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तीन खुशियां एक साथ:वैक्सीन मिली, एक दिन में सिर्फ 98 मरीज आए, वेंटि पर एक भी नहीं

सूरत10 दिन पहले
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न्यू सिविल अस्पताल में वैक्सीन के बॉक्स को मंगल टीका लगाते हुए स्वास्थ्य राज्य मंत्री। - Dainik Bhaskar
न्यू सिविल अस्पताल में वैक्सीन के बॉक्स को मंगल टीका लगाते हुए स्वास्थ्य राज्य मंत्री।
  • टीके की 42,640 डोज पहुंची, स्वस्थ सूरत का...

सूरत के लिए बुधवार का दिन तीन खुशियां लेकर आया। सबसे पहले न्यू सिविल स्थित रीजनल वैक्सीन सेंटर पर सुबह 11:50 बजे वैक्सीन की 93,270 डोज पहुंची, जिसमें से 42,640 डोज सूरत महानगर पालिका के अडाजण वैक्सीन सेंटर पर शाम 6 बजे भेजी गई। यहां से 16 जनवरी को शहर के 22 वैक्सीन सेंटर भेजा जाएगा।

यानी बूथ पर वैक्सीनेशन के दिन ही वैक्सीन पहुंचाई जाएगी। एसएमसी स्वास्थ्य अधिकारी प्रदीप उमरीगर ने बताया कि 42,640 डोज अडाजण स्थित वैक्सीन स्टोरेज सेंटर में पहुंचाई गई। 16 जनवरी को सुबह 9 बजे से पहले शहर के सभी 22 वैक्सीन सेंटर पर डोज पहुंचा दी जाएगी। दूसरी खुशखबरी यह रही कि अनलॉक में पहली बार 100 से कम काेराेना के मरीज अाए। इसके अलावा सिविल के कोरोना अस्पताल में अब सिर्फ 35 मरीज ही बचे हैं।

डांग छोड़ हर जगह पहुंचाई
बुधवार को डांग को छोड़कर हर जगह वैक्सीन पहुंचा दी गई। दोपहर 2 बजे के करीब सूरत जिला पंचायत की टीम वैक्सीन के 12 हजार 450 डोज लेकर गई। उसके बाद 4:30 बजे तापी के लिए 7,780 डोज, नवसारी के लिए 11,670 डोज और वलसाड के लिए 16,260 डोज शाम 5:15 बजे भेजी गई। सिर्फ डांग जिले के 2,470 डोज गुरुवार को भेजे जाएंगे।

हर सेंटर पर 7 कर्मचारी | प्रत्येक वैक्सिनेशन सेंटर पर 6 से 7 कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। 22 वैक्सिनेशन सेंटर पर 130 से 150 स्टाफ की नियुक्ति की गई है, जिसमें वैक्सीनेटर ऑफिसर, एएनएम, नर्सिंग स्टाफ, जीएनएम स्टूडेंट (हेल्पिंग स्टाफ), मार्शल, शिक्षक, प्राइमरी हेल्थ वर्कर और आशा वर्कर हैं। मास्क, हैंड ग्लब्स, सेनेटाइजर समेत कई आवश्यक वस्तु अनिवार्य रहेगी।

गंभीर रोगी 800 हो गए थे, अब इतने कम कि एक ही वॉर्ड में शिफ्ट करने की तैयारी

....क्योंकि सिविल के कोविड अस्पताल में 12 गंभीर मरीज बचे

सिविल अस्पताल में अब कोरोना मरीजों की संख्या मात्र 35 हैं। अच्छी बात यह है कि इनमें मात्र 12 मरीज ही गंभीर हैं, जिसमें 5 बाइपेप और 7 मरीज ऑक्सीजन पर हैं। कभी सिविल अस्पताल के कोरोना अस्पताल में 800 से अधिक गंभीर मरीज भर्ती थे। आज वहां मात्र 12 मरीज हैं।

सिविल अस्पताल
सिविल अस्पताल

इसलिए अस्पताल प्रबंधन ने फैसला किया है कि 12 मंजिला इमारत वाले कोरोना अस्पताल के मरीजों को अब मात्र एक वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाए, ताकि डॉक्टर्स, नर्सों और वार्ड कमी को इलाज देने में आसानी हो। साथ ही कम स्टाफ में एक ही वार्ड में बेहतर इलाज मिल सके। अभी मरीज 1000 बेड वाले अस्पताल में जहां ठान इलाज ले रहे हैं।

सिविल अस्पताल के अधीक्षक डॉ. शैलेश पटेल ने बताया कि कोरोना मरीजों की संख्या काफी कम हो गई है इसलिए उन्हें एक फ्लोर पर शिफ्ट करने की तैयारी है। इसमें कोरोना मरीजों को एक वार्ड में और संदिग्ध को अलग वार्ड में रखा जाएगा। इससे मरीजों को बेहतर इलाज के साथ साथ स्टाफ भी कम लगेंगे।

पिछले 4 दिन से सिविल अस्पताल में एक भी मरीज वेंटिलेटर पर नहीं
सबसे ज्यादा कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले सिविल अस्पताल में पिछले चार दिन से एक भी मरीज वेंटिलेटर पर नहीं है। इससे मौत के चांस बहुत कम होते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जिन मरीजों की मौत होती है वह वेंटिलेटर वाले ही होते हैं। जितने ज्यादा मरीज वेंटिलेटर पर होंगे मौत के आंकड़े बढ़ेंगे फिलहाल अभी एक भी मरीज इस मशीन पर नहीं है।

ऐसी है हालत | सिविल अस्पताल के अलावा स्मीमेर अस्पताल में केवल 9 मरीज ही गंभीर हालत में हैं जिसमे 1 वेंटिलेटर पर, 3 बाइपेप पर और 7 ऑक्सीजन पर हैं। वहीं शहर में अभी 53 मरीज वेंटिलेटर, 35 आईसीयू और 76 ऑक्सीजन पर हैं। इसमें कुछ मरीज अभी संदिग्ध माने गए हैं यानी उसकी रिपोर्ट आणि बाकी है। अभी कोरोना मरीज के लिए 7685 बेड है जिसमे मात्र 270 मरीजों का इलाज चल रहा है।

24 घंटे में 98 केस
शहर- जिले में बुधवार को किसान, छात्र और वकील सहित 98 लोग कोरोना पॉजिटिव आए है। इनमें शहर में 85 और जिले के 13 केस शामिल हैं। एक की मौत हुई और 121 लोग ठीक हुए हैं। अब तक 49,072 लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। 828 एक्टिव केस बचे हैं।

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