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केवल खानापूर्ति:उमरा गांव में ड्रेनेज की समस्या सुलझाने गए आयुक्त सिर्फ आश्वासन देकर आ गए

सूरत10 दिन पहले
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  • आयुक्त ने किसानों से कहा- सोसाइटी के पानी को ना रोकें

कठोर गांव सीवर मिले पानी से छह लोगों की मौत और 100 से ज्यादा लोगों के बीमार होने की घटना के बाद सूरत महानगर पालिका अब भी गंभीर नहीं नजर आ रही है। शहर में नए शामिल हुए उमरा-वेलंजा गांव में ड्रेनेज नेटवर्क के अभाव में पीने का पानी गंदा आने की शिकायत के बाद मनपा कमिश्नर ने गांव का दौरा किया।

मनपा कमिश्नर ने लोगों की समस्या का जड़ से समाधान करने के बजाए उन्हें सिर्फ आश्वासन देकर ही वापस लौट आए। शुक्रवार को उमरा-वेलंजा गांव में ड्रेनेज नेटवर्क के अभाव से पीने का पानी गंदा आने की शिकायत लेकर सैकड़ों लोगों मटके लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंच कर प्रदर्शन किया था। कठोर की तरह उमरा-वेलंजा में संक्रमण फैलने के की स्थिति न बन जाए, इसलिए मनपा आयुक्त ने उमरा-वेलंजा का दौरा किया। मनपा आयुक्त ने इस समस्या से तुरंत निदान दिलाने के नाम पर गोथाण गांव के किसानों से फिलहाल ड्रेनेज का पानी नहीं रोकने का आग्रह किया है।

साथ ही अगले 6 माह में इस समस्या का निराकरण करने का आश्वासन देकर फिलहाल स्थिति को संभालने की कोशिश की। कमिश्नर के इस आश्वासन से वहां के किसानों को अगले 6 माह तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैं। मौजूदा समय में मनपा द्वारा इस क्षेत्र में प्राथमिक सुविधाएं मुहैया करा पाना एक चुनौती है।

42 सोसाइटियां हैं, पर ड्रेनेज की अब तक कोई व्यवस्था नहीं

उमरा-वेलंजा गांव में ड्रेनेज नेटवर्क न होने की वजह से पिछले कुछ दिनों से पीने का पानी गंदा आ रहा है। उमरा-वेलंजा गांव में 42 साेसाइटियां हैं, यहां अभी तक ड्रेनेज नेटवर्क नहीं है। ड्रेनेज का पानी खेतों से होकर गोथाण बह जाता है। गोथाण गांव के किसानों ने ड्रेनेज के पानी को रोकने के लिए बांध बना दिया है।

इससे 12 सोसाइटियों के कैम्पस में गंदा पानी जमा हो रहा है। यहां की सोसाइटियों में बोरिंग से पीने का पानी पहुंचाया जाता है। गंदा पानी जमा होने से पिछले कुछ दिनों से बोरिंग का पानी भी गंदा आ रहा है। कठोर की तरह यहां भी रोग फैलने की आशंका है। जिसे नाराज लोगों ने शुक्रवार को विरोध करने मनपा मुख्यालय पहुंच गए थे।

खुदाई कराकर सोसाइटियों में जमा गंदा पानी निकाला गया

कतारगाम के एडिशनल सिटी इंजीनियर डीएम पटेल ने बताया कि उमरा गाम में ड्रेनेज की समस्या को दूर करने के लिए खुदाई कार्य शुरू कर दिया गया है। ताकि सोसाइटियों में भरा गंदा पानी निकाला जा सके। जल्द ही इस समस्या को दूर करने के लिए कोई ठाेस कदम उठाया जाएगा।

कमिश्नर नेे किसानों को छह महीने का समय दिया
उमरा गाम निवासी हसमुख हिरपरा ने बताया की उमरा में 12 से 14 सोसाइटियों में ड्रेनेज का गंदा पानी आ रहा हैं। ड्रेनेज का पानी खेतों से होकर गोथाण गांव में बहता है, इसलिए जल निकासी को रोकने के लिए गोथाण गांव के किसानों में तटबंध का निर्माण किया जा रहा है।

शनिवार को मनपा आयुक्त ने किसानों से कहा कि 6 माह का आश्वासन दिया है कहा है कि जल्द ही सभी साेसाइटियों में ड्रेनेज का पानी निकासी के लिए व्यवस्था कर दिया जाएगा। तब तक सोसाइटियों का पानी निकलने से ना राेके।

बीमारी के प्रकोप को रोकने के लिए निकाला था मोर्चा
क्षेत्र के लोग पीने के पानी के लिए बोरिंग पर निर्भर है। पर क्षेत्र के कई साेसाइटी में गंदा पानी भर जाने से बोरिंग का पानी भी दूषित हो गया है। ऐसे में ग्रामिणों ने बीमारी के प्रकोप को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के लिए नगर पालिका में मोर्चा खोल दिया था। जिसके बाद शनिवार को मनपा आयुक्त ने यहां का दौरा किया है।

मेयर ने जल्द ही मीटिंग कर निराकरण की बात कही
इस संबंध में शुक्रवार को ही मेयर हेमालीबेन बोघावाला ने जल्द ही स्थानीय विधायकों, किसानों और जल निकासी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले को सुलझाने का प्रयास करने की बात कही थी।

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