पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Gujarat
  • Syndicate Meeting Today, The College Did Not Agree With The Decision Of 12% Tuition Fee Waiver, Said – It Is Unjust

यूनिवर्सिटी:सिंडीकेट की बैठक आज, 12% ट्यूशन फीस माफी के निर्णय से कॉलेज सहमत नहीं, बोले- यह अन्यायपूर्ण है

सूरत3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • सिंडीकेट की बैठक में फीस माफी वापस लेने के प्रस्ताव पर होगी चर्चा

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को सिंडीकेट की बैठक होने जा रही है। जिसमें साउथ गुजरात सेल्फ फाइनेंस कॉलेज मैनेजमेंट एसोसिएशन के प्रस्ताव पत्र को पेश किया जाएगा, जिसमें लिखा है कि पिछले पांच वर्षों में ट्यूशन फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। अब कोरोना काल में 12% ट्यूशन फीस माफ करने से कॉलेज चलाने में आर्थिक परेशानी हो रही है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रकांत जरीवाला और उपाध्यक्ष महेंद्र पटेल ने कहा कि यूनिवर्सिटी के 12% फीस माफी का हम विरोध करते हैं। फीस की रकम तय करने का अधिकार संबंधित संस्थाओं को है। कॉलेज को प्रति छात्र पढ़ाई की लागत 15% और भविष्य के विकास को ध्यान में रखकर निर्धारित करना होता है।

“टका सेर भाजी, टका सेर खाजा’ की नीति अपनाते हुए जूनियर और सीनियर कॉलेजों में एक समान फीस निर्धारित करना अन्यायपूर्ण और गैरकानूनी है। वर्ष 2012-16 यानी कि पिछले पांच वर्ष में यूनिवर्सिटी ने फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। कर्मचारियों को प्रतिवर्ष 3% वेतन वृद्धि और साल में दो बार महंगाई भत्ता ही करीबन 12% देना होता है।

इसका आंकलन करें तो पढ़ाई की कॉस्ट बढ़ जाती है। कॉलेज घाटे में चल रहे हैं। प्राइवेट काॅलेजों में सीटें 100 से घटाकर 70 कर दी गई हैं। यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार ग्रेज्युटी समेत सभी लाभ कर्मचारियों को दिया जाता है।

कोरोना महामारी को देखते हुए कॉलेजों में 12% ट्यूशन फीस माफ करने का निर्णय लिया गया है, जो गलत है। इस निर्णय से कॉलेज चलाने में आर्थिक परेशानी हो रही है। एसोसिएशन ने फीस माफी को निर्णय को वापस लेने की मांग की है।

खबरें और भी हैं...