अस्पताल में महिला के पैसे, चांदी के सिक्के चोरी:सैंपलिंग बढ़ाने का प्रयास: ओपीडी से पहले होगी कोविड जांच कलायत में कल से शुरू हो जाएगी आरटीपीसीआर लैब

कैथलएक महीने पहले
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ओपीडी में जांच के लिए पहुंची बुजुर्ग का कोरोना सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी। - Dainik Bhaskar
ओपीडी में जांच के लिए पहुंची बुजुर्ग का कोरोना सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी।
  • कार्यकारी पीएमओ बोलीं-स्क्रीनिंग के बाद ही होगी जांच, मरीज बोले-पर्ची कटते ही कोरोना टेस्ट करवाने को भेजा

कोरोना की संभावित तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए और सैंपलिंग को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अनूठा तरीका निकाला है। अब मरीजों को उपचार लेने के लिए पहले कोविड की जांच करवानी होगी। सोमवार को कोविड जांच सभी मरीजों के लिए अनिवार्य की गई थी और आगे भी यही व्यवस्था रहेगी। अब ओपीडी की पर्ची बनते ही पहले कोविड जांच के लिए भेजा जाएगा और उसके बाद उपचार दिया जाएगा। सरकार के आदेशों के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के लिए सैंपलिंग बढ़ाना मुश्किल हो रहा था। अब सैंपलिंग बढ़ाने के लिए ही यह फैसला लिया गया है।

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह अनिवार्य नहीं किया गया है। ओपीडी की पर्ची बनाने के दौरान ही स्क्रीनिंग की जा रही है। हल्के से भी लक्षण दिखने पर जांच करवाई जा रही है। वहीं दूसरी तरफ सोमवार को ज्यादातर मरीजों की कोविड की जांच हुई। कोविड जांच के लिए सैंपल देने वालों की भीड़ लगी रही। मरीजों का कहना था कि उन्हें पर्ची थमाकर पहले कोविड जांच करवाने के लिए भेजा गया और उसके बाद ही ओपीडी कक्ष में जाने के लिए बोला गया। वहीं अब से पहले सर्फ गर्भवती महिलाओं और सर्जरी वालों के लिए ही कोविड की जांच अनिवार्य थी लेकिन अब सामान्य ओपीडी के सभी मरीजों के लिए इसको जरूरी कर दिया गया है।
आदेशों का असर... पहले दिन ही 994 सैंपल लिए
सरकार के आदेशों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग सैंपल नहीं बढ़ा पा रहा था। हालांकि पिछले कुछ दिनों में सैंपलिंग बढ़ी है। सोमवार को भी जिला नागरिक अस्पताल में ओपीडी में आने वाले मरीजों के 994 सैंपल लिए गए। सामान्य दिनों में पूरे जिले से भी इतने सैंपल नहीं लिए जा रहे थे। सोमवार को सैंपलिंग का आंकड़ा 1087 रहा। इनमें से 1014 लोगों के सैंपल आरटपीसीआर किट और 73 की एंटीजन किट से लिए गए।
अब नहीं झेलनी होगी परेशानी कल से जिले में ही होने लगेगी आरटीपीसीआर जांच
कलायत के उपमंडल अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब बनकर तैयार हो चुकी है और टेस्टिंग भी की जा चुकी है। अब बुधवार से कोरोना के टेस्टों की जांच कलायत लैब में ही हो सकेगी। दूसरी लहर के दौरान मई में कलायत में लैब बनाने को लेकर प्रक्रिया शुरू हुई थी। हालांकि दूसरी लहर जाने के बाद इसका काम धीमा पड़ गया और सामान खरीदने में देरी के कारण लैब शुरू होने में देरी हुई है। अब तक कैथल से कोविड की आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल पंचकूला भेजे जा रहे थे। दूसरी लहर के दौरान स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ आम मरीजों ने भी परेशानी झेली थी।

पीक के समय दूसरे जिलों की लैबों ने सैंपल लेने से इनकार कर दिए थे और जो जा रहे थे, उनकी रिपोर्ट मिलने में ही 72 घंटे का समय लग रहा था। इससे कोरोना तेजी से फैला था। अब डीसी के अनुसार कलायत की आरटीपीसीआर लैब में रोजाना करीब 1500 सैंपल की जांच हो सकेगी और 24 घंटे के अंदर ही मरीजों की रिपोर्ट भी आ जाएगी।
सभी लोग सैंपल देने को तैयार नहीं, कर्मचारियों से झगड़ रहे
ओपीडी में आने वाले सभी मरीज अपनी कोरोना की जांच करवाने को तैयार नहीं हैं। कर्मचारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि सैंपलिंग बढ़ाने के लिए ऐसा किया गया है लेकिन कुछ लोग सैंपल नहीं करवाने की जिद पर अड़ जाते हैं और कई बार तो झगड़ा भी करना लगते हैं।
96 घंटे बाद भी नहीं आई फ्रांस से लौटे गांव भागल के युवक की जांच रिपोर्ट
फ्रांस से लौटा गांव भागल का 24 वर्षीय युवक 10 दिसंबर को आरटीपीसीआर रिपोर्ट में पॉजिटिव मिला था। युवक जब 30 नवंबर को देश लौटा था तो रिपोर्ट निगेटिव थी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर युवक ओमिक्रॉन वैरिएंट से ग्रसित तो नहीं है इसका पता लगाने के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग का सैंपल लेकर जांच के लिए दिल्ली भेजा गया था। 72 घंटे इसकी जांच रिपोर्ट आ जानी चाहिए थे, लेकिन 96 घंटे बाद भी रिपोर्ट नहीं आ पाई है। सोमवार देर रात तक या मंगलवार को रिपोर्ट आने की संभावना है।

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