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विरोध दिवस:आईएमए की हड़ताल का दिखा मिलाजुला असर, कई अस्पतालों में दिनभर चली ओपीडी

कैथलएक महीने पहले
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कैथल | पिहोवा चौक पर नर्सिंग होम के सामने खड़े मरीज। - Dainik Bhaskar
कैथल | पिहोवा चौक पर नर्सिंग होम के सामने खड़े मरीज।

कोरोना काल में डाॅक्टरों पर हुए हमलों के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने हड़ताल कर 18 जून को विरोध दिवस के रूप में मनाया। आईएमए ने सभी प्राइवेट अस्पताल संचालकों से 8 से 2 बजे तक ओपीडी बंद रख हड़ताल के समर्थन का आह्वान किया था। हालांकि शहर में हड़ताल का मिलाजुला असर ही दिखा। कई अस्पतालों में आधे शटर के नीचे से और कुछ सरेआम ओपीडी चलती रही।

हालांकि कुछ अस्पतालों में पूरी तरह से भी ओपीडी बंद रही। ओपीडी बंद रहने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल की जानकारी नहीं होने के कारण मरीज सुबह ही इलाज के लिए पहुंच गए थे।

कोविड की दूसरी लहर के बाद कुछ दिन पहले ही सामान्य रूप से शुरू हुई सिविल अस्पताल ओपीडी में शुक्रवार को अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचें। पिछले एक सप्ताह से सिविल अस्पताल में रोजाना करीब 350 मरीज ही उपचार के लिए पहुंच हरे थे। लेकिन शुक्रवार को ये आंकड़ा 500 को पार कर गया। हालांकि दोहपर 12 बजे के बाद सिविल अस्पताल में गायनी को छोड़ अन्य विभागों की ओपीडी में इक्का दुक्का मरीज ही रहे गए थे।

हड़ताल व विरोध दिवस मनाने का फैसला प्राइवेट हो या सरकारी डाॅक्टरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही लिया गया था। किसी अस्पताल में ओपीडी चली हो ये अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आया है। सभी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं जारी रही। सभी ने हड़ताल का समर्थन किया था और सभी की सहमति के बाद ही ये फैसला लिया गया था।
डाॅ. आरडी चावला, प्रधान, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, कैथल।

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