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सूरत को होगा फायदा:मेगा टेक्सटाइल पार्क योजना को केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, उद्योगपतियों ने कहा-सरकार की योजना कपड़ा उद्योग के लिए प्रोत्साहक

सूरत2 महीने पहले
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केंद्र सरकार ने कपड़ा उद्योग के विकास के लिए िमत्रा (मेगा इन्टिग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपेरल) योजना को बुधवार को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत 7 मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाने की योजना है। योजना की घोषणा के बाद सूरत के उद्यमियों में उत्साह है। उद्यमियों ने कुछ दिन पहले सूरत या दक्षिण गुजरात में टेक्सटाइल पार्क बनाने के लिए हर स्तर पर अपनी बात रखी थी। टेक्सटाइल पार्क से सूरत के कपड़ा उद्योग का भविष्य सुनहरा होगा।

इस योजना की घोषणा बजट में की गई थी। बताया जा रहा है कि देश के कपड़ा उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, बड़े इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने, रोजगार के अवसर और कपड़े का एक्सपोर्ट बढ़ाने के उद्देश्य से यह योजना बनाई गई है। भारत कपड़ा उद्योग में दुनिया का छठ्ठे नंबर का एक्सपोर्टर देश है।

एक पार्क तैयार करने में 1700 करोड़ खर्च होंगे, एक साथ बड़े पैमाने पर उत्पादन
उद्योगपति रविन्द्र आर्य ने बताया कि ने केंद्र सरकार की इस योजना का सूरत के उद्यमियों को लाभ मिल सकता है। यह योजना पॉलिएस्टर कपड़ा उद्योग और टेक्निकल टेक्सटाइल सेक्टर के लिए मददगार साबित हो सकती है। एक पार्क को तैयार करने के लिए 1700 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस योजना से बड़ा लाभ यह है कि एक ही स्थान पर विविंग, प्रोसेसिंग, एम्ब्रॉयडरी होने से उद्यमी को भी सरलता होगी।
एक साथ बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा सकेगा। चीन जैसे देशों के सामने हमे प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी। पार्क बनने से रोजगार के अवसर भी खड़े होंगे। हमने बीते दिनो चेंबर ऑफ कॉमर्स के माध्यम से अपनी बात राज्य और केंद्र सरकार के सामने रखी थी। यदि सूरत या आसपास में टेक्सटाइल पार्क को मंजूरी मिली तो कपड़ा उद्यमियों को जरूर इसका लाभ होगा।

सूरत या द. गुजरात में 1000 एकड़ जमीन की जरूरत होगी: भरत गांधी
फेडरेशन ऑफ इंडियन आर्ट सिल्क विविंग इन्डस्ट्री के चेयरमैन भरत गांधी ने बताया कि टेक्सटाइल पार्क के लिए फिलहाल राज्य सरकार को पहल करनी होगी। हमने राज्य सरकार से बात भी की है। हमें सूरत या दक्षिण गुजरात में 1000 एकड़ जमीन की जरूरत है। पहले इसकी व्यवस्था करनी होगी। एक राज्य में एक ही पार्क मिलेगा ऐसी भी चर्चा है। ऐसे में अहमदाबाद हमारे लिए प्रतिस्पर्धी बन सकता है।

फायदा: एक ही स्थान पर सभी प्रकार की व्यवस्था होगी
सूरत की बात करें तो सूरत पॉलिएस्टर कपड़ो का गढ़ माना जाता है। सूरत और आसपास के क्षेत्रों में टेक्निकल टेक्सटाइल के यूनिट लग रहे हैं। सूरत में लगभग 6 लाख लूम्स मशीनें, 350 डाइंग यूनिट और 1 लाख से अधिक एम्ब्रॉयडरी के कारखाने हैं। सूरत में बड़े पैमाने पर कपड़ा उद्योग होने के बावजूद सभी अलग-अलग हैं। इसलिए एक्सपोर्ट में प्रदर्शन कमजोर है। उद्यमियों का मानना है कि टेक्सटाइल पार्क आने के बाद एक ही स्थान पर सभी व्यवस्था होगी, विविंग से लेकर फिनिश्ड फैबिक तक की व्यवस्था होने से हमें लाभ होगा।

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