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13 वर्षीय छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या:सातवीं के छात्र ने सुसाइड नोट में लिखा- मम्मी-पापा झगड़ा मत करना

गुजरात3 महीने पहले
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  • 14 दिन में 5 बच्चों ने किया सुसाइड

शहर में आए दिन छात्र-छात्राएं आत्महत्या कर रहे हैं। कई मामलों में तो घर में पारिवारिक झगड़े से तंग आकर आत्महत्या जैसे कदम उठा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला अलथाण में सामने आया है। महज 13 साल के एक बच्चे ने सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली।

वह सातवीं का छात्र था। वह अपने माता-पिता के झगड़े से परेशान था। उसने सुसाइड नोट में लिखा कि मम्मी-पापा झगड़ा मत करना, अच्छे से रहना। बहन को अच्छे माहौल में रखना, मैं आपके लिए कुछ नहीं कर सकता। शनिवार काे सुबह उसने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह अपने माता पिता का इकलौता बच्चा था। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। पीएम के बाद शव को कोल्ड रूम में रखा गया है। पिता के गांव से आने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस घटना से डॉक्टर भी आश्चर्य में हैं।

जानकारी के अनुसार अलथाण सुमन अमृत आवास निवासी 13 वर्षीय शिवांश कुमार अमित सिंह ने शनिवार सुबह करीब 9 बजे घर में पंखे के साथ दुपट्टा का फंदा बनाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उस समय घर में कोई नहीं था मां एक मॉल में काम करती है, वह काम से बाहर थी। जबकि पिता 18 जनवरी को घर बनवाने के सिलसिले में मध्य प्रदेश के रीवां गया हुआ था। घर में शिवांश अकेला था। वह सातवीं का छात्र था और पढ़ने-लिखने में होशियार था। लॉकडाउन के बाद से ही वह घर पर ही रहता था और ऑनलाइन पढ़ाई करता था। पिता अमित सिंह लेबर कॉन्ट्रैक्टर हैं। बेटे की मौत की जानकारी मिलते ही वह सूरत के लिए रवाना हो गए हैं।

सावधानी: बच्चों के व्यवहार को लेकर रहें सतर्क

डॉक्टरों ने कहा कि कोरोना काल में जहां लोग अपनों ने बीच रहे, वहीं इससे कई पारिवारिक झगड़े भी हुए। माता-पिता के झगड़े से बच्चे अक्सर दुखी रहते हैं। लेकिन वह अपनी बात किसी से कह नहीं पाते। कई बार पढ़ाई को लेकर माता-पिता की डांट से भी नाराज रहते हैं। बच्चे मोबाइल का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्हें सब पता होता है ऐसे में ऐसी घटनाएं अब ज्यादा देखने को मिल रही हैं।

केस-1 : 21 दिन पहले फांसी लगा आत्महत्या की कोशिश, 10वीं की छात्रा की मौत

वेड रोड में 21 दिन पहले फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश करने वाली एक छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह 10वीं की छात्रा थी। बताया जा रहा है कि पढ़ाई के लिए मां ने डांटा था, इसीलिए वह नाराज थी वेड रोड प्राणनाथ सोसाइटी निवासी 14 वर्षीय नैंसी गिरीशभाई 9 जनवरी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। परिजन उसे फंदे से उतार एक निजी अस्पताल ले गए जहाँ उसका इलाज शुरू हुआ 13 जनवरी को सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया था।

केस-2 :साइकिल चलाने से मना किया तो 10वीं के छात्र ने की आत्महत्या

28 जनवरी को वेसू फ्लोरेंस हाईराइज निवासी यार्न व्यापारी विकास झुनझुनवाला के 17 वर्षीय बेटे तनुष ने गुरुवार दोपहर काे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह विकास ने उसे साइकिल चलाने से मना किया और पढ़ाई में ध्यान देने को लेकर डांट लगाई थी। इसी बात को लेकर तनुष ने फांसी लगा अपनी जान दे दी। तनुष पढ़ने में अच्छा था। उसे इस बार 10वीं की परीक्षा देनी थी। अपना बेटा खोने के बाद परिवार में गम का माहौल है। मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

केस-3 :मां ने मोबाइल पर गेम खेलने से मना किया तो बेटे ने जान दे दी

24 जनवरी को डिंडोली में एक 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मां ने मोबाइल पर गेम खेलने को लेकर मना किया और डांट लगाई तो छात्र ने फांसी लगा ली। डिंडोली आनंदी टाउनशिप निवासी 16 वर्षीय भानुप्रताप सिंह चौहान को ऑनलाइन की पढ़ाई को लेकर परिजनों ने मोबाइल फोन दिया था। लेकिन पढ़ाई के बजाय वह गेम खेल रहा था। इसी बात को लेकर मां ने डांट लगाई तो उसने अपनी जान दे दी।

केस-4 : होम वर्क के लिए डांटा तो दसवीं की छात्रा ने जहर पी लिया, मौत

14 जनवरी को डिंडोली अालोक रेजिडेंसी निवासी 15 वर्षीय खुशी प्रकाश पटेल जाे 10वीं की छात्रा थी, उत्तरायण के दिन उससे मां ने ऑनलाइन होम वर्क के लिए कहा तो खुशी ने आनाकानी की। इसके बाद मां ने खुशी के टीचर को फोन कर उसकी शिकायत की। इसी बात से नाराज हाेकर खुशी ने एकांत में जाकर जहर पी लिया जिससे उसकी तबियत बिगड़ गई। बाद में इलाज के दाैरान उसकी मौत हो गई।

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