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रोष:लव-कुश जन्म स्थली मूंदड़ी के लोग यूनिवर्सिटी के लिए फिर आंदोलित, बोले-इसे जटहेड़ी नहीं जाने देंगे

कैथल6 महीने पहले
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  • नाराज मूंदडी निवासियों ने विधायक लीलाराम को सौंपा ज्ञापन, श्री लव-कुश महातीर्थ नव निर्माण समिति मूंदड़ी बोली-वे गांव में और जमीन देने को तैयार

भगवान राम के पुत्रों लव व कुश की जन्म स्थली गांव मूंदड़ी, महर्षि वाल्मीकि यूनिवर्सिटी का शैक्षणिक कार्य गांव जटहेड़ी में शिफ्ट होने की बात से खफा हैं। यूनिवर्सिटी ने गांव जटहेड़ी में 53 एकड़ जमीन ले ली है। लेकिन गांव मूंदड़ी के निवासी चाहते हैं कि यूनिवर्सिटी से संबंधित सभी काम गांव में ही हों। चाहे इसके लिए और भूमि क्यों न देनी पड़ी। इसी संबंध में आज श्री लव-कुश महातीर्थ नव निर्माण समिति के प्रधान महेंद्र सिंह, संयोजक महेंद्र हंस, कुलदीप, अनिल कुमार, अजय कुमार, मुकेश कुमार, प्रदीप कुमार समेत दर्जनों लोग विधायक लीलाराम के निवास पर पहुंचे।

यहां ग्रामीणों ने अपनी मांग का ज्ञापन लीलाराम के पीए राम कुमार नैन को सौंपा। प्रधान महेंद्र ने बताया कि उन्होंने विधायक से मांग की है कि वे इस मामले में हस्ताक्षेप कर यूनिवर्सिटी को जटहेड़ी जाने से रोके। उन्होंने कहा कि अगर यूनिवर्सिटी को भूमि और चाहिए तो वे गांव में भूमि देने काे भी तैयार हैं। लेकिन गांव किसी भी कीमत पर यूनिवर्सिटी को दूसरी जगह जाने नहीं देगा। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी का चाहे प्रशासनिक कार्य हो या शैक्षक्षिक गांव मूंदड़ी में ही होने चाहिए। गांव मूंदड़ी में यूनिवर्सिटी बनाने के लिए सीएम मनोहर लाल ने 2015 में कैथल में रैली के दौरान घोषणा की थी। लेकिन यूनिवर्सिटी के लिए गांववासी वर्ष 2006 से मांग कर रहे थे। जब मांग पूरी हुई तो अब यूनिवर्सिटी को गांव में बनवाने के लिए संघर्ष शुरू हो गया है।

यूनिवर्सिटी के लिए कुछ भी करेंगे, अदालत भी जाएंगे| श्री लव-कुश महातीर्थ नव निर्माण समिति के प्रधान महेंद्र सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी के लिए उन्होंने पहले भी आंदोलन किया था। अब भी वे तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अगर शासन और प्रशासन ने उनकी नहीं सुनी तो वे अदालत की शरण लेंगे। उनकी जमीन पिछले तीन साल से खाली हैं। गांव ने लगभग 21 एकड़ जमीन निशुल्क दी हुई है। इसके बाद भी अगर यूनिवर्सिटी कहीं और चली जाए तो गांव को क्या लाभ मिलेगा। अब फिर से वे आंदोलन की राह पर आने को तैयार हैं।

छह महीने में निर्माण शुरू होने की संभावना
वाइस चांसलर ने बताया कि मूंदड़ी और जटहेड़ी में छह महीने के अंदर-अंदर भवनों के निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। मूंदड़ी में निर्माण के नक्शे के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जल्द ही नक्शे के बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मूंदड़ी में निर्माण के 300 करोड़ रुपए की घोषणा की गई थी, लेकिन जगह कम होने के कारण बाद में 150 करोड़ कर दिया गया है। शुरुअात में करीब 500 करोड़ रुपए की डिमांड की जाएगी और इसके लिए जल्द ही बजट बनाकर भेजा जाएगा।

गांव जटहेड़ी में 53 एकड़ जमीन यूनिवर्सिटी को मिली