वडोदरा में सेल्समैन का सुसाइड:नोट में लिखा- पत्नी और सास-ससुर की प्रताड़ना के बाद अब कोई रास्ता ही नहीं बचा, इसे मेरी आत्महत्या नहीं; हत्या माना जाए

वडोदरा9 महीने पहले
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शिरीष हंसमुखभाई दर्जी एक प्राइवेट कंपनी में सेल्समैन थे। - Dainik Bhaskar
शिरीष हंसमुखभाई दर्जी एक प्राइवेट कंपनी में सेल्समैन थे।

वडोदरा शहर की आम्रपाली सोसाइटी में रहने वाले एक युवक ने गृह-क्लेश से तंग आकर आज सुबह फांसी लगा ली। युवक ने सुसाइड नोट में लिखा है - पत्नी व सास-ससुर मुझे इतना प्रताड़ित कर रहे हैं कि अब सुसाइड के अलावा कोई और रास्ता ही नहीं बचा है। इसीलिए इसे मेरी आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या माना जाए। मुझे मरने के लिए मजबूर करने वाली पत्नी व उसके माता-पिता को सजा दी जाए।

काफी देर तक शिरीष के घर के दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ।
काफी देर तक शिरीष के घर के दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ।

दरवाजा न खुलने पर पड़ोसियों को हुआ शक
आम्रपाली सोसाइटी के मकान नं. 24 में रहने वाले शिरीष हंसमुखभाई दर्जी एक प्राइवेट कंपनी में सेल्समैन थे। इसके अलावा वे वकालत की पढ़ाई भी कर रहे थे। आज सुबह काफी देर तक शिरीष के घर के दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। इसके बाद जांच की गई तो कमरे में उनका लटकता शव मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव के पास ही शिरीष के हाथों लिखा सुसाइड नोट पाया।

गुजराती भाषा में लिखा सुसाइड नोट।
गुजराती भाषा में लिखा सुसाइड नोट।

पत्नी के चलते अपना घर छोड़ा
शिरीष ने सुसाइड नोट में लिखा है कि शादी के बाद से ही मोनिका मेरे परिवार के साथ रहना नहीं चाहती थी। मैंने उसे बहुत समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी। रोज-रोज के गृह-क्लेश से बचने के लिए आखिरकार मैंने अपने माता-पिता और भाई को छोड़ दिया। लेकिन, इसके बाद भी किसी न किसी बात पर मोनिका का मुझे प्रताड़ित करना जारी रहा।

मोनिका चाहती थी कि मैं अपने परिवार से कोई मतलब न रखूं। वहीं, जब मैंने उसके माता-पिता से बात की तो उन्होंने भी बेटी की तरफदारी की। मोनिका मुझे इसी बात की धमकी देती थी कि वह दहेज या घरेलू-हिंसा के केस में मुझे जेल भिजवा देगी। मैंने परिस्थितियों को अपने बस में करने की काफी कोशिशें कीं, लेकिन अब हिम्मत हार चुका हूं।

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