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दिशा-निर्देश:पराली प्रबंधन हेतु किसानों को मशीनों पर दिया गया 28 करोड़ 6 लाख का अनुदान- डीसी दहिया

कैथल20 दिन पहले
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  • विस्तार योजना के बारे में फीडबैक लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे

डीसी प्रदीप दहिया ने बुधवार को कहा कि जिला में पराली को न जलाने के लिए जीरो बर्निंग का लक्ष्य रखा गया है। पराली नवनिर्माण प्रोजेक्ट के तहत किसानों से पराली खरीदी जाएगी, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। गत वर्ष पराली प्रबंधन हेतू किसानों को मशीनों पर 28 करोड़ 6 लाख 93 हजार 415 रुपए का अनुदान दिया गया। इतना ही नहीं, किसानों को प्रति एकड़ एक हजार के हिसाब से पराली प्रबंधन करने पर 3 करोड़ 82 लाख रुपए का अनुदान भी दिया गया था।

डीसी लघु सचिवालय के कांफ्रेंस हॉल में पराली प्रबंधन को लेकर पराली नवनिर्माण प्रोजेक्ट के तहत बनाई गई विस्तार योजना के बारे में फीडबैक लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के तहत वेस्ट को वेल्थ में परिवर्तित करेंगे। पराली प्रबंधन के दृष्टिगत कांगथली में प्लांट बन रहा है जिसकी क्षमता एक हजार टन प्रतिदिन पराली लेने की है। इस प्लांट में पराली की गांठें बनाकर भिजवाई जा सकेंगी जिससे क्षेत्र के किसानों को आर्थिक लाभ होगा और पर्यावरण भी प्रदूषित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जिला में 1 लाख 55 हजार हैक्टेयर में धान की रोपाई होती है जिसमें 48 हजार हैक्टेयर में बासमती तथा एक लाख 9 हजार में नॉन बासमती लगाई जाती है। लगभग 9 लाख 61 हजार टन के आसपास पराली होती है, अगले वर्ष इन सीटू व्यवस्था के तहत 5 लाख 8 हजार टन तथा एक्स सीटू के बाहर 3 लाख 80 हजार टन पराली प्रबंधन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन हेतू कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पास 6 हजार 416 मशीनें हैं, जिनमें से 5 हजार 83 कस्टम हायरिंग सेंटर में मुहैया है।

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