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उम्मीद टूटी:इस बार त्योहारी सीजन में भी 20% ही ज्वेलरी कारोबार

सूरत8 महीने पहले
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  • ज्वेलरी उद्योग पर महामारी व बढ़ते सोने के दाम की मार, पिछले साल से 80% कम हुआ बिजनेस

कोरोना महामारी से ज्वेलरी उद्योग भी संकट के दाैर से गुजर रहा है। सूरत शहर में इन दिनों 2000 से 2500 छोटे-बड़े ज्वैलर्स की हालत खराब है। इसका मुख्य कारण कोरोना और गोल्ड के बढ़े दाम हैं। आमतौर पर नवरात्रि से धनतेरस तक प्रति दिन 60 से 80 करोड़ रुपए का कारोबार होता है, लेकिन इस बार मुश्किल से 20 फीसदी यानी 12 से 18 करोड़ रुपए का कारोबार हो रहा है। लाॅकडाउन के बाद भी कारोबार ठप रहा था।

अब धीरे-धीरे 20 फीसदी तक पहुंचा है। हालांकि अक्षय तृतीया और धनतेरस पर भी मुश्किल से 50 फीसदी कारोबार की उम्मीद है। डेढ़-दो माह पहले गोल्ड के दाम ऑल टाइम हाई 58 हजार प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना की वजह से माइनिंग कंपनियां बंद हो गई थीं, इससे गोल्ड के दाम बढ़ गए थे।

आशंका: आगामी दिनों में और बढ़ सकता है सोने का दाम
आगामी दिनों में गोल्ड के दाम अधिक रहने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। 58 हजार तक पहुंचने के बाद अब सोना 52 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा है। अागामी दिनों में फिर से दाम बढ़ सकते हैं। साल भर के कारोबार का 80 फीसदी कारोबार दिवाली के समय यानी कि अक्टूबर से दिसंबर के दौरान होता है। अक्टूबर की शुरुआत में तो ज्वेलरी कारोबार ठंडा ही रहा है। अब आगामी दिनों में भी पिछले साल जैसा कारोबार होने की उम्मीद नहीं है।

लाॅकडाउन व गोल्ड के दाम बढ़ने से कारोबार में बने बुरे हालात

नवरात्रि से लेकर धनतेरस तक अच्छे कारोबार की उम्मीद है। हालांकि यह बात भी तय है कि पिछले साल जैसा माहौल नहीं रहेगा। लाॅकडाउन, गोल्ड के अधिक दाम और सारे बिजनेस डाउन रहने से बुरे हालात बने हैं। कोरोना की वैक्सीन आने के बाद ही तेजी देखने को मिलेगी।
नैनेश पच्चीगर, रीजनल डायरेक्टर, इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन

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