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लापरवाही / वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों को भेजा नोटिस कहा- फॉर्म, सर्टिफिकेट दोबारा जांचो

Veer Narmad South Gujarat University sent notice to colleges saying- Check the form, certificate again
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Veer Narmad South Gujarat University sent notice to colleges saying- Check the form, certificate again

  • दो काॅलेजों ने एटीकेटी में 6 बार फेल छात्रों का फॉर्म बिना जांचे ही यूनिवर्सिटी में भेजा

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 08:47 AM IST

सूरत. वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी में सब कुछ राम भरोसे चल रहा है। यहां न तो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझते हैं और न ही छात्रों के फाॅर्म और सर्टिफिकेट जांचने की कोई व्यवस्था है। छात्र जो सर्टिफिकेट जमा करते हैं कॉलेज उसे सीधे यूनिवर्सिटी में भेज देते हैं। यूनिवर्सिटी में भी इसकी जांच नहीं होती है और रिजल्ट दे दिया जाता है। अब तो ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं जिसमें परीक्षा न दे पाने वाले छात्रों को भी रिजल्ट मिल रहा है। यूनिवर्सिटी अब कॉलेजों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों को नोटिस देकर छात्रों के फॉर्म और सर्टिफिकेट दोबारा जांचने का आदेश दिया है। 
ज्ञातव्य है कि सोमवार को दैनिक भास्कर में डीआरबी कॉलेज के 3 छात्रों को गलत ढंग से रिजल्ट देने की खबर दिखाने के बाद मंगलवार को सामने आया कि पीएल चौहान कॉलेज में एटीकेटी में 6 बार फेल हुए छात्रों काे भी पास कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी ने छात्रों को रिजल्ट भी भेज दिया है। यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों से जवाब मांगा है कि और कितने छात्रों के गलत फॉर्म भरकर भेजे गए हैं।

अनदेखी: डीआरबी और पीएल चाैहान कॉलेज ने फॉर्म जांचे बिना ही यूनिवर्सिटी में भेज दिए थे

नर्मद यूनिवर्सिटी से जुड़े 300 काॅलेजों में 3 लाख से अधिक छात्र पढ़ते हैं। दूसरे राज्यों के छात्र भी पढ़ने आते हैं। बाहर से आने वाले छात्रों की डिग्री या रिजल्ट जांचने की कोई व्यवस्था नहीं है। एटीकेटी की परीक्षा देने के लिए छात्रों से भरवाए गए फॉर्म की जांच भी नहीं होती है। कॉलेज सीधे यूनिवर्सिटी में भेज देते हैं और उसी आधार पर छात्रों को परीक्षा में बैठने के लिए प्रवेश पत्र भी जारी कर दिया जाता है। बिना जांच किए ही छात्रों को रिजल्ट भी दे दिया जाता है।

डीआरबी कॉलेज और पीएल चौहान कॉलेज ने एटीकेटी में 6 बार फेल हुए छात्रों का फाॅर्म बिना जांचे ही यूनिवर्सिटी में भेज दिया था। कोरोनाकाल में दूसरे छात्रों की तरह इन्हें भी प्रमाेशन देकर पास कर दिया गया। रिजल्ट मिलने के बाद पता चला कि एटीकेटी में 6 बार फेल होने वाले छात्र सातवीं बार परीक्षा नहीं दे सकते हैं। सवाल यह उठता है कि छात्रों ने फॉर्म भरा तो कॉलेज ने उसे चेक क्यों नहीं किया? उधर, एसडी जैन कॉलेज ने तो यूनिवर्सिटी को बताए बिना ही छात्रों को प्रवेश दे दिया था। 

डिप्टी रजिस्ट्रार: ऐसी गलतियां बहुत बड़ी बात नहीं
दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग के डिप्टी रजिस्ट्रार ने कहा कि ऐसी गलतियां तो होती रहती हैं, ये कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। कॉलेजों ने जो फॉर्म भेजा था उसी आधार पर रिजल्ट बनाए गए हैं। जब गलती पकड़ी गई तो हमने रिजल्ट रद्द कर दिया। काॅलेजों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। डीआरबी कॉलेज और पीएल चौहान कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यूनिवर्सिटी में जिन कर्मचारियों ने फॉर्म जांचा था उनसे भी जवाबतलब किया गया है।

एससी, एसटी के छात्रों को छात्र वृत्ति नहीं मिली

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक वर्ष 2019-20 पूरा हो गया है। अभी तक छात्रों को न तो छात्र वृत्ति मिली है और न ही टैबलेट दिया गया। अखिल भारतीय विद्याथी परिषद के प्रदेश मंत्री हिमालय सिंह झाला ने मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को पत्र लिखकर नर्मद यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े कॉलेजों में पढ़ने वाले ओबीसी, एससी और एसटी के छात्रों को अभी तक छात्र वृत्ति नहीं दी गई।

यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की लापरवाही से छात्रों को टेबलेट भी नहीं दिया गया है। यूनिवर्सिटी में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत ऑनलाइन की गई है। छात्रों के पास कोई व्यवस्था ही नहीं है तो पढ़ाई कैसे करें। एबीवीपी के जैसल पटेल ने अनुसूचित जनजाति मंत्री ईश्वर पटेल से छात्रों को छात्र वृत्ति देने की मांग की है।

पोस्ट ग्रेजुएट की परीक्षा रद्द करने की मांग
सूरत | एनएसयूआई ने 13 जुलाई से होने वाली पोस्ट ग्रेजुएट की परीक्षा काे रद्द करने और मेरिट बेस प्रोगेशन देने की मांग करते हुए नर्मद यूनिवर्सिटी के बाहर हंगामा किया। एनएसयूआई ने कुलपति शिवेंद्र गुप्ता को सौंपे ज्ञापन में लिखा है कि कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में परीक्षा लेना ठीक नहीं है। परीक्षा को रद्द कर छात्रों को मेरिट बेस मार्क्स दिए जाएं। यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग का कहना है कि आखिरी सेमेस्टर की परीक्षा रद्द की गई तो छात्रों को आगे एडमिशन लेने और नौकरी में परेशानी होगी।

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