पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

दुकानदार मालिकाना हक के लिए कर सकेंगे आवेदन:20 साल पुराने किराएदारों की 300 दुकानों का डाटा ऑनलाइन करने में जुटा नप

कैथल9 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • नप के पास 702 दुकाने, कुछ ऐसी जो 1948 से किराए पर, इन्हें 50% तक छूट

नगर परिषद की जो दुकानें वर्ष 2001 से पहले किराए पर हैं। परिषद की रेंट ब्रांच के कर्मचारी इन दुकानों का डाटा ऑनलाइन कर रहे हैं। परिषद के अनुसार इस समय करीब 300 से अधिक दुकानों पर 20 साल से पुराने दुकानदार हैं। कुछ दुकानें तो वर्ष 1948 से किराए पर चल रही हैं। यूएलबी के आदेश हैं कि इसी सप्ताह यह काम पूरा हो जाना चाहिए।

इसके बाद इस डाटा को ऑनलाइन ही सार्वजनिक कर दिया जाएगा। जिसके बाद दुकानदार मालिकाना हक के लिए आवेदन कर सकेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। आवेदन मिलने के बाद नगर परिषद के कर्मचारी मौका देखेंगे। अगर दुकानदार सभी नियम व शर्तों को पूरा करेगा तो उसे कलेक्टर रेट के हिसाब से राशि अदा करने पर मालिकाना हक मिलेगा। बता दें कि सरकार एक जून को ही इस पॉलिसी को लागू किया है।

जितना पुराना किराएदार उतनी अधिक छूट
सरकार की पॉलिसी के अनुसार किराएदार जितना पुराना होगा, उसे कलेक्टर रेट में उतने प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानि अगर किराएदार 20 साल पुराना है तो 20 प्रतिशत, 30 साल पुराना है तो 30 प्रतिशत रेट में छूट मिलेगी। पॉलिसी के अनुसार किसी को भी 50 प्रतिशत से अधिक छूट का प्रावधान नहीं है। चाहे वह कितना भी पुराना किराएदार हो। बता दें कि नगर परिषद की दुकानों पर शहर में 1948 से भी लोग किराएदार हैं। यह भी जानना जरूरी है कि इस पॉलिसी के दायरे में वहीं किराएदार आएंगे, जो 31 दिसंबर 2001 से पहले दुकानों पर काबिज होंगे।

फ्लोर के हिसाब से लिया जाएगा पैसा
नई पॉलिसी में दुकानदार द्वारा आवेदन करने के बाद अधिकारी मौका देखेंगे। अगर उन्हें नियमानुसार आवेदन सही मिला तो परिषद 15 दिन में 25 प्रतिशत राशि जमा कराने का नोटिस जारी करेगी। बाकी 75 प्रतिशत राशि अगले तीन माह में जमा करानी होगी। यदि बहुमंजिला बिल्डिंग पर अलग-अलग व्यक्ति का कब्जा है तो उनके रेट अलग होंगे।

यदि किसी भवन पर एक मंजिल और है तो भूतल कब्जाधारी को 60 तो पहली मंजिल वाले को 40 प्रतिशत कीमत भुगतान करनी होगी। यदि बिल्डिंग दो मंजिला है तो भूतल वाले को बेस रेट का 50 प्रतिशत, प्रथम तल 30 और दूसरी मंजिल के लिए बेस रेट का 20 प्रतिशत राशि तय किया गया है। छत का अधिकार ऊपरी मंजिल वाले का रहेगा। लेकिन वह उस पर निर्माण नहीं कर सकेगा। इसके अलावा नई पॉलिसी में जो भूमि यूज नहीं हो रही। उसे भी परिषद बाजार भाव पर बेच सकेगा।

शहर की 702 दुकानों का 2 करोड़ सालाना किराया
नगर परिषद के पास सिटी में इस समय 702 दुकानें हैं। जिनसें सालभर में करीब 2 करोड़ रुपए किराए आता है। शहर के मुख्य रूप से लाला लाजपत राय शॉपिग कांप्लेक्स में 60 दुकानें हैं। इसके अलावा पालिका बाजार, पार्क रोड, पुरानी सब्जी मंडी, चंदाना गेट, माल गोदाम रोड, रेलवे रोड, रेलन रोड, प्रताप गेट, छात्रावास रोड और 40 दुकानें कुतुबपुर रोड फाटक के पास भी हैं, जिन्हें कुछ माह पहले ही किराए पर दिया गया है।

^सरकार की पॉलिसी अनुसार 20 साल से पुराने किराएदार वाली दुकानों का डाटा ऑनलाइन किया जा रहा है। आवेदन भी ऑनलाइन ही लिए जाएंगे। नियम व शर्तें पूरी करने वाले आवेदनकर्ता को पॉलिसी का लाभ दिया जाएगा।
बलबीर सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप।

खबरें और भी हैं...