घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाएं इंसाफ के लिए भटक रहीं:सिविल अस्पताल में चल रहे सखी वन स्टॉप सेंटर की जानकारी स्टाफ काे भी नहीं

सूरत5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सिविल अस्पताल का फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
सिविल अस्पताल का फाइल फोटो

सिविल अस्पताल में घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए सखी वन स्टाफ सेंटर की व्यवस्था है। लेकिन जिस इमारत में यह सेंटर चल रहा था उसका इस समय मरम्मत का काम चल रहा है। ऐसे में सिविल के ज्यादातर स्टाफ काे भी पता नहीं है कि इस समय यह सेंटर किस बिल्डिंग में चलाया जा रहा है। इसके चलते अस्पताल में राेजाना आने वाली घरेलू हिंसा से पीड़ित दर्जनों महिलाओं काे इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। दरअसल सखी वन स्टाप सेंटर ट्रामा सेंटर की पहली मंजिल पर चल रहा था।

बिल्डिंग के मरम्मत का काम शुरू होने पर इसे किडनी अस्पताल की पहली मंजिल पर शिफ्ट कर दिया गया था। लेकिन इसकी जानकारी अस्पताल के अधिकतर स्टाफ को ही नहीं है तो पीडि़ताओं को इसका लाभ कैसे मिलेगा। यही कारण है की घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाएं अस्पताल में यहां-वहां भटकने काे मजबूर हैं। जबकि सेंट्रल मेडिकल स्टोर के सामने सखी वन स्टॉप सेंटर भवन बना दिया गया है, लेकिन इसे अभी शुरू नहीं किया गया है। ऐसे में पिछले 3 से 4 महीने से घरेलू हिंसा से पीड़ित दर्जनों महिलाएं रोजाना इंसाफ के लिए भटक रही हैं।

घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं काे मिलती है सेंटर से मदद
बता दें कि सखी वन स्टॉप सेंटर घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के मदद के लिए चलाया जाता है। इसमें पीड़ित को एक ही छत के नीचे इलाज के साथ न्याय और पारिवारिक विवाद सुलझाने में मदद मिलती है। यदि कोई पीड़िता अस्पताल में इलाज के लिए आ रही है तो उसे इलाज के साथ-साथ सखी वन स्टॉप सेंटर में भी मदद मिलती है।

पुलिस केस करवाने के साथ केस लड़ने के लिए वकील तक का इंतजाम यहीं कर दिया जाता है। सिविल अस्पताल में घरेलू हिंसा से पीड़ित दर्जनभर से अधिक महिलाएं इलाज के लिए रोजाना पहुंचती हैं। इलाज तो उन्हें मिल जाता है, लेकिन जानकारी के अभाव में न्याय के लिए उन्हें जगह-जगह भटकना पड़ता है।

मेडिकल ऑफिसर को करना होता है गाइड
फिलहाल इस समय ट्रामा सेंटर का सारा कामकाज किडनी अस्पताल में चल रहा है ऐसे में घरेलू हिंसा से पीड़ित यदि कोई महिला मरीज अस्पताल में आती है तो ऑन ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर उसका एमएलसी केस बनाकर इलाज करवाते हैं। पर सखी वन स्टॉप सेंटर के बारे में गाइड नहीं करते। हिंसा से पीड़ित महिलाओं को इस सेंटर के बारे पता नहीं रहता। वहीं अस्पताल में काम कर रहे ज्यादातर डॉक्टर, नर्स, वार्डकर्मी, सफाईकर्मी और गार्ड को भी इसकी जानकारी नहीं है कि यह सेंटर कहां चल रहा है।

सखी वन स्टॉप सेंटर के लिए सेंट्रल मेडिकल स्टार के सामने नया भवन बन रहा है। जिसका निर्माण अभी चल रहा है। फिलहाल किडनी अस्पताल के पहली मंजिल पर यह सेंटर चल रहा है। - डॉक्टर गणेश गोवेकर, अधीक्षक, सिविल अस्पताल

खबरें और भी हैं...