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सूरत की नई पहचान:तैयार होने को है डायमंड बुर्स विश्व की सबसे बड़ी इंटरकनेक्टेड बिल्डिंग, यह अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन से भी बड़ी

सूरत4 महीने पहले
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करीब 500 व्यापारियों ने कार्यालयों में शुरू कराया फर्नीचर का काम, जल्द होगा उद्घाटन। - Dainik Bhaskar
करीब 500 व्यापारियों ने कार्यालयों में शुरू कराया फर्नीचर का काम, जल्द होगा उद्घाटन।

सूरत के खजोद में बन रहे डायमंड बुर्स से सूरत के हीरा उद्योग की चमक और बढ़ जाएगी। डायमंड बुर्स को दुनिया की सबसे बड़ी इंटरकनेक्टेड बिल्डिंग बताई जा रही है। डायमंड बुर्स का 90 प्रतिशत काम लगभग पूरा हो चुका है। सूरत, मुंबई, जयपुर समेत विदेशी उद्योगपतियों ने भी इसमें बुकिंग करवाई है। बुकिंग कराने वाले जल्द ही अपने कार्यालय खोलने की तैयारी में हैं। 500 से अधिक उद्यमियों ने अपने कार्यालय में फर्नीचर बनवाने का काम भी शुरू करवा दिया है। डायमंड बुर्स का उद‌्घाटन भी जल्द ही किया जाएगा। इसके बाद यहां से हीरे का कामकाज धड़ल्ले से शुरू हो जाएगा।

हर टावर की हर मंजिल को एक-दूसरे से जोड़ा गया है।
हर टावर की हर मंजिल को एक-दूसरे से जोड़ा गया है।

डायमंड बुर्स के संचालकों का कहना है कि इसमें कुल 9 टावर हैं और यह ग्राउंड प्लस 15 मंजिला है। सभी टावर एक दूसरे से कनेक्टेड हैं। यानी कि आप टावर-1 की पहली मंजिल पर हैं तो टावर-9 या अन्य टावर की पहली मंजिल पर आसानी से आ-जा सकते हैं। इसी प्रकार हर टावर की हर मंजिल को एक-दूसरे से जोड़ा गया है। डायमंड बुर्स का क्षेत्रफल 68 लाख वर्गफीट है। बता दें, अभी तक अमेरिका का रक्षा मुख्यालय पेंटागन दुनिया की सबसे बड़ी कार्यालयीय इमारत है। इसका निर्माण 67 लाख वर्गफीट जमीन में हुआ है, जबकि डायमंड बुर्स को 68 लाख वर्गफीट जमीन में बनाया जा रहा है। इस लिहाज से सूरत की डायमंड बुर्स दुनिया की सबसे बड़ी इंटरकनेक्टेड बिल्डिंग है।

डायमंड बुर्स का क्षेत्रफल 68 लाख वर्गफीट है।
डायमंड बुर्स का क्षेत्रफल 68 लाख वर्गफीट है।

यहां सेफ डिपॉजिट वॉल्ट और बैंकिंग की सुविधा भी उपलब्ध
डायमंड बुर्स में हीरा कारोबारियों के लिए सेफ डिपॉजिट वॉल्ट और बैंकिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। खरीद-बिक्री के बाद बचे हुए हीरे-ज्वैलरी आदि को सेफ डिपॉजिट वॉल्ट में रख सकेंगे। इसकी सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था होगी। यहां बैंक भी खुलेंगे। इससे व्यापारियों को आर्थिक लेन-देन में आसानी होगी। हीरे की नीलामी के लिए ऑक्शन हाउस भी होगा। विदेशी कंपनियां भी हीरा नीलाम कर सकें, इसका प्रयास भी किया जा रहा है। डायमंड बुर्स कार्यरत होने पर 10 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।

दूसरे राज्यों के व्यापारी जल्द कारोबार शुरू करना चाहते हैं
डायमंड बुर्स के चेयरमैन वल्लभ पटेल ने बताया कि बुकिंग करवाने वाले जल्द कारोबार शुरू करना चाहते हैं। 500 से अधिक व्यापारियों ने अपने कार्यालयों में फर्नीचर बनवाने का काम शुरू कर दिया है। फर्नीचर बनाने का काम जल्द पूरा हो जाएगा। वहीं, कमेटी के सदस्य मथुर सवाणी ने बताया कि दूसरे राज्यों के व्यापारी चाहते हैं कि जल्द कारोबार शुरू हो जाए, ताकि उन्हें 6 महीने तक मेंटेनेंस न देना पड़े। बता दें, कमेटी ने मुंंबई में कारोबार समेट कर डायमंड बुर्स में शुरू करने वालों को छह महीने तक मेंटेनेंस में छूट देने की घोषणा की है।

सुरक्षा: डायमंड बुर्स में कुल 4000 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं
डायमंड बुर्स को हीरे के कारोबार के लिए बनाया जा रहा है। इसमें उद्योगपतियों के हीरे, ज्वेलरी की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर कुल 4000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। हर टावर में फायर सेफ्टी के लिए सेंसर लगे हैं। डायमंड बुर्स में कुल 4200 कार्यालय हैं। इसके अलावा 4500 चारपहिया और 10 हजार दुपहिया वाहनों के लिए विशालकाय पार्किंग है। डायमंड बुर्स शुरू होने के बाद हीरा व्यापारियों को कारोबार करने में आसानी होगी।

व्यवस्था: रेपापोर्ट का ऑफिस भी डायमंड बुर्स में होगा, यहां कस्टम कार्यालय खुलने से निर्यात में भी आसानी होगी
डायमंड बुर्स कार्यरत होने के बाद हीरा उद्योगपतियों का काम और आसान हो जाएगा। सूरत के उद्योगपति हीरे को निर्यात करने के लिए अभी मुंबई भेजते हैं। हालांकि सूरत में भी निर्यात की सुविधा शुरू हुई है, पर अधिकतर निर्यात मुंबई से ही हो रहा है। डायमंड बुर्स शुरू होने के बाद यहां कस्टम कार्यालय समेत अन्य सुविधाएं होने से हीरे का निर्यात भी आसान हो जाएगा। डायमंड बुर्स में रफ हीरे की बिक्री करने की कोशिश की जा रही है। रफ की बिक्री होने से उद्याेगपतियों का एंटवर्प तक नहीं जाना पड़ेगा। रफ हीरे की कीमत तय करने वाले रेपापोर्ट का कार्यालय भी डायमंड बुर्स में होगा।

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