कार्रवाई:जांच टीमों ने खाद की कई दुकानों पर छापेमारी की, खामियां मिलने पर 8 का लाइसेंस सस्पेंड

कैथल2 वर्ष पहले
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  • डीडीए का दावा-पंजाब में खाद नहीं गया, अन्य कारण से किए लाइसेंस सस्पेंड

खाद की ब्लैक मार्केटिंग व किल्लत न हो इसके लिए करीब 20 दिन पहले डीसी ने जिला से लेकर ब्लॉक स्तर तक क मेटियों का गठन किया था। कमेटियां ने जिले की सैकड़ों दुकानों पर छापेमारी की और स्टॉक व रिकॉर्ड जांचा। इस दौरान खामियां मिलने पर आठ दुकानदारों के लाइसेंस भी सस्पेंड किए है।

हालांकि कृषि विभाग के उप निदेशक का कहना है कि खाद की ब्लैक करने का कैथल में कोई मामला सामने नहीं आया, लेकिन जांच के दौरान अन्य खामियां मिलने पर लाइसेंस सस्पेंड किए गए थे। बता दें कि किसान आंदोलन के कारण पंजाब में ट्रेनें बद थी और खाद नहीं पहुंच पा रहा था। कैथल से चोरी छिपे खाद की सप्लाई पंजाब में किए जाने और गैर कृषि फर्मों के बेचे जाने की आशंका के चलते कमेटियों का गठन किया था।

कृषि विभाग के उप निदेशक की देखरेख में गठित कमेटी ने कैथल अनाज मंडी स्थित चार दुकानों, राजौंद में एक दुकान, गांव कौल में एक दुकान, चीका अनाज मंडी व गांव किच्छाना स्थित एक दुकान का लाइसेंस सस्पेंड किया गया। इनमें से चार दुकानों ने गोदाम की जानकारी लाइसेंस के साथ नहीं दी थी और चार में स्टॉक सही नहीं पाया गया।

62 हजार टन यूरिया आ चुका, एक लाख बैग स्टॉक में
कृषि विभाग के अधिकारी के अनुसार जिले में रबी सीजन के दौरान 75 हजार टन यूरिया की खपत होती है। अब तक जिले में 62 हजार टन यूरिया आ चुका है और 85 प्रतिशत किसान पूरा खाद ले चुके हैं। एक लाख बैग स्टॉक में हैं और दो तीन दिन में और खाद अभी आने वाला है। जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। हालांकि एक आधार कार्ड पर निर्धारित मात्रा में ही खाद देने की पाबंदी विभाग द्वारा लगाई गई है।

पंजाब में खाद बेचे जाने और ब्लैक मार्केटिंग की आशंका के चलते स्टॉक की जांच लगातार जारी है। हालांकि जिले में अब तक इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन खामियां मिलने पर आठ दुकानदारों के लाइसेंस जरूर सस्पेंड किए हैं। कमेटियां अपने-अपने क्षेत्र में निरंतर निरीक्षण व छापेमारी करेंगी। यदि कोई किसान या डीलर इस प्रकार की गतिविधि में संलिप्त पाया जाएगा तो उनके विरूद्ध दी फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर 1985 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डाॅ. कर्मचंद, उप निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग।

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