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कोविड-19 / 23 दिन में सूरत का रिकवरी रेट 121.79 %, पहले कंटेनमेंट जोन रांदेर-गोराट में 1 माह से ‘0’ केस

कई बुजुर्गों ने कोरोना से जंग जीती है। 17 मई को 80 साल की इस बुजुर्ग महिला जब सिविल अस्पताल से डिस्चार्ज हुई तो उनका स्वागत किया गया। कई बुजुर्गों ने कोरोना से जंग जीती है। 17 मई को 80 साल की इस बुजुर्ग महिला जब सिविल अस्पताल से डिस्चार्ज हुई तो उनका स्वागत किया गया।
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कई बुजुर्गों ने कोरोना से जंग जीती है। 17 मई को 80 साल की इस बुजुर्ग महिला जब सिविल अस्पताल से डिस्चार्ज हुई तो उनका स्वागत किया गया।कई बुजुर्गों ने कोरोना से जंग जीती है। 17 मई को 80 साल की इस बुजुर्ग महिला जब सिविल अस्पताल से डिस्चार्ज हुई तो उनका स्वागत किया गया।

  • कोरोना संकट में सबसे बड़ी राहत की खबर, मान दरवाजा टेनामेंट में एक हफ्ते से कोई केस नहीं
  • सबसे ज्यादा केस वाले लिंबायत में अब एक अंक में आ रहे कोरोना के मरीज

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:54 AM IST

सूरत. शहर में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट तेजी से बढ़ रहा है। इससे शहर के लोगों और कोविड-19 के खिलाफ लड़ रहे मनपा के हेल्थ अधिकारियों और डॉक्टरों का हौसला बढ़ा रहा है। 1 मई से पहले शहर में कोरोना के 621 मरीज थे, इनमें से 92 डिस्चार्ज हुए थे। उस समय रिकवरी रेसियो 21 फीसदी था। 1 मई के बाद शहर में 624 मरीज आए, जिनमें से 760 डिस्चार्ज हुए। इस तरह 1 से 23 मई के बीच रिकवरी रेट  121.79 है। 1 मई के पहले एक समय ऐसा था कि रिकवरी रेट 3.72 फीसदी हो गया था। इसे लोगों की चिंताएं बढ़ गई थीं।
हालांकि अर्ली आइडेंटिफिकेशन पॉलिसी के कारण रिकवरी रेट 2 मई से तेजी से बढ़ता गया। जो 21 दिनों के बाद 68.4 फीसदी पर पहुंच गया है। इसके पीछे का कारण डोर टू डोर सर्वे, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, कॉम्युनिटी टेस्ट और एपीएक्स सर्वे है। मनपा कमिश्नर बंछानिधि पाणी ने शनिवार को लोगों को सलाह देते हुए कहा कि अपनी रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाएं, कोमोरबिड मरीज और उम्रदराज लोग घर से बाहर नहीं निकले। कोई बीमार है उसका सही तरीके से इलाज कराएं। मास्क पहनने के साथ सामाजिक दूरी डेढ़ मीटर होनी चाहिए। इससे हम कोरोना के संक्रमण को जल्द रोक सकते हैं। 
शहर का पहला कंटेनमेंट जोन रांदेर-गोराट रोड पर पिछले एक महीने से कोरोना का एक भी केस नहीं आया है, जबकि मान दरवाजा टेनामेंट जहां एक सप्ताह पहले 100 से ज्यादा केस थे, पिछले एक सप्ताह से एक भी केस नहीं आया। सेंट्रल जोन के रुंधनाथपुरा-महिधरपुरा, इंदरपुरा तथा अन्य जोन के नए क्षेत्रों से ही नए केस आ रहे हैं। पिछले दो दिन से लिंबायत जोन में सिंगल डिजिट में पॉजिटिव केस आ रहे हैं। यहां शुक्रवार को 9 केस दर्ज हुए थे, जबकि शनिवार को 8 केस आए। इससे पहले के दिनों में क्रमश: 20, 16, 7, 15, 10 केस आए थे।

सबसे ज्यादा केस लिंबायत जोन में दर्ज हुए हैं। यहां पिछले दो दिन में संख्या 50 प्रतिशत घट गई है। पिछले एक सप्ताह से शहर के उमरवाड़ा, लिंबायत, वेडरोड, रहेमतनगर, कोसाड, आवास, नवापुरा, इंदरपुरा, महिधरपुरा, सलाबतपुरा, गोपीपुरा, रुंधनाथपुरा, उधना, अडाजण, भाठेना क्षेत्र से ही ज्यादा केस आ रहे हैं। शहर में पॉजिटिव केसों की संख्या का आंकड़ा 1245 पर पहुंच गया है। इसके 38 प्रतिशत अर्थात 474 केस लिंबायत जोन में ही हैं। लिंबायत को लेकर महानगर पालिका ने बेहद सतर्कता बरत रही है, इसलिए केस कम आने लगे हैं।

