पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Gujarat
  • Symptoms Of Both Are The Same, The Doctor Said It Is Better To Treat Both The Same In Normal Symptoms.

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

कोरोना-सीजनल फ्लू साथ:दोनों के लक्षण एक जैसे, डॉक्टर बोले- सामान्य लक्षणों में दोनों का एक ही इलाज करना बेहतर

सूरत2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सिविल अस्पताल में अब सीजनल फ्लू के मरीज बहुत कम आ रहे हैं। - Dainik Bhaskar
सिविल अस्पताल में अब सीजनल फ्लू के मरीज बहुत कम आ रहे हैं।
  • कोरोना से पहले सिविल में सीजनल फ्लू के रोज 1000 से अधिक मरीज आते थे
  • अब सीजनल फ्लू के साथ आने से कोराना के लक्षण बदले, तेजी से फैल भी रहा

इस साल सिविल अस्पताल में सीजनल फ्लू के मरीज नहीं दिख रहे हैं। जबकि कोरोना से पहले हर साल मार्च में रोज 1000 से ज्यादा मरीज आते थे। डॉक्टरों को कहना है कि अब सीजनल फ्लू कोरोना के साथ आ रहा है, इसलिए दोनों का एक ही इलाज किया जा रहा है। हर साल फरवरी, मार्च, अप्रैल में सीजनल फ्लू के मामले बड़ी संख्या में आते थे।

सिविल अस्पताल में साल 2017 में इन्हीं महीनों में सीजनल फ्लू के हर दिन 700 से अधिक मामले आते थे। इसी तरह 2018 में रोज लगभग 800 और साल 2019 में रोज 1000 से 1100 मामले देखे जाते थे। मार्च 2020 में सीजनल फ्लू के हर दिन 1000 मरीज सिविल में आते थे। कोरोनाकाल में सीजनल फ्लू से ध्यान हट गया।

इलाज दोनों का एक ही

कोरोना और सीजनल फ्लू के मरीजों का इलाज एक जैसा ही है। एंटीबायोटिक गोली, बुखार के लिए पैरासिटामोल, कफ सिरफ, मल्टी विटामिन की गोली आदि दी जाती है। कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज के लिए रेमेडसिवीर जैसी दवाइयां दी जाती हैं।

सीजनल फ्लू व कोरोना के एक जैसे लक्षण

डॉक्टरों का कहना है कि फरवरी से अप्रैल तक का समय सीजनल फ्लू या अन्य वायरल और वैक्टीरियल बीमारियों के लिए अनुकूल होता है। हो सकता है कि कोरोना अब सीजनल फ्लू के साथ मिलकर आक्रामक हो गया हो। कोरोना फैलाने में सीजनल फ्लू मदद कर रहा हो। कोरोना में सर्दी कम, तेज बुखार, डायरिया जैसे लक्षण ज्यादा देखे जा रहे हैं।

एक मास्क से चार बीमारियों से बचाव

डॉ. पारुल ने बताया कि मास्क सिर्फ कोरोना को ही नहीं रोकता, बल्कि इससे वायरल और वैक्टीरियल दोनों तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है। इसके इस्तेमाल से प्रदूषण के साथ-साथ कोरोना, टीबी, सीजनल फ्लू और अस्थमा जैसी बीमारियों के संक्रमण से बचा जा सकता है। कोरोना के साथ-साथ सीजनल फ्लू की भी जांच जल्द शुरू की जाएगी।

अभी लैप्टो, सीजनल फ्लू, टीबी, निमोनिया और अस्थमा के भी केस बढ़ रहे हैं। सब का इलाज अलग-अलग करना मुश्किल है। डॉ. पारुल बडगामा, एचओडी टीबी एंड चेस्ट विभाग, सिविल अस्पताल

जिस तरह का माहौल है उसमें लक्षण मिलने के बाद कोरोना संदिग्ध मानकर ही इलाज करना बेहतर है। सीजनल फ्लू और कोरोना दोनों की रिकवरी दर करीब 95 फीसदी है। इलाज भी लगभग एक जैसा ही है।
डॉ. नैमिश शाह, एसोसिएट प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, स्मीमेर अस्पताल

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- व्यक्तिगत तथा व्यवहारिक गतिविधियों में बेहतरीन व्यवस्था बनी रहेगी। नई-नई जानकारियां हासिल करने में भी उचित समय व्यतीत होगा। अपने मनपसंद कार्यों में कुछ समय व्यतीत करने से मन प्रफुल्लित रहेगा ...

    और पढ़ें