विरोध / नगरपालिका की कृषि भूमि की खुली बोली में पहुंचे किसी भी किसानों ने नहीं दी बोली

None of the farmers reached the open bid for the agricultural land of the municipality
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None of the farmers reached the open bid for the agricultural land of the municipality

  • पंचायती जमीन पर धान न लगाने के सरकार के फरमान का किसानों ने दिया करारा जवाब

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

कैथल. देश सरकार के पंचायती भूमि पर धान ना लगाने के सरकार के फरमान का आज चीका के किसानों ने करारा जवाब दिया है। आज नगरपालिका चीका ने भवानी मंदिर के हाल में अपनी लगभग 700 एकड़ कृषि भूमि को एक वर्ष के लिए ठेके पर देने के लिए खुली बोली रखी थी। इस खुली बोली में भाग लेने के लिए भारी संख्या में किसान पहुंचे थे। बोली करवा रहे नपा के सचिव सुशील कुमार भुक्कल ने जब किसानों को सरकार के धान ना लगाने के आदेश पढ़कर सुनाए तो किसान एक-एक कर बोली स्थल से बाहर निकल गए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। किसान तीर्थ राम, रामकिशन, सुरेश, बलविंद्र सिंह, लखबीर सिंह, देश राज, संदीप कुमार, भाग सिंह, नछतर सिंह का कहना है कि जमीन का ठेका केवल धान की फसल ही पूरा कर सकती है।

सरकार जब इस जमीन पर धान लगाने ही नहीं देगी तो वे ठेके का पैसा कहां से पूरा करेंगे। किसानों ने नगरपालिका द्वारा जमीन का एक साल के रखे गए ठेके की कीमत से भी नाराज दिखे। किसानों ने कहा कि नगरपालिका ने एक साल का ठेका कम से कम 24500 रुपए रखा है जोकि बहुत अधिक है। उन्होंने कहा कि मक्का या दलहन की फसलों से तो ठेका के पैसे ही पूरे नहीं होंगे तो अपने बच्चों को क्या खिलाएंगे। किसानों ने कहा कि यदि नगरपालिका जमीन पर धान लगाने की इजाजत नहीं देती तो उसे जमीन का ठेका भी दस हजार रुपए प्रति एकड़ रखना चाहिए ताकि पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबा किसान को कुछ राहत मिल सके। किसानों ने उपायुक्त के नाम एक पत्र लिख जमीन का ठेका दस हजार रुपए करने की मांग भी की है।

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