प्रदर्शनी लगा जल संरक्षण के प्रति किया जागरूक:105 एफटीके किट बांट पानी की शुद्धता जांचने के तरीके बताए

कैथलएक महीने पहले
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विद्यार्थियों को एफटीके किट के बारे में जानकारी देते जिला सलाहकार दीपक कुमार। - Dainik Bhaskar
विद्यार्थियों को एफटीके किट के बारे में जानकारी देते जिला सलाहकार दीपक कुमार।

भाई उदय सिंह किला परिसर में चल रहे गीता जयंती महोत्सव में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा प्रदर्शनी लगा लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ साथ लोगों को विभाग की कनेक्शन लेने सहित सभी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। प्रदर्शन स्टॉल पर ही विभाग पानी की जांच के लिए 105 एफटीके किट भी वितरित कर चुका है। इस किट का इस्तेमाल कर कोई भी व्यक्ति अपने घर पर ही पानी की जांच कर सकता है।

वासो के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने लोगों-बच्चों को जीवाणु जांच कीट के बारे में बारीकी से बताया। उन्होंने कहा कि किट में पानी डालकर 30 से 35 डिग्री तापमान पर 12 से 24 घंटे रखने के बाद पानी की गुणवत्ता का प्रमाण मिल जाएगा। किट में डालने के बाद पानी काला हो गया तो वह पीने योग्य नहीं है। किट द्वारा की गई जांच में पानी का सैंपल फेल हो जाता है तो जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की लैब में पानी दोबारा चेक किया जाएगा। यहां भी पानी का सैंपल फेल हो जाता है तो विभाग पानी दूषित होने का कारण जानकर उसका समाधान करेगा।

अगर ट्यूवबेल में कमी मिलती है तो उसकी जगह दूसरा ट्यूवबेल भी लगाया जाएगा। दीपक कुमार ने बताया कि किट में पानी डालकर उसे अच्छी तरह हिलाएं और 12 से 24 घंटे के लिए रख दें। पानी का रंग हल्का भूरा रहा तो पानी पीने योग्य है। अगर पानी का रंग काला हो जाता है तो वह पानी पीने योग्य नहीं है। इसके अलावा कहीं भी लीकेज दिखती है तो विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-180-5678 पर शिकायत दर्ज कराएं।

दीपक कुमार ने बताया कि भूजल का स्तर घट रहा है और लोग पीने का पानी बचाने के लिए ज्यादा गंभीर नहीं है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो आने वाली पीढ़ी को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। यदि दुनिया को रेगिस्तान में तब्दील होने से बचाना है तो हमें 5 आर पर ध्यान देना होगा। ये 5 आर रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकिल, रिचार्ज और रिस्पेक्ट हैं। इस मौके पर कनिष्ठ अभियंता रवि पूनिया, बीआरसी संदीप कुमार, विष्णु शर्मा व साहिब सिंह मौजूद रहे।

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