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गुजरात में कोरोना का प्रकोप:24 घंटे में फिर बना रिकॉर्ड, 24,485 नए केस मिले; 8 दिनों में ही 50 हजार से बढ़कर 1 लाख पर पहुंची संख्या

अहमदाबाद4 महीने पहले
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सबसे ज्यादा केस अब अहमदाबाद, सूरत के साथ-साथ वडोदरा में भी आने लगे हैं। - Dainik Bhaskar
सबसे ज्यादा केस अब अहमदाबाद, सूरत के साथ-साथ वडोदरा में भी आने लगे हैं।

गुजरात में कोरोना का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। पूरा प्रदेश इस महामारी की चपेट में आ चुका है। पहली और दूसरी लहर में मिलने वाले केसों के सारे रिकॉर्ड तीसरी लहर में ध्वस्त हो चुके हैं। वहीं, जैसे-जैसे केस बढ़ते जा रहे हैं, वैसे-वैसे मौतों की संख्या में भी तेजी आ रही है।

गुरुवार को प्रदेश में नए केस 24 हजार काे पार करके 24 हजार 485 पर पहुंच गए। ठीक एक दिन पहले यानी बुधवार को 20 हजार 966 मामले आए थे। प्रदेश में सबसे ज्यादा केस अब अहमदाबाद, सूरत के साथ-साथ वडोदरा में भी आने लगे हैं। अहमदाबाद में जहां 9957 केस आए, वहीं सूरत में 3711 और वडाेदरा में 3194 मामले मिले।

मौतों की बात करें तो पिछले 24 घंटे में 13 मरीजों की मौत हो गई। तीसरी लहर में पहली बार एक दिन में इतनी ज्यादा मौतें हुई हैं। सबसे ज्यादा 7 मौतें अहमदाबाद में जबकि सूरत में तीन मौतें कोरोना से हुई। इधर, प्रदेश में एक्टिव केस अब 1 लाख को पार करके 1,04,888 पर पहुंच गया है। 13 जनवरी को सक्रिय मरीज 50 हजार से ज्यादा थे।

10 हजार से ज्यादा ठीक भी हुए
राज्य में अब पॉजिटिव मरीजों की संख्या 10 लाख को पार करके 10 लाख 1 हजार 563 तक पहुंच गई है। 13 मौतों के साथ ही मरने वालों की संख्या 10 हजार 199 हो गई है। पिछले 24 घंटे में 10,310 रोगी ठीक हुए। अब तक 8 लाख 86 हजार 476 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। वहीं, वेंटिलेटर पर मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। अब 156 रोगी वेंटिलेटर पर हैं। वहीं 1,04,732 मरीजों की हालत स्थिर है।

केंद्र सरकार ने गुरुवार को बच्चों और 18 वर्ष से कम उम्र के किशोरों के लिए कोरोना की दवा और मास्क के इस्तेमाल के लिए संशाेधित नियम जारी किए हैं। सरकार के मुताबिक, अन्य देशों का डेटा बताता है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट से होने वाली बीमारी कम गंभीर है। हालांकि सतर्कता बरतने की जरूरत है। संशोधित नियमों में सरकार ने कहा है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए एंटीवायरल या मोनोक्लोनल एंटीबॉडी के इस्तेमाल की अनुशंसा नहीं की गई है। भले ही उनमें कोविड संक्रमण कितना ही गंभीर क्यों न हो।

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