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कोरोना वैक्सीन आने वाली है:50 से कम के हाइपर टेंशन-डायबिटीज वालों को तीसरे चरण में लगेगी वैक्सीन

सूरत5 महीने पहले
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  • एक बार पॉजिटिव हो चुके कोमोरबिड को भी तीसरे चरण में डाला
  • तीसरे चरण में किसी भी उम्र के वे कोमोरबिड भी जो पॉजिटिव हो चुके हैं, सूरत में ऐसे ही 70 से ज्यादा कोमाेरबिड की मौत भी हो चुकी

गुजरात के दूसरे सबसे बडे़ कोरोना हॉट स्पॉट सूरत के लिए कोरोना की वैक्सीन जल्द मिलने की उम्मीद है। इसके लिए शहर में सर्वे भी शुरू हो चुका है। वैक्सीन के लिए अभी किए जा रहे सर्वे में कोमोरबिड लोगों को दो श्रेणियों में बांट दिया है।

सर्वे के फाॅर्मेट के मुताबिक इस सूची में 50 साल से कम उम्र के उन लोगों को अभी शामिल नहीं किया जा रहा है, जो हाइपर टेंशन और डायबिटीज से पीड़ित कोमोरबिड श्रेणी के मरीज हैं। इसके अलावा एक बार पॉजिटिव हो चुके सभी उम्र के कोमोरबिड लोगों को भी सूची में शामिल नहीं किया जा रहा है।

इन दोनों तरह के कोमोरबिड लोगों को अब तीसरे चरण में ही वैक्सीन लग पाएगी। पचास से कम उम्र के इन दोनों बीमारियों वाले 51 से ज्यादा की शहर और जिले में 70 ज्यादा की मौत हो चुकी है। कोरोना महामारी से वृद्धों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे काेमोरबिड मरीजों को सबसे ज्यादा खतरा है।

इनके आसानी से संक्रमित होने और जान जाने की आशंका के चलते वैक्सीन की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन दोनों श्रेणी के कोमाेरबिड लोगों के लिए वैक्सीन लगने का इंतजार और लंबा होने वाला है। पहले चरण में हेल्थ वर्कर और दूसरे में 50 से ज्यादा के कोमोरबिड को शामिल किया जा रहा है।

बता देंं कि शहर में कोमोरबिड और वरिष्ठ नागरिकों की सूची बनाने के लिए सूरत महानगर पालिका के कर्मचारी मतदाता सूची के साथ डोर टू डोर सर्वे कर रहे हैं। वैक्सीन के लिए विशेष तौर पर फायनल सर्वे किया जा रहा है। पूर्व में एआरआई के मामले और 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को ढूंढने के लिए कई बार सर्वे किया जा चुका है। इस सर्वे में पहचान के डॉक्यूमेंट देखकर सही जानकारी जुटाने में लगे हैं।

पहले चरण के लिए 5 से 8 लाख लोग चिह्नित हो सकते हैं

सूरत में शुरू हो चुका वैक्सीन की शुरुआती डोज का सर्वे, एक हफ्ते में हो जाएगा पूरा

मनपा के एपीएक्स सर्वे के मुताबिक 50 साल से अधिक उम्र के 3 लाख 50 हजार से 3.80 लाख लोग हैं। इसके अलावा 95 हजार लोग कोमोरबिड हैं। यानी शहर में तीसरे चरण में और सबसे सेंसिटिव कोमोरबिड और 50 साल से अधिक उम्र वालों की संख्या में पौन 5 लाख से 5 लाख के करीब आकी जा रही है, लेकिन यह संख्या 6 से 8 लाख तक भी जा सकती है।

मतदाता सूची के अनुसार तो शहर में 11 लाख से अधिक लोग पात्रता रखते हैं। बता दें कि गुजरात में अहमदाबाद के बाद सूरत सबसे बड़ा हॉट स्पॉट है। यहां अब तक 1093 लोगों की जान जा चुकी है और 46530 संक्रमित मिल चुके हैं।

सिर्फ ऐसे कोमाेरबिड होंगे पात्र

किसी भी उम्र के हार्ट, किडनी, कैंसर, वाल्व की समस्या, एचआईवी पीड़ित कोमोरबिड मरीजों के नाम वैक्सीन की सूची में शामिल किए जा रहे हैं।

तीन श्रेणियों को प्राथमिकता होगी

कोरोना वॉरियर्स फ्रंटलाइन वर्कर कोमोरबिड और 50 साल से अधिक उम्र के लोग अब तक कोरोना वॉरियर की सूची बन चुकी है।

ये दस्तावेज दिखा सकेंगे: वोटर कार्ड, पेन कार्ड, लाइसेंस, राशन कार्ड, बैंक खाते की पासबुक, पोस्ट खाते की पासबुक, मनरेगा कार्ड, पासपोर्ट, हेल्थ इंश्योरेंस का स्मार्टकार्ड, पेंशन कार्ड, एनआरपी- आरजीआई से इश्यू कार्ड, राज्य सरकार या केंद्र सरकार का पहचान पत्र आदि लेकिन आधार कार्ड मान्य नहीं होगा।

वैक्सीन लगने का अपडेट फोन पर मिलता रहेगा: कोमोरबिड, 50 साल से अधिक उम्र के लोग समेत जिन्हें पहले चरण में वैक्सीन दी जानी है उनके मोबाइल नम्बर पर राज्य सरकार द्वारा जानकारी दी जाएगी। नजदीकी वार्ड ऑफिस, हेल्थ सेंटर या समिति की स्कूल में वैक्सीन लगाई जाएगी।

ग्राउंड रिपोर्ट: कुछ लोग ऐसे भी जो नहीं लगवाना चाहते वैक्सीन

कोरोना संक्रमण के अब तक हुए सर्वे में डोर टू डोर सर्वे के दौरान भी बड़ी उम्र वाले और कोमोरबिड लोगों में से कई जानकारी अधिकतर छुपाते रहे हैं। अब वैक्सीन को लेकर शुरू किए गए सर्वे में स्वास्थ्य अधिकारी मतदाता सूची को साथ में रखकर 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को ढूंढा जा रहा है।

खासकर लिम्बायत जोन में परेशानी आ सकती ळै। जानकारी छुपाने के अलावा कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार की भी आशंका है।

सर्वे के लिए 600-600 की तीन टीमें बनाई गई हैं। इसमें 2000 मकान और 10 हजार की आबादी है। प्रत्येक टीम में 3 कर्मचारी हैं। 4 दिन में सर्वे कोड खत्म करने होंगे। उसके बाद लिस्टिंग समेत अन्य कार्य में 2 से 3 दिन लगेंगे।

डर इसलिए: कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर में सर्वे के दौरान कोमोरबिड लोगों को कोविड केयर सेंटर में ले जाया जाता था इसलिए लोग जानकारी छुपाते थे। इसलिए वैक्सीन सर्वे में कोमोरबिड और 50 साल से कम उम्र के लोगों की संख्या बढ़ने की संभावना है।

पति-पत्नी को वैक्सीन की जरूरत नहीं है

वराछा की वंदना सोसायटी में मकान नंबर 91 में रहने वाले 54 वर्षीय प्रवीण धनाणी ने टीम से कहा कि मुझे पता है आप वैक्सीन के लिए कोमोरबिड लोगों की सूची बना रहे हैं। मुझे और मेरी पत्नी को वैक्सीन की जरूरत नहीं है। अब तक मुझे कोरोना नहीं हुआ है।

कहीं अस्पताल ले जाकर तो नहीं डाल दोगे हमें?

नाना वराछा स्थित वंदना सोसायटी में कानजी घंटाडा का नाम मतदाता सूची में नहीं था लेकिन 50 साल के होने से उनका नाम सर्वे में शामिल किया गया। हालांकि जानकारी देते समय कहने लगे कहीं सिविल अस्पताल में ले जाकर भर्ती तो नहीं कर दोगे?

कोमोरबिड लोगों की पुरानी सूची के मुताबिक गूगल सीट बनाकर सर्वे हो रहा है। राज्य सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक 50 साल से कम वाले डायबिटीज और हाइपर टेंशन वाले और पॉजिटिव हो चुके कोमोरबिड को अभी शामिल नहीं किए जा रहा। -जयेश वागड़िया, स्वास्थ्य अधिकारी, मनपा

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