बंपर आवक / जिला की मंडियों में 6 लाख 48 हजार 15 मीट्रिक टन गेहूं की आवक, अब भी उठान के इंतजार में 20 लाख क्विंटल गेहूं

6 lakh 48 thousand 15 metric ton wheat arrival in the mandis of the district, 20 lakh quintal wheat still waiting for pick up
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6 lakh 48 thousand 15 metric ton wheat arrival in the mandis of the district, 20 lakh quintal wheat still waiting for pick up

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

कैथल. सीजन के दौरान जिला की मंडियों व खरीद केंद्रों पर गुरुवार तक 6 लाख 48 हजार 15 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। गेहूं की फसल को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 1925 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया है। गुरुवार को जिला में 829 मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई। मंडियों में इन दिनों आवक नाममात्र की ही रह गई है,लेकिन अभी भी मंडियों में उठान के इंतजार में 20 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं अटका है। एजेंसियों द्वारा उठान धीमा कराने की वजह से आढ़ती परेशान हो रहे हैं। मंडी के पूर्व प्रधान जोगध्यान गोयल ने बताया कि अब मंडियों में आवक लगभग हो चुकी है। लेकिन उठान अभी तक नहीं किया जा चुका है। उन्होंने एजेंसी अधिकारियों से मांग की है कि जल्द से जल्द गेहूं की बोरियों का उठान कराया जाए। वहीं किसानों को अब भी गेहूं की पेमेंट नहीं मिल पाई है। काफी किसान हररोज आढ़तियों के चक्कर काट रहे हैं।

डीसी सुजान सिंह ने बताया कि गेहूं की कुल खरीद में से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 2 लाख 39 हजार 989 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 2 लाख 56 हजार 176 मीट्रिक टन, एफसीआई द्वारा 85 हजार 491 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयर हाउस द्वारा 66 हजार 359 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद गई है।

धीमा उठान आढ़ती परेशान, बोले- आग लगे या चोरी हो, अब उनकी नहीं जिम्मेदारी
पाई अनाज मंडी में खरीद किया गया गेहूं खरीद एजेंसी द्वारा न उठाने से आढ़तियों में सरकार व जिला प्रशासन के प्रति रोष है। आढ़तियों ने इसकी शिकायत सीएम विंडो में करने का मन बनाया हुआ है। मंडी के पूर्व प्रधान रणधीर सिंह ढुल, आढ़ती टीटू, राम कुमार, सतनारायण, ईश्वर व मोहन आदि ने बताया कि एफसीआई के बाद हैफेड द्वारा किसानों की गेहूं की फसल की खरीद की गई परन्तु एजेंसी इस खरीद की गई फसल का उठान बहुत ही धीमी गति से कर रही है, जबकि इस समय मंडी में किसानों की फसल आना बंद हो गई है। उन्होंने बताया कि मंडी में इस समय एक लाख से ज्यादा कट्टे भरे हुए पड़े हैं जिनकी आढ़तियों के द्वारा ढांग लगवा रखी है। उठान न होने से दिन-रात उनका पहरा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाद में उनसे खरीद एजेंसी पूरा वजन व सही क्वालिटी का गेहूं वसूल करती है, जो गलत है। उन्होंने बताया की यदि अब यह गेहूं बरसात व आग से खराब होने, चोरी होने और वजन कम होने की उनकी कोई जिम्मेवारी नहीं है। वे जल्दी ही इस बारे में सीएम विंडो द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत भी करवाएंगे। सरकार द्वारा खरीद एजेंसी को आदेश दिए हुए हैं कि फसल तुलने के 24 घंटे के बाद खरीद एजेंसी द्वारा लदान किया जाएगा। यहां तो 24 घंटे तो क्या 24 दिन के बाद भी लदान नहीं हो रहा।

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