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ब्लाइंड मर्डर थे ब्लाइंड ही रहे:6 साल बाद भी आढ़ती मनीष के हत्यारों को नहीं खोज पाई पुलिस, करोड़ा के विकास की किसने की थी हत्या अब तक नहीं लगा पता

कैथल2 दिन पहलेलेखक: प्रदीप ढुल
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कैथल| नहर किनारे पराली में जलाया गया शव व मौके पर मौजूद पुलिस। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
कैथल| नहर किनारे पराली में जलाया गया शव व मौके पर मौजूद पुलिस। (फाइल फोटो)
  • जिले में 4 ऐसे मर्डर हुए जिनको कई साल बीत गए, लेकिन जांच में पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा

जिले में पिछले दिनों में कई ऐसे मर्डर हुए जो शुरुआत से ब्लाइंड थे और अब तक ब्लाइंड मर्डर ही हैं। जिले में ऐसे 4 ब्लाइंड मर्डर हैं जिनको हुए कई साल बीत चुके हैं। किन लोगों ने उन्हें मौत के घाट उतारा इसका भी पुलिस कोई सुराग नहीं लगा पाई। हत्यारों का सुराग लगाने के लिए पुलिस की जांच जहां से चली थी वहीं पर आज भी अटकी हुई है। जिला में हुए इन ब्लाइंड मर्डर में लुटेरे को पकड़ते हुए जान गंवाने वाले शहर के आढ़ती मनीष की हत्या हो या फिर तितरम में भट्ठा मजदूर की मासूम बच्ची की हत्या का मामला हो।

इसी तरह से करोड़ा में शादी से महज 7 दिन पहले हुई विकास के मर्डर का मामला शामिल है। हालांकि इस दौरान हत्यारों का सुराग लग सके। उन्हें सजा मिल सके। इसके लिए मृतकों के परिजन पुलिस अधिकारियों से लेकर, मंत्री, सीएम तक के पास चक्कर लगा चुके हैं। पुलिस जांच से संतुष्टि नहीं मिली तो हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया। लेकिन इसके बाद भी कोई हल नहीं निकल पाया। अब तो जिन्होंने अपनों को खोया है उनकी भी हत्यारों का पता लगने की आस खत्म होने लगी है।

जानिए... उन ब्लाइंड मर्डर के बारे में जिनमें पुलिस की जांच एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई-

केस 1- दिन दहाड़े हुई मनीष की हत्या, 6 साल बाद भी हत्यारे का नहीं लगा सुराग
18 मई 2015 की दोपहर को नई अनाज मंडी में दिन दहाड़े बाइक सवार बदमाश ने आढ़ती मनीष की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बीते कुछ वर्षों में यह जिले का सबसे चर्चित हत्याकांड रहा। मामले की जांच कैथल पुलिस से लेकर स्टेट क्राइम ब्रांच ने भी की, लेकिन हत्यारे का आजतक कोई सुराग नहीं लगा। वारदात वाले दिन बाइक सवार बदमाश नई अनाज मंडी में आढ़त की दुकान से रुपए लूटकर फरार हो रहा था। बदमाश के हाथ पिस्तौल थी। लूटपाट करके भाग रहे बदमाश पर आढ़ती मनीष की नजर पड़ी तो वह बदमाश को पकड़ने के लिए उस पर टूट पड़ा। बदमाश ने मनीष को छाती व पेट पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। आढ़तियों ने धरने प्रदर्शन भी किए, लेकिन हत्यारे का पकड़ा नहीं जा सका।

केस 2- करोड़ा के विकास की गांव में हुई थी हत्या, अब तक नहीं लगा कोई सुराग
23 जनवरी 2017 की रात को गांव करोड़ा में युवक विकास (23) की हत्या कर शव को गांव से कुछ दूरी पर उपलों में डालकर जला दिया गया था। विकास की एक सप्ताह बाद ही शादी होनी थी। वह 23 जनवरी को शेरवानी खरीदकर लाया था। रात के समय किसी ने उसे बुलाया, लेकिन वह दोबारा वापस नहीं लौटा। सुबह के समय उपलों में सुलगती दिखी तो पास बने घरवालों ने उसे बुझाने का प्रयास किया। उपलों में शव भी जल चुका था। मृतक की पहचान विकास के तौर पर हुई थी। विकास के पिता ने हत्यारों को पकड़ने के लिए जिला पुलिस, मंत्री, मुख्यमंत्री के सामने गुहार लगाई। हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन आज तक हत्या करने वालों का पता नहीं चला है। पुलिस की जांच से शुरू हुई थी वहीं पर आज खड़ी है।

केस 3- 3 साल की बच्ची के हाथ-पांव काटे, आंखें निकाली, हत्यारे का सुराग नहीं
अक्टूबर 2019 में तितरम के पास ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर की 3 वर्षीय बेटी की किसी ने अपहरण के बाद निर्मम हत्या कर दी थी। हत्या की क्रूरता ऐसी थी कि बच्ची की दोनों बाजू व दोनों टांगे काट डाली। यही नहीं बच्ची की आंखें हत्यारे ने निकाल दी थी। यूपी का रहने वाला परिवार वारदात से कुछ दिन पहले ही ईंट भट्ठे पर आया था। 8 अक्टूबर की दोपहर 3 वर्षीय बच्ची भट्टे के पास ही सड़क किनारे खेल रही थी। जिसे परिवार ने ढूंढा तो वह नहीं मिली। तीन दिन बाद बच्ची का क्षत विक्षत शव भट्ठे से कुछ दूरी पर मिला था। जिलेभर की पुलिस केस को ट्रेस करने में जुटी, संदिग्धों से पूछताछ भी हुई लेकिन दो साल बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।

केस 4- क्योड़क के पास पराली में जलाया था शव, मृतक की भी शिनाख्त नहीं

5 मार्च 2021 की सुबह गांव क्योड़क में हांसी बुटाना नहर किनारे पराली में किसी व्यक्ति का शव जलता मिला था। सुबह खेत में जा रहे किसान ने शव जलता देख अन्य ग्रामीणों व पुलिस को सूचना दी। उस समय तक शव पूरी तरह जल चुका था, सिर्फ पंजे ही बचे थे। जिससे सिर्फ इतना ही पता चल सका कि जलाया गया शव पुरुष का है। वारदात को 5 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। अब तक न हत्यारों का कोई सुराग लगा और न ही मरने वाले की कोई शिनाख्त हुई। पुलिस ने मोबाइल नेटवर्क डंप से हत्यारों तक पहुंचने का असफल प्रयास किया। जिला पुलिस के तमाम प्रयास हत्यारों तक पहुंचने में नाकाफी ही साबित हुए।

एसपी लोकेंद्र सिंह से सीधी बात...

सवाल : कुछ ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी क्यों नहीं सुलझ पाती। जवाब : यह केस-केस पर निर्भर करता है। कुछ केस में साक्ष्यों का अभाव रहता है। पुलिस हत्या करने वालों तक पहुंचने के तमाम प्रयास करती है, लेकिन जब वारदात करने वाले का कोई भी सबूत हाथ न लगे तो केस ट्रेस करने में समय लग जाता है।

सवाल : कुछ केस को वर्षों हो चुके हैं, क्या ऐसे ब्लाइंड मर्डर की फाइल बंद हो चुकी हैं। जवाब : नहीं, हत्या जैसे संगीन अपराध में इतनी जल्दी फाइल बंद नहीं होती। ऐसे केस बहुत लंबे समय तक चलते रहते हैं। जब कोई सुराग लगे पुलिस उसी समय अपराधी को दबोच लेती है।

सवाल : ब्लाइंड मर्डर को सुलझाया जा सके, इसके लिए पुलिस के क्या प्रयास रहते हैं। जवाब : पुलिस हर केस को ट्रेस करने के तमाम प्रयास करती है। जांच अधिकारियों से समय-समय पर केस की प्रगति रिपोर्ट भी ली जाती है। पुलिस की अलग-अलग विंग केस को ट्रेस करने का कार्य करती है।

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