त्योहार के जश्न में 4 की मौत:एक के पिता ने भी सदमे में दम तोड़ा, गरबा और अभिनय करते हुए जान गंवाई

आणंद4 महीने पहले

महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश में त्योहार का जश्न मनाते 4 युवकों की मौत हो गई। चारों की मौत की वजह हार्ट अटैक रही। इनमें से महाराष्ट्र में जान गंवाने वाले युवक के पिता को भी सदमे में हार्ट अटैक आया और उन्होंने भी दम तोड़ दिया।

महाराष्ट्र: युवक की 3 महीने पहले ही हुई थी शादी

मनीष सोनिग्रा (बाएं) उनके पिता नरपजी सोनिग्रा (66)। चंद घंटों में ही इन पिता-पुत्र ने जान गंवा दी। इस खबर से पूरी कॉलोनी में मातम पसरा है।
मनीष सोनिग्रा (बाएं) उनके पिता नरपजी सोनिग्रा (66)। चंद घंटों में ही इन पिता-पुत्र ने जान गंवा दी। इस खबर से पूरी कॉलोनी में मातम पसरा है।

महाराष्ट्र के पालघर में गरबा खेलने के दौरान 35 साल के मनीष नरपजी सोनिग्रा शनिवार रात इलाके के ग्लोबल सिटी परिसर में गरबा खेल रहे थे। तभी वे बेहोश होकर गिर पड़े। उनके पिता नरपजी सोनिग्रा (66 वर्ष) बेटे को तुरंत अस्पताल लेकर गए। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। खबर लगते ही अस्पताल में ही पिता को भी हार्ट अटैक आ गया और उनकी भी मौत हो गई। मनीष की तीन महीने पहले 24 जून 2022 को शादी हुई थी।

गुजरात: आणंद में युवक गरबा खेलते हुए गिरा और मौत

राज्य में आणंद जिले में शुक्रवार रात वीरेंद्र सिंह राजपूत (21) की भी गरबा खेलने के दौरान मौत हो गई। तारापुर इलाके की शिव शक्ति सोसायटी में नाचते समय उन्हें चक्कर आया और वे गिर गए। सोसायटी के लोग उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टर ने बताया कि उन्हें अटैक आया था। घटना 30 सितंबर की है, लेकिन इसका वीडियो अब वायरल हो रहा है। वीरेंद्र के दोस्त ने ही यह वीडियो बनाया था। उसने बताया कि दोस्तों की जिद पर ही वीरेंद्र गरबा खेलने पहुंचा था।

उत्तर प्रदेश: हनुमान का पात्र कूदा, गिरा और फिर नहीं उठा

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के सलेमपुर गांव में रामलीला में हनुमान की भूमिका निभा रहे रामस्वरूप (55) की अभिनय के दौरान मौत हो गई। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।
बैकग्राउंड में हनुमान लीला से संबंधित गाना चल रहा है और रामस्वरूप गदा लेकर कूद रहे हैं। अचानक वे मंच से गिरे और उनकी मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर

अयोध्या में रावण बने युवक की मौत मौत

उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रुदौली में रावण का अभिनय कर रहे पतिराम रावत (58) की मौत हो गई। वह रविवार रात रामलीला में अभिनय कर चेजिंग रूम जा रहे थे। तभी अचानक गिर गए। लोगों को लगा कि रस्सी फंसने से गिर गए हैं। फिर लोग उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पढ़ें पूरी खबर...

अचानक मौत की वजह, हार्ट में शॉर्ट सर्किट: डांस करते-करते ज्यादा एक्साइटमेंट कॉर्डियक अरेस्ट की वजह
भास्कर ने एक्सपर्ट्स से जानने की कोशिश की कि आखिर ऐसे कैसे मौत हो जाती है। इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि पहली नजर से देखने में यह हार्ट में इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट जैसे मामले की तरह है। वह कहते हैं कि कोविड के बाद कार्डियक अरेस्ट के मामले बढ़ रहे हैं। सिर्फ भारत नहीं, बल्कि अमेरिका और यूरोप में भी ऐसा ही ट्रेंड बढ़ रहा है।

दैनिक भास्कर ने 3 एक्सपर्ट्स से बात की है। जानिए उनका क्या कहना है...

सबसे पहले बात लखनऊ के डॉ. भुवन चंद्र तिवारी से...

लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ. भुवन चंद्र तिवारी ने बताया, 'शादी में डांस करते वक्त, स्टेज पर परफॉर्मेंस देते समय या फिर जिम में एक्सरसाइज करने के समय जान चली जा रही है। इसके पीछे बड़ा कारण पहले से ही हार्ट की किसी समस्या से ग्रस्त होना हो सकता है। हालांकि, ऐसा हर मामले में हो, यह भी जरूरी नहीं है।'

ज्यादा एक्साइटमेंट से हो सकता है कार्डियक अरेस्ट
डॉ. भुवन कहते हैं, 'कार्डियक अरेस्ट किसी नॉर्मल इंसान को आ सकता है। कई बार ज्यादा एक्साइटमेंट होने के कारण 'एड एनर्जी ड्राइव' बढ़ जाती है। हार्ट कोलैप्स कर जाता है। हार्ट के मसल स्ट्रांग होने के कारण 'एड एनर्जी ड्राइव' के दौरान उनके मसल में सिकुड़न ज्यादा होने के केस भी सामने आए हैं। ऐसे समय में हार्ट का रिदम बिगड़ जाता है और कार्डियक अरेस्ट से अचानक मौत भी हो जाती है।'

अब जानिए हार्ट में क्यों होता है इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट?
हार्ट में कंडक्शन सिस्टम होता है, जिसमें इलेक्ट्रिकल करंट एक जगह से दूसरे जगह तक फ्लो करता है। इसकी वजह से हार्ट में सिकुड़न होती है और नॉर्मल सीक्वेंस में हार्ट बीट करता है। नॉर्मल हृदय गति एक मिनट में 72 बार धड़कता है। मगर, जब यह रेट 200-250 या 300 बीट प्रति मिनट हो जाती है, तो हार्ट इफेक्टिव तरीके से ब्लड पंप नहीं कर पाता है। ब्रेन में सप्लाई न पहुंचने के कारण मौत हो जाती है।

अब जानिए क्या कहना है SGPGI लखनऊ के टॉप कार्डियोलॉजिस्ट का

लाइफ स्टाइल में आए चेंज से बढ़ रहे कार्डियक अरेस्ट
SGPGI के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड प्रो.आदित्य कपूर ने बताया, 'यह बात सही है कि हाल के दिनों में कार्डियक अरेस्ट के मामलों में तेजी आई है। पहले 2015-16 के दौर में भारत में सालाना 7 लाख कार्डियक अरेस्ट के मामले रिपोर्ट होते थे, पर अब इनका प्रोजेक्शन करीब 12 लाख हो गया है। एक और चिंता का विषय यह भी है कि इंडिया में कार्डियक अरेस्ट के केस में सर्वाइवल रेट महज 1% के करीब है। हमें क्यूरेटिव मेजर्स के अलावा प्रीवेंटिव मेजर्स पर भी ध्यान देने के जरूरत है।'

कार्डियक अरेस्ट के मामले ज्यादा होने के कारण

  • लाइफ स्टाइल में चेंज, इसके पीछे बड़ा कारण है
  • इरेटिक वर्किंग टाइम शेड्यूल
  • नॉट गुड स्लीप यानी नींद पूरी न होना
  • टोबैको का सेवन और स्मोकिंग की आदत
  • भोजन की थाली में पौष्टिक खाना कम होना
  • फ्रूट्स खाने में लापरवाही
  • हरी सब्जियां कम खाना

अब बात करते हैं दुनिया भर के माहौल की

स्वीडन बेस्ड भारतीय मूल के मेडिसिनल साइंटिस्ट प्रो.राम उपाध्याय ने बताया, 'दुनिया भर से जो आंकड़े सामने आ रहे हैं। उन्हें देखकर कहा जा सकता है कि हार्ट अटैक से 4 गुना ज्यादा मौतें कार्डियक अरेस्ट से हो रही हैं। यूरोप और अमेरिका में अब इसको लेकर बहुत अवेयरनेस है, पर भारत में लोगों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।'

अमेरिका में तेजी से बढ़ रही हार्ट कॉम्पलीकेशंस से मरने वालों की संख्या

2020 : 40 हजार मौतें (सालाना)

2022 : 66 हजार मौतें ( सालाना)

2023 : 80 हजार मौतें (प्रोजेक्शन फिगर)

यूरोप और अमेरिका में जिन लोगों में कार्डियक अरेस्ट होने का खतरा है उनको बचाने के लिए ICD (implantable cardioverter-defibrillator) ट्रांसप्लांट भी किया जाता है।
यूरोप और अमेरिका में जिन लोगों में कार्डियक अरेस्ट होने का खतरा है उनको बचाने के लिए ICD (implantable cardioverter-defibrillator) ट्रांसप्लांट भी किया जाता है।

कार्डियक अरेस्ट आए तो क्या करें

  • कार्डियक अरेस्ट आने के बाद 1 से 3 मिनट बेहद अहम होते हैं।
  • इस दौरान डीफैब्रिलेटर के जरिए चेस्ट में डीफैब्रिलेशन (automated external defibrillator) देना जरूरी है।
  • कार्डियक मसाज देकर भी हार्ट को तत्काल रिवाइव किया का सकता है।