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फ्री में होगा टेस्ट:जिला अस्पताल में शुरू हुआ कूंब्स टेस्ट, गर्भवती में पॉजिटिव एंटीबॉडी बनी या नहीं चल सकेगा पता

कैथलएक महीने पहलेलेखक: विक्रम पूनिया
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सिविल सर्जन की मौजूदगी में एलटी को कूंब्स टेस्ट की ट्रेनिंग करवाते एक्सपर्ट। - Dainik Bhaskar
सिविल सर्जन की मौजूदगी में एलटी को कूंब्स टेस्ट की ट्रेनिंग करवाते एक्सपर्ट।

दूसरी डिलीवरी के दौरान गर्भवती महिला व पेट में पल रहे बच्चे के लिए जोखिम पैदा करने वाली पॉजिटिव एंटीबॉडी की जांच के लिए सिविल अस्पताल कैथल में कूंब्स टेस्ट शुरू हो गया है। आसपास के कई जिलों के सरकारी अस्पतालों में इस टेस्ट की सुविधा नहीं है। कैथल सिविल अस्पताल में अब ये टेस्ट फ्री में होगा। जबकि बाहर ये टेस्ट चुनिंदा प्राइवेट लैब में 400 से 600 रुपए में होता है। ये टेस्ट गर्भवती के साथ-साथ नवजात का भी किया जा सकेगा।

जिन महिलाओं का ब्लड ग्रुप आरएच निगेटिव है उनके लिए ये टेस्ट बहुत महत्व रखता है। ऐसी महिलाओं को दूसरी डिलीवरी के दौरान जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। कई बार तो दूसरी डिलीवरी के दौरान पेट में ही बच्चे की मौत हो जाती है। या फिर ज्यादातर नवजात में पीलिया और अनीमिया की कमी के रूप में ये सामने आता है। लेकिन अब इस टेस्ट से जांच के बाद महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी संभव हो पाएगी।

एंटीबॉडी मिलती हैं तो एनटीडी का इंजेक्शन दिया जाता है
सिविल अस्पताल में होने वाली 100 डिलीवरी में से 5 गर्भवतियों में ये ब्लड ग्रुप मिल रहा है। आरएच निगेटिव ब्लड ग्रुप की महिला के गर्भवती होने पर अगर उसके पेट में पल रहे बच्चे का ब्लड ग्रुप पॉजिटिव हुआ तो महिला को दूसरी डिलीवरी के दौरान जटिलताएं होंगी। सिविल अस्पताल के एमडी बायोकेमिस्ट्री डाॅ. राजेंद्र कुमार के अनुसार अगर मां और पेट में पल रहे बच्चे दोनों का ब्लड ग्रुप निगेटिव है तो कोई समस्या नहीं है। लेकिन अगर मां का ब्लड ग्रुप आरएच निगेटिव है और बच्चे का पॉजिटिव है तो डिलीवरी के दौरान दोनों का ब्लड आपस में मिक्स हो जाता है।

ऐसे में बच्चे का पॉजिटिव ब्लड ग्रुप मां के अंदर अपनी एंटीबॉडी बना लेता है। यही एंटीबॉडी दूसरी डिलीवरी के दौरान गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचाते हैं। मां के अंदर पॉजिटिव एंटीबॉडी हैं या नहीं, कितनी मात्रा में हैं इसकी जांच कूंब्स टेस्ट मेें की जाती है। अगर महिला में पॉजिटिव एंटीबॉडी मिलती हैं तो उनको एनटीडी का इंजेक्शन दिया जाता है। ताकि दूसरी डिलीवरी के दौरान मां और बच्चा दोनों सुरक्षित रहें।

अब तक ब्लड ग्रुप के हिसाब से दिया जा रहा था इंजेक्शन
सिविल अस्पताल में कूंब्स टेस्ट की सुविधा नहीं होने पर जन्म के बाद मां और बच्चे दोनों के ब्लड ग्रुप की जांच की जाती थी। अगर आएच निगेटिव ब्लड ग्रुप की गर्भवती के बच्चे का भी ब्लड ग्रुप निगेटिव होता था तो किसी तरह की दिक्कत नहीं होती थी। लेकिन बच्चे का ब्लड ग्रुप आरएच पॉजिटिव मिलने वाली सभी महिलाओं को एनटीडी का इंजेक्शन दिया जाता था। अब टेस्ट से एंटीबॉडी की स्टीक रिपोर्ट मिल पाएगी और रिपोर्ट आधार पर ही ट्रीटमेंट दिया जा सकेगा। अब तक महिलाओं को दिए जाने वाले एनटीडी इंजेक्शन की बाजार में कीमत 1800 से 2000 रुपए है। हालांकि सिविल अस्पताल में ये निशुल्क दिया जाता था।

एक सप्ताह में ही 6 नए टेस्ट हुए शुरू
11 जून को सिविल अस्पताल में विटामिन डी, थॉयराइड, सीरम फैरिटीन व डी-डाइमर टेस्ट शुरू किए गए थे। अब एक सप्ताह के अंदर ही ये छठा नया कूंब्स टेस्ट है जो शुरू किया गया है। करीब 3 हजार रुपए से ज्यादा कीमत के यह टेस्ट सिविल अस्पताल में सिर्फ 500 से 700 रुपए में हो पाएंगे।

कूंब्स टेस्ट के लिए सभी लैब टेक्नीशियन की ट्रेनिंग करवाई जा चुकी है। कूंब टेस्ट वर्तमान में प्रदेश में कुछ ही जिलों में हो रहा है। जिला अस्पताल में कुछ ऐसे टेस्ट अब होने लगे हैं जो पूरे प्रदेश में सिर्फ चुनिंदा अस्पतालों में उपलब्ध हैं। इन टेस्ट से भविष्य की गंभीर बीमारियां जल्द पकड़ में आएंगी और गरीब व जरूरतमंदों को इनका सीधा लाभ मिलेगा।
डाॅ. शैलेंद्र ममगाईं शैली, सिविल सर्जन, कैथल।

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