सोखडा महंत की संदेहास्पद मौत:महंत ने सुसाइड किया तो संतों ने कुदरती मौत क्यों बताई? पोस्टमॉर्टम के लिए श्मशान से लाया गया शव

वडोदरा7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पुलिस जांच में पता चला कि उन्होंने कुर्सी पर चढ़कर फांसी लगाई थी। - Dainik Bhaskar
पुलिस जांच में पता चला कि उन्होंने कुर्सी पर चढ़कर फांसी लगाई थी।

वडोदरा के पास स्थित हरिधाम सोखडा मंदिर एक बार फिर चर्चा में है। मंदिर में गुणातीत स्वामी की रहस्यमय हालत में मौत हो गई थी। महंत के कमरे की जांच में पता चला कि उन्होंने कुर्सी पर चढ़कर फांसी लगाई थी। इसके बाद भी मंदिर के संतों ने उनका शव नीचे उतारकर उनके परिवार को कुदरती मौत बताया। इसी के चलते अब महंत की मौत का रहस्य हत्या या आत्महत्या के एंगल पर जा पहुंचा है।

हरिभक्तों की आपत्ति पर एन वक्त पर अंतिम संस्कार रोका गया।
हरिभक्तों की आपत्ति पर एन वक्त पर अंतिम संस्कार रोका गया।

पोस्टमॉर्टम के लिए श्मशान से लाया गया शव
सोखडा मंदिर के संतों के बताए अनुसार बुधवार रात करीब साढ़े सात बजे गुणातीत स्वामी की मौत हो गई थी। इसके बाद गुरुवार सुबह उनके अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की गई थी, लेकिन उनकी मौत पर प्रबोध स्वामी के समर्थक हरिभक्तों ने शंका जताते हुए कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपा तो जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई कर अंतिम संस्कार को रुकवा दिया। उनके शव का डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम करवाया गया। उसके बाद सोखडा हरिधाम मंदिर ले जाकर विधिविधान से उनका अंतिम संस्कार किया गया।

हरिभक्तों की आपत्ति पर एन वक्त पर अंतिम संस्कार रोका गया।
हरिभक्तों की आपत्ति पर एन वक्त पर अंतिम संस्कार रोका गया।

गले पर चोट के निशान
वडोदरा के सयाजी अस्पताल में कराए गए पैनल पोस्टमार्टम में मौत का कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हुआ है। प्रथम दृष्टया गले में चोट के निशान बताए गए हैं। उनके विसेरा को जांच के लिए एफएसएल भेजा है। उसकी रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सोखडा मंदिर के एक समूह का कहना है कि गुणातीत स्वामी की बुधवार रात प्राकृतिक मौत हुई थी। हृदयाघात की वजह से मौत की आशंका जताई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।

सोखडा मंदिर का वह कमरा, जहां महंत ने फांसी लगाई थी।
सोखडा मंदिर का वह कमरा, जहां महंत ने फांसी लगाई थी।

भक्तों ने जताई थी आशंका
स्वामी के निधन के बाद प्रबोध स्वामी के समर्थक हरिभक्तों ने उनकी मौत को संदिग्ध बताया था। उन्होंने कहा कि अचानक निधन से आशंका पैदा होती है। उन्होंने उनके शव के पैनल पीएम करने की मांग की थी। जिस पर डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। हरिभक्त संजय चौहाण समेत अन्य भक्तों ने बताया कि स्वामी स्वस्थ थे, उनके अचानक निधन की वजह से शंका पैदा होती है। उन्होंने इसके लिए स्वामी के शव का पहले पीएम करने की मांग की बाद में अंतिम संस्कार करने की बात कही। जानकारी के अनुसार गुणातीत स्वामी प्रबोध स्वामी से मिलने की इच्छा जता रहे थे, लेकिन वे उनसे मिल नहीं सके। इसके बाद तुरंत ही एसपी ने सोखडा मंदिर में पुलिस रवाना कर अंतिम संस्कार को रुकवा दिया।

परिजनों ने शक नहीं जताया
इस बारे में पीएसआई वीजी लांबारिया ने बताया कि पुलिस को किसी ने फोन के जरिए सूचना दी थी कि हरिधाम सोखडा में एक स्वामी की मृत्यु हो गई है। इस बात से कोई इंकार नहीं है कि मौत संदिग्ध है। इसलिए उन्होंने वहां जाकर मृतक के परिजनों से भी पूछताछ की, लेकिन उन्होंने कोई शक नहीं जताया था। फिलहाल हम मामले की जांच कर रहे हैं।

खबरें और भी हैं...