सोशल डिस्टेंसिंग को आदत बनानी होगी

मनपा आयुक्त ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग को आदत बनानी होगी। सरसों का तेल नाक और कान में डाल सकते हो, इससे रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ेगी। सभी को मानसिक रूप से स्ट्रांग होना जरूरी है। जिस तरह पोलियो, स्मॉल पॉक्स से बहुत बुरे हाल हुए थे, लेकिन अब उसे सामान्य माना जाता है, उसी तरह कोरोना से डरना नहीं है। भय का माहौल नहीं बनाना है। डर ऐसी चीज है जो इंसान को कमजोर बना देता है। डर से लड़ नही सकते। सावधानी व सतर्कता ही उपाय है।

केस बढ़े तो छूट वापस ले ली जाएगी

मनपा आयुक्त ने कहा कि कोरोना संक्रमण पर रोक लगाना जरूरी है। इसके लिए लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना और हाथ धोना जरूरी है। केस बढ़े तो आगामी दिनों में छूट वापस ली जा सकती है। आयुक्त ने कहा कि ईद में सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, हाथ धोने पर फोकस कर ईद मनाएं। 25 मई को होने वाली ईद की बधाई देते हुए कमिश्नर ने कहा कि धर्मगुरुओं ने भी ईद में सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, हाथ धोने पर फोकस किया है। ईद दिल से मनाएं।

29 नए मामले, 3 बुजुर्गों की मौत, 22 हुए डिस्चार्ज

कोरोना के 29 नए मामले सामने आए हैं। अब तक 1337 मामले अा चुके हैं। इनमें 92 मामले ग्रामीण के हैं। वहीं 22 मरीज डिस्चार्ज हुए। अब ठीक हो चुके लोगों की संख्या 902 हो गई है। इनमें 50 ग्रामीण के हैं। वहीं शनिवार को तीन बुजुर्गों मरीजों की सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे अब मौत का आंकड़ा 61 तक पहुंच गया है। अब तक 19652 लोगों की जांच हुई, जिसमें 18390 की रिपोर्ट निगेटिव अाई। आलथान ताड़केश्वर सोसाइटी निवासी 75 वर्षीय लीबेन मुरलीधर जिनजातकर की मौत हो गई। उन्हें 21 मई को भर्ती कराया गया था।

सेप्टीसीमिया कार्डियोजेनिक शॉक जैसी समस्या से शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई। उन्हें पहले से हाइपरटेंशन की बीमारी थी। दूसरे मामले में लिंबायत जोन के मदनपुरा निवासी 75 वर्षीय अनसूया बेन प्रेमचंद्र चोपड़कर की सिविल में मौत हो गई। 20 मई को उन्हें गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि कोविड-19 सेप्टीसीमिया एक्यूट रेस्पिरेट्री डिस्ट्रेस से उनकी मौत हुई।

वह पहले से ही डायबिटीज और हाइपरटेंशन से पीड़ित थीं। तीसरे मामले में पर्वत पाटिया डिंपल नगर निवासी 62 वर्षीय सुशीला अशोक कदम की भी सिविल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह हाइपरटेंशन से पीड़ित थीं। उन्हें 11 मई को भर्ती कराया गया था, जहां उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। शनिवार सुबह उनकी मौत एक्यूट रेस्पिरेट्री सिंड्रोम से हो गई।

शनिवार को ग्रामीण से नहीं आया कोरोना का एक भी मामला

शनिवार को ग्रामीण से कोरोना का एक भी केस नहीं आया अब तक ग्रामीण से अाए 92 मरीजों में 50 डिस्चार्ज हो चुके हैं। केवल 2 की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण इलाकों में 8388 सैंपल की जांच की है, जिसमें 8251 की रिपोर्ट निगेटिव आई। वहीं 45 का रिपीट सैंपल लिया गया। चाैर्यासी से 15, ओलपाड से 22, कामरेज से 6, पलसाणा से 19, बारडोली से 2, महुआ से 8, मांडवी से 6, मांगरोल से 5 और उमरपाड़ा से 9 मामले आ चुके हैं। चाैर्यासी और मांगरोल के एक-एक मरीज की मौत हुई है।

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