• Hindi News
  • Local
  • Gujarat
  • The whole family Corona positive, even after the death of the husband, these nurses say I will continue to serve the patients

जज्बे को सलाम / पूरा परिवार कोरोना पॉजीटिव, पति की मौत के बाद भी ये नर्स कहती हैं-मरीजों की सेवा करती रहूंगी

कोरोना वारियर्स उर्मिला बेन पांचाल कोरोना वारियर्स उर्मिला बेन पांचाल
X
कोरोना वारियर्स उर्मिला बेन पांचालकोरोना वारियर्स उर्मिला बेन पांचाल

  • पति का अंतिम संस्कार वीडियो कॉल से देखा
  • पति की इच्छा के बाद भी वीआरएस नहीं लिया

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 07:34 AM IST

अहमदाबाद. जिसने जीवन भर सेवा करने का संकल्प ले लिया हो, वह भला कभी अपने रिटायरमेंट के बारे में सोच सकती है भला? मैंने पति का अंतिम संस्कार वीडियो कॉलिंग से देखा, पूरा परिवार कोरोना पॉजीटिव रहा, इसका दु:ख है, पर अफसोस करने से क्या होता है? मैंने सेवा का संकल्प लिया है, जो हमेशा जारी रखूंगी। ये शब्द हैं सिविल हॉस्पिटल की नर्स उर्मिला पांचाल के। जिसने तमाम विसंगतियों के बीच मरीजों की सेवा करना नहीं छोड़ा। वे इस समय 58 साल की है, पर सेवा के नाम से हमेशा तत्पर रहती हैं। लोग इनके जज्बे को सलाम करते हैं।


बेटा-बहू दोनों ही मेडिकल लाइन में
कोरोना ने कई लोगों की जिंदगी बदलकर रख दी है। पर जिसने सेवा का संकल्प ले लिया हो, उसके सामने कोरोना का डर कुछ भी नहीं। 58 वर्षीय उर्मिला बेन के बेटे-ब्हू दोनों ही मेडिकल लाइन में हैं। उनकी बेटी कनाडा में है। इस उम्र में भी वे सिविल हॉस्पिटल में नर्स के रूप में सेवा के लिए तत्पर दिखाई देती हैं।


पति चाहते थे वीआरएस ले लूं
उर्मिला बेन कहती हैं कि पति सुरेश भाई कहते थे, हमें धन की क्या आवश्यकता है। नौकरी छोड़ो, वीआरएस ले लो। अब हमें अपनी जिंदगी जीनी चाहिए। एक बार मैंने भी सोचा, क्यों न इनकी बात मान ली जाए। पर इतने में ही दबे पांव कोरोना ने दस्तक दी। तब मैंने कहा कि इस कोरोना आ गया है, अभी सेवा करने का समय है। इसलिए मैंने वीआरएस लेने का विचार त्याग दिया। फिर लग गई मरीजों की सेवा में।


पॉजीटिविटी नहीं छोड़ी
उर्मिला बेन की तबीयत बिगड़ी, तब उन्होंने कोरोना टेस्ट कराया। रिपोर्ट पॉजीटिव आई। जहां खुद मरीजों की सेवा करती थी, वहीं खुद भर्ती हो गई। कुछ दिन बाद पति की रिपोर्ट भी पॉजीटिव आई। वे भी अस्पताल में भर्ती हो गए। उधर बेटा-बहू भी पॉजीटिव आए, तो उन्होंने खुद को क्वारेंटाइन कर लिया। पूरा परिवार कोरोना की चपेट में आ गया। पर उर्मिला बेन ने अपनी पॉजीटिविटी नहीं छोड़ी।


पति का अंतिम संस्कार देखने की इच्छा थी
कोरोनाग्रस्त पति की मौत हो गई। उर्मिला बेन के सामने दुविधा यह थी कि उनका अंतिम संस्कार कौन करे? घर के सभी लोग तो कोरोना की चपेट में थे। तब उर्मिला बेन ने हॉस्पिटल के एसआई जैमिन भाई से बात की। आप मेरे पति का अंतिम संस्कार करो। मेरी इच्छा है कि मुझे अंतिम संस्कार की पूरी विधि देखनी है। पांच दोस्तों ने इस काम को अंजाम दिया। पति का अंतिम संस्कार हो गया, मैंने वीडियो कॉल से पूरी विधि देखी।


ऐन वक्त पर मैदान छोड़ने वालों में से नहीं हूं
उर्मिला बेन कहती हैं-पति की इच्छा थी कि मैं वीआरएस ले लूं। पर मेरा मन नहीं माना। मैंने सोचा-जब पूरी जीवन ही मरीजों की सेवा में लगा दिया है, तो ऐन वक्त पर ऐसा करना कैसे छोड़ सकती हूं। पति की इच्छा उनके जीते-जी पूरी नहीं कर पाई, इसका दु:ख जरूर है, पर अफसोस ज़रा भी नहीं है।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना