कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा:बिजनेस में घाटा हुआ तो, कोचिंग की आड़ में पेपर लीक करवाने लगा रमेश चंद्र

कैथल2 महीने पहले
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कैथल स्थित बालाजी डिफेंस एकेडमी। - Dainik Bhaskar
कैथल स्थित बालाजी डिफेंस एकेडमी।
  • परीक्षार्थियों को पेपर पास करवाने के नाम पर 10 से 15 लाख रुपए लिए जाते थे, तीन युवक गिरफ्तार

पुलिस भर्ती परीक्षा को लीक करवाने में कोचिंग सेंटर संचालक रमेशचंद्र गिरोह का अब तक सबसे बड़ा किरदार है। 12 लाख में आंसर-की देने वाला रमेशचंद्र जींद जिला के गांव थुआ का रहने वाला है। पहले गांव उचाना के प्राइवेट स्कूल में कुछ हजार रुपए की नौकरी करता था, सपने बड़े थे इसलिए नौकरी छोड़कर कैथल में कोचिंग सेंटर शुरू करने की योजना बनाई।

करीब 8 साल पहले करनाल रोड पर जाट स्कूल के नजदीक बालाजी डिफेंस एकेडमी शुरू की। जहां पुलिस, आर्मी समेत अन्य सुरक्षाबलों की कोचिंग दी जाती है। रमेशचंद्र ने कोचिंग सेंटर पर खूब रुपए खर्च किए, लेकिन बिजनेस नहीं चला। इसके बाद सेंटर को करनाल रोड सर छोटूराम चौक पुलिस नाका के नजदीक शुरू किया।

रमेशचंद्र ने बिजनेस में हुए लाॅस से उभरने व शॉर्ट में रुपए कमाने के लालच में पेपर लीक करने वाले गिरोह से खुद को जोड़ लिया। परीक्षार्थियों को पेपर पास करवाने के नाम पर 10 से 15 लाख रुपए लिए जाते थे। सीआईए-वन पुलिस ने तीन युवकों को काबू किया तो उन्होंने भी खुलासा किया कि रमेशचंद्र 12 लाख रुपए लेकर एक परीक्षार्थी को आंसर-की देता है।

पुलिस ने आरोपी के कोचिंग सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को जब्त कर लिया है। डीवीआर व मोबाइल डेटा से जानकारी जुटाई जा रही है कि आरोपी के तार आगे किन लोगों से जुड़े हुए हैं। कौन आरोपी के सेंटर में आता था इसका संपर्क किन लोगों से था। सेना का पेपर लीक होने के मामले में सीबीआई ने कैथल रेड की थी।

एकेडमी चालक आरोपी रमेश है कड़ी का एक हिस्सा

छोटे शहर में एकेडमी चलाने वाले व्यक्ति के पास सीधे आंसर-की नहीं आ सकती, इसलिए गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए पुलिस प्रदेशभर के जिलों में रेड कर रही है। अम्बाला, हिसार, जींद समेत जिलों में पुलिस ने रेड की। पुलिस उस प्रथम व्यक्ति तक पहुंचने के प्रयास में है जिसने परीक्षा शुरू होने से पहले ही रमेशचंद्र को पेपर उपलब्ध करवाया था। पुलिस जांच में परीक्षा प्रणाली से जुड़े कई बड़े नामों पर कानून का शिकंजा कस सकता है।

एसपी लोकेंद्र सिंह ने साढ़े 6 घंटे की पूछताछ

कैथल में परीक्षा लीक करने वाले गिरोह पकड़ा गया तो पूरे प्रदेश में हलचल बढ़ गई। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी सरकार पर निशाना साधा। पुलिस अधिकारी भी मामले में कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहते थे। इसलिए एसपी लोकेंद्र सिंह करीब 11 बजे सीआईए-1 ऑफिस पहुंचे और शाम 5 बजकर 35 मिनट तक वहीं रहे।

इस दौरान एसपी ने सीआईए से ही कई टीमों का गठन करके रेड के लिए भेजा। पुलिस ने देर शाम तक मामले पर चुप्पी साधे रखी। करनाल रेंज आईजी ममता ने भी कहा कि मामला बहुत संवेदनशील है। इसलिए पुलिस केस के अनुसार काम कर रही है।

कॉपी के कागज पर लिखे मिले उत्तर

पुलिस ने कार में सवार तीन युवकों को काबू किया तो उनके पास से कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की आंसर-की बरामद हुई। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने एक कागज पर पेन के साथ उत्तर लिखे हुए थे। आंसर की में परीक्षा के 82 उत्तर सही भी थे। आरोपियों के पास से जो मोबाइल बरामद हुए उनमें कई एडमिट कार्ड मिले हैं। आशंका है कि मोबाइल में मिले एडमिट कार्ड वाले युवकों को आंसर की बेची गई है। आरोपियों के मोबाइल से मिले डाटा की जांच की जा रही है।

नोट पर लिखी मिली आंसर-की

सायंकालीन सत्र के दौरान शहर के सैनी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने परीक्षा केंद्र से दो परीक्षार्थी आंसर-की के साथ पकड़े गए। एक युवक की पहचान शशिकांत व दूसरे की सतीश के तौर पर हुई। युवकों ने 200 रुपए व 10 रुपए के नोट पर आंसर की लिखी हुई थी। शशिकांत काे मौके पर ही काबू कर लिया जबकि सतीश फरार होने में कामयाब रहा।