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वीडियो वायरल / मजदूरों के पास न इलेक्शन कार्ड है न वोटर, फिर भी लॉकडाउन में राशन किट बांटे, खाना भी खिलाया...कहती दिखीं विधायक झंखना पटेल, कांग्रेस ने घेरा

The laborers do not have an election card nor the voter, yet in the lockdown, distributed ration kits, even fed food….
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The laborers do not have an election card nor the voter, yet in the lockdown, distributed ration kits, even fed food….

  • विधायक कह रहीं-मैंने क्या गलत कहा, उत्तर भारतीय समाज का एक गुट समर्थन में

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 07:29 AM IST

सूरत. लॉकडाउन खत्म होने के बाद नेता और समाज सेवक एक दूसरे काे कोसना शुरू कर दिए हैं। किसने कितना काम किया और किसने लोगों की मदद की इसको लेकर वाहवाही लूटने का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच चौर्यासी की महिला विधायक झंखना पटेल का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह अपने काम और मेहनत को गिना रही हैं। विधायक ने मजदूरों को लेकर ऐसा बयान दिया कि उत्तर भारतीय समाज दो गुटों में बंट गया। एक ओर विधायक झंखना पटेल के कामों की सराहना हो रही है तो दूसरी ओर उनके इस बेतुके बयान की आलोचना भी की जा रही है। वीडियो दस दिन पुराना बताया जाता है।

झंखना पटेल ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में जो काम किया है वह बहुत मुश्किल था, क्योंकि उनका इलाका सचिन, पांडेसरा और हजीरा में है। इसमें ज्यादातर मजदूर रहते हैं। मजदूरों के बीच काम करना और राशन पहुंचा बहुत मुश्किल काम था। ये मजदूर वर्ग हैं इनके पास न इलेक्शन कार्ड है और नही वोट देते हैं। इसके बावजूद लॉकडाउन में राशन किट बांटने और भोजन पहुंचाने की पूरी व्यवस्था की। विधायक झंखना पटेल ने कहा कि जो राशन किट वह गरीबों को बांटने के लिए देती थी, उसे कुछ लोग ले जाकर दुकानों पर बेच देते थे और उसके बदले में दूसरा सामान खरीदते थे।

मदद नहीं करने वाले ही अब विवाद खड़ा कर रहे
विधायक झंखना पटेल ने कहा कि मैंने कुछ गलत नहीं कहा है, क्योंकि जिनके पास इलेक्शन कार्ड नहीं है उन्हें भी लॉकडाउन में खाना खिलाया गया। लॉकडाउन खत्म होने के बाद अब इस मामले में राजनीति हो रही है। जो कभी उत्तर भारतीयों की मदद करने के लिए आगे नहीं आए वही लाेग विवाद खड़ा कर रहे हैं। यह सही नहीं है।

समाज बोला: 80 प्रतिशत मजदूर हैं तो फिर उन्हें वोट कौन देता है 
विधायक के बयान को लेकर उहापोह मचा हुआ है। इससे नाराज उत्तरभारतीय समाज के मयंक तिवारी, सूरज पटेल, गौरव शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि जब इलाके में 80 प्रतिशत मजदूर वर्ग हैं तो उन्हें वोट कौन देता है। उत्तर भारतीय समाज इसे मजदूरों का अपमान बता रहा है। वहीं, उत्तर भारतीयों के दूसरे खेमे के भगवती दुबे, अभय सिंह राजपूत और ओम प्रकाश झा विधायक के इस बयान को सही ठहरा रहे हैं।

कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, विधायक झंखना पटेल के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा-मजदूर चोर नहीं हैं

विधायक झंखना पटेल के बयान का सूरत शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने कड़ा विरोध किया है। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर कार्रवाई करने की मांग की। कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि सूरत में विभिन्न प्रदेशों के लोग रोजी-रोटी कमाने के लिए आकर बसे हुए हैं। इसमें उत्तर भारतीयों की संख्या सबसे अधिक है। पांडेसरा, सचिन, कतारगाम और हजीरा में सबसे ज्यादा उत्तर भारतीय रहते हैं।

सूरत के विकास में मजदूरों का सबसे बड़ा योगदान है। चौर्यासी की विधायक झंखना पटेल द्वारा पिछले दिनों मजदूरों पर गलत टिप्पणी की गई है। झंखना पटेल ने कहा है कि ये हमारे वोटर नहीं हैं, श्रमिक चोर हैं। एक विधायक द्वारा इस प्रकार का बयान देना अशोभनीय है। मजदूर चोर नहीं हैं, मेहनत और खून-पसीने की कमाई खाते हैं। कांग्रेस कमेटी ने विधायक के बयान की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से भी शिकायत की है। 

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