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सेवा:सूरत के सौराष्ट्रवासी अग्रणियों व व्यापारियों ने अपने गृहनगर में शुरू किया तीन कोविड आइसोलेशन सेंटर

सूरत6 महीने पहले
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  • बेड, ऑक्सीजन और दवा सूरत से भेजे गए, एक संस्था में सूरतवालों ने भी दान दिया, इसी फंड से सेंटर शुरू किया गया

शहर में रहने वाले सौराष्ट्रवासियों ने सूरत में ही नहीं बल्कि अपने गृहनगर में भी कोरोना मरीजों के इलाज के लिए आइसोलेशन सेंटर शुरू किया है। सेंटर पर ग्रामीण और स्वयं सेवक सेवाएं दे रहे हैं। जरूरत के सामान वहां नहीं मिलते हैं तो सूरत से भेजते हैं। सौराष्ट्र में तीन आइसोलेशन सेंटर शुरू करने की जानकारी मिली है। अधिकांश खर्च सूरत से ही भेजा जा रहा है।

बोटाद जिले के गढ्डा तहसील के उगामेडी गांव के स्कूल में आइसोलेशन सेंटर शुरू किया गया है। यहां 20 बेड की सुविधा है। विद्यामंदिर के प्रिंसिपल आरपी पटेल ने बताया कि मरीजों को दवा, ऑक्सीजन और खाने की सुविधा मुफ्त में दी जा रही है। सभी खर्च सूरत में रहने वाले इलाके व्यापारी, उद्योगति उठा रहे हैं। रोजाना 20 से 25 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं। अभी यहां पांच बेड खाली हैं। आइसोलेशन सेंटर में ग्रामीण सेवाएं दे रहे हैं। शुरुआत में दवा और ऑक्सीजन भी सूरत से ही आते थे।

धंधुका में 25 बेड का आइसोलेशन सेंटर बनाया गया

धधुंका में आरएमएएस हॉस्पिटल में आइसोलेशन सेंटर शुरू किया गया है। यहां 25 बेड हैं। हॉस्पिटल के चेयरमैन ओधवजी मोणपरा ने बताया कि इसे ट्रस्ट द्वारा शुरू किया गया है। 2014 में एक सम्मेलन किया गया था, तभी दाताओं ने दान दिया था। इसमें सूरत, अमेरिका, भावनगर और अहमदाबाद के उद्योगपतियों ने लाखों रुपए दिया था। अस्पताल के पास अच्छा फंड है। मौजूदा समय में लोगों को इलाज की जरूरत है, ट्रस्टियों ने इस फंड का इस्तेमाल करके आइसोलेशन सेंटर शुरू किया है। सूरत में रहने वाले दाताओं ने 2014 में बहुत दान दिया था।

यहां ऑक्सीजन, दवा, खाने और कोरोना टेस्ट मुफ्त है। अभी 20 बेड खाली हैं। रोजाना 30 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं। श्रीराम कृष्ण एक्सपोर्ट के गोविंदभाई ने लाठी ने लालजी दादा के वडला में अपने ट्रस्ट द्वारा संचालित संतोकबा मेडिकल सेंटर में आइसोलेशन सेंटर शुरू किया है। इसमें ऑक्सीजन, दवा, खाने की व्यवस्था मुफ्त है। आईसोलेशन सेंटर में 15 बेड हैं और सभी फुल हैं। इसका पूरा खर्च ट्रस्ट उठा रहा है। इसमें 20 हजार रुपए रोजाना खर्च हो रहे हैं।

विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता सूरत के दो श्मशान भूमि में कर रहे कोरोना के मृतकों का दाह संस्कार

विश्व हिंदू परिषद, सूरत महानगर के कार्यकर्ताओं द्वारा श्री रामनाथ घेला श्मशान भूमि, उमरा और कैलाश मोक्ष धाम कठोर में पिछले 45 दिन से लगातार 24 घंटे दाह संस्कार सेवा जारी है। सूरत में फिर से कोरोना महामारी का प्रकोप बढ़ा हुआ है और श्मशानों में दाह संस्कार के लिए लंबी कतारों को देखकर विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता अपने जीवन को जोखिम में डालकर भी दिन-रात दाह संस्कार की सेवा में जुटे हुए हैं।

विश्व हिंदू परिषद ने पहले में भी लॉकडाउन के दौरान व्यापक पैमाने पर भोजन सेवा, काढ़ा वितरण, मास्क व सैनिटाइजर वितरण के साथ शव वाहिनी द्वारा स्मीमेर अस्पताल से कोरोना के मृतकों का अंतिम संस्कार आदि कार्य किया था। विश्व हिंदू परिषद, सूरत के उपाघ्यक्ष विक्रम सिंह शेखावत ने बताया कि गुरुवार को इस सेवा के दौरान परिषद के सहमंत्री संजय बंसल, संजय माथुर, अंबिका भाग मंत्री पवन शर्मा, रांदेर जिला मंत्री चन्द्र प्रकाश शर्मा सहित करीब अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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