब आगे बढ़ रही है। वह आंखों पर पट्टी बांधकर यकीन नहीं करती, बल्कि काम करने वालों का मूल्यांकन करके आगे बढ़ती है।

1 और 5 दिसंबर को होगा मतदान
राज्य में पहले चरण की वोटिंग 1 दिसंबर को होगी, जबकि दूसरे चरण की वोटिंग 5 दिसंबर को होगी। वहीं, दोनों चरणों की मतगणना 8 दिसंबर को होगी। पहले चरण की वोटिंग प्रक्रिया के लिए गजट नोटिफिकेशन 5 नवंबर को और दूसरे चरण की वोटिंग प्रक्रिया के लिए 10 नवंबर को जारी हुआ था। स्क्रूटनी पहले चरण के लिए 15 नवंबर को होगी, जबकि दूसरे चरण के लिए 18 नवंबर की तारीख तय है। नाम वापसी की अंतिम तारीख पहले चरण के लिए 17 नवंबर और दूसरे चरण के लिए 21 नवंबर निर्धारित की गई है।

गुजरात में 24 सालों से है बीजेपी की सत्ता
पिछले 24 साल से गुजरात की सत्ता में भारतीय जनता पार्टी ही काबिज है। यहां हर चुनाव बीजेपी की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ही रही है। लेकिन, इस बार आम आदमी पार्टी की भी एंट्री हो गई है। इससे समीकरण बदलने के आसार भी हैं। पंजाब चुनाव जीतने के बाद आम आदमी पार्टी ने गुजरात में भी पूरी ताकत लगा दी है। ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।

पिछली बार बीजेपी ने जीती थीं 99 सीटें
गुजरात में विधानसभा कुल सीटों की संख्या 182 है। इसमें 40 सीटें आरक्षित हैं। 27 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए और 13 सीटें अनुसूचित जाति के रिजर्व हैं। विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 92 सीटों का है। 2017 के चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी मुश्किल से सरकार बचा पाने में सफल रही थी। दो दशक में पहली बार पार्टी की सीटों की संख्या दो अंकों में सिमट गई थी और बीजेपी सिर्फ 99 सीटें जीत सकती थी। कांग्रेस को 2017 के चुनाव 77 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस से गठबंधन करके लड़ी भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) को 2 सीटें मिली और 1 सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) विजयी हुई थी। तीन सीटों पर निर्दलीय जीते थे। इनमें वडगाम से दलित नेता जिग्नेश मेवाणी की कांग्रेस के समर्थन से जीत हुई थी।