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सड़क हादसा:स्कूटी पर जा रहे चाचा और 6 साल के भतीजे को ट्रक ने मारी टक्कर, ट्रक के नीचे आने से बच्चे की माैत

सूरतएक महीने पहले
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  • माता-पिता और बहन ऑटो में जा रहे थे रेलवे स्टेशन, बच्चे ने चाचा के साथ स्कूटी पर जाने की जिद की थी

गोड़ादरा में स्कूटी पर जा रहे चाचा और 6 वर्षीय भतीजे काे ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद दाेनाें स्कूटी सहित नीचे सड़क पर गिर गए। इस घटना में बच्चा ट्रक के नीचे आ गया, उसकी मौत हो गई थी। वहीं चाचा को गंभीर चाेट लगी है।

परिवार का आरोप है कि ट्रक चालक गैर जिम्मेदारी से गाड़ी चला रहा था। जिसके कारण उसने स्कूटी को टक्कर मार दी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

बच्चे के पिता आशीष कुमार रमापति तिवारी ने बताया कि साेमवार को चंडीगढ़ जाने के लिए दोपहर 3:30 बजे उनकी ट्रेन थी। घर से निकलने के लिए एक ऑटो रिक्शा का प्रबंध किया गया, जिसमें सामान रखा था। इसके बाद वह पत्नी संध्या और बेटी हर्षिता के साथ ऑटो रिक्शा में बैठ गया। पूरा सामान ऑटो रिक्शा में नहीं आ रहा था। जिससे उनका छोटा भाई प्रमेंद्र उन्हें रेलवे स्टेशन तक छोड़ने के लिए स्कूटी पर आया। एक बैग स्कूटी पर रखा था। उनका 6 वर्षीय बेटा हर्षित अपने चाचा परमेंद्र के साथ स्कूटी पर जाने की जिद करने लगा।

दोपहर 2:30 बजे आशीष अपने परिवार के साथ ऑटो में स्टेशन जाने के लिए निकला, वहीं स्कूटी पर परमेंद्र और हर्षित स्टेशन जा रहे थे। 2:45 बजे के आसपास गोड़ादरा महाराणा चौराहे के पास पहुंचते ही एक बड़े ट्रक (नंबर जीजे15 यूयू 1511) के चालक ने ट्रक से परमेंद्र की स्कूटी को टक्कर मार दी। इससे परमेंद्र और हर्षित एक्टिवा से नीचे गिर गए। इस दुर्घटना में ट्रक का पहिया हर्षित के सिर पर चढ़ गया और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं परमेंद्र के शरीर काफी चोटें लगीं। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने रात 9 बजे आरोपी ट्रक ड्राइवर धर्मराज सरोज को गिरफ्तार किया है।

छुट्टी बिताने को सूरत आया था पूरा परिवार

शिकायतकर्ता ने बताया कि वह पिछले 4 साल से चंडीगढ़ के फैशन हाउस नाम की फुटवियर कंपनी में मैनेजर है और 1 साल से परिवार के साथ चंडीगढ़ में ही रह रहा है। 6 दिसंबर को उसे छुट्टी मिली थी जिसके बाद वह परिवार सहित चंडीगढ़ से सूरत आया था। शिकायतकर्ता के भांजे सत्यम ने बताया कि दोनों जुड़वा बच्चे थे। हर्षित और हर्षिता का जन्म एक ही दिन हुआ था। दोनों में कई आदतें एक जैसी थीं।

घर में इस घटना के बाद शोक का माहौल है। वहीं परमेंद्र की रीढ़ की हड्डी में भी गहरी चोट आई है। हर्षित का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। परिवार चंडीगढ़ में रहता था और उनके मूल गांव जौनपुर में फंक्शन होने के कारण चंडीगढ़ से वह लोग सूरत आए थे, फिर यहां गांव गए थे और गांव से लौटकर उन्हें सूरत से होते हुए चंडीगढ़ रवाना होना था।

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