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वैक्सीन न लेने वालों पर ज्यादा खतरा:वैक्सीन ही सुरक्षा कवच, क्योंकि: तीसरी लहर की 13 मौतों में से 6 ने टीके नहीं लगवाए थे, 3 ने लिया था बस एक डोज

सूरत4 महीने पहले
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मरने वाले सभी मरीजों को पहले से गंभीर बीमारियां, रोज आ रहे संक्रमितों में से 1 से 2% बिना वैक्सीन वाले। - Dainik Bhaskar
मरने वाले सभी मरीजों को पहले से गंभीर बीमारियां, रोज आ रहे संक्रमितों में से 1 से 2% बिना वैक्सीन वाले।

कोरोना की तीसरी लहर में पिछले 17 दिनों में कोरोना से 13 मरीजों की जान जा चुकी है। इनमें 6 मरीजों ने वैक्सीन ही नहीं ली थी, जबकि 3 मरीजों ने केवल सिंगल डोज लिया था। वहीं 4 मरीजों ने वैक्सीन के दोनों डोज लिए थे। जिन कोरोना मरीजों की मौतें हुई हैं वे सभी पहले से ही डायबिटीज, टीबी, ब्लड-प्रेशर, हृदयरोग जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। 1 से 9 जनवरी तक कोरोना मरीजों की मौत नहीं हुई, जबकि 10 से 17 जनवरी तक 13 मरीजों की मौत हुई।

रोज मिल रहे संक्रमितों में से करीब 50 फीसदी लोग पूरी तरह से वैक्सीनेटेड हैं। 1 से 2 फीसदी लोग मरीज ऐसे भी हैं, जिन्होंने अब तक वैक्सीन ही नहीं ली है। दो से तीन फीसदी ने सिंगल डोज लिया है। दो से तीन प्रतिशत पाॅजिटिव मरीज वैक्सीन के लिए एलिजिबल ही नहीं हैं। वहीं अन्य संक्रमित मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध ही नहीं है। हालांकि इस मामले में स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यह प्रोसेस लंबा होता है, इसलिए इसका डेटा धीरे-धीरे उपलब्ध हो जाएगा। डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं ली है, जल्द ले लेें। वैक्सीन ही कोरोना के लिए सबसे मजबूत कवच है। अस्पतालों में 400 मरीजों का इलाज चल रहा है। 12 वेंटिलेटर, 9 बाइपेप, 40 ऑक्सीजन और बाकी रूम एयर पर हैं।

13 दिन में 25970 लोग संक्रमित, इनमें 50 फीसदी से ज्यादा कोरोना वैक्सीन ले चुके हैं।
13 दिन में 25970 लोग संक्रमित, इनमें 50 फीसदी से ज्यादा कोरोना वैक्सीन ले चुके हैं।

400 मरीज अस्पताल में भर्ती
12 वेंटिलेटर पर
09 बाइपेप पर
40 ऑक्सीजन पर
339 रूम एयर पर

इस माह 1 जनवरी से 9 जनवरी तक कोरोना से कोई मौत नहीं हुई थी
5 जनवरी से 17 जनवरी तक यानी 13 दिनों में शहर में कुल 25970 लोग संक्रमित हुए, जिसमें 13276 लोगों ने वैक्सीन के दोनों डोज लिए थे। जबकि 351 लोगों ने सिंगल डोज लिया था। 797 वैक्सीन के लिए एलिजिबल ही नहीं थे, जबकि 222 लोगों ने वैक्सीन ही नहीं ली थी। इसके अलावा बचे हुए लोगों का डेटा स्वास्थ्य विभाग के पास अभी उपलब्ध नहीं है। विभाग के अनुसार 1 से 9 जनवरी तक कोई मौत नहीं हुई थी।

3419 नए केस, अब तक के सबसे ज्यादा, 1825 मरीज डिस्चार्ज किए गए, अब एक्टिव केस 20844
सोमवार को शहर में 2955 और ग्रामीण में 464 यानी कुल 3419 नए केस मिले। ये कोरोना काल में अब तक के सबसे ज्यादा नए मरीज हैं। उसके बाद से अब तक कभी इतने ज्यादा नए मरीज नहीं अाए। फिलहाल अब तक 174225 पाॅजिटिव आ चुके हैं। सोमवार को इलाज के दौरान 3 मरीजों की जान चली गई। अब तक 2132 मरीजों की जान जा चुकी है। दूसरी ओर 1825 मरीज डिस्चार्ज किए गए। अब तक 151239 मरीज ठीक हो चुके हैं। अब एक्टिव मरीजों की संख्या 20844 हो गई है।

अस्पतालों में भर्ती 400 पाॅजिटिव में से 80 फीसदी वैक्सीनेटेड, ज्यादातर के लक्षण माइल्ड
अभी शहर और जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों में लगभग 400 पॉजिटिव मरीज इलाज ले रहे हैं। इनमें से 80 फीसदी मरीज वैक्सीनेटेड हैं। सिविल अस्पताल में 80, जबकि स्मीमेर में 30 मरीजों का इलाज चल रहा है। बाकी मरीज निजी व जिले के अस्पतालों में भर्ती हैं। सिविल अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. विपुल ने बताया कि अस्पताल में इलाज ले रहे 80 से 85 फीसदी मरीज वैक्सीनेटेड हैं। लेकिन यह निर्भर करता है कि वैक्सीन कितने दिन पहले ली थी, क्योंकि लगभग 6 महीने के भीतर वैक्सीन से बनी एंटीबॉडी खत्म हो जाती है। वहीं बूस्टर डोज 9 महीने बाद लग रहा है। हालांकि जिन लोगों ने अभी तक वैक्सीन नहीं ली है, उन्हें जल्द वैक्सीन लेनी चाहिए, ताकि कम से कम 6 महीने एंटीबॉडी रह सके।

तारीखमौतसिंगलडोजडबलडोज नहीं लिया
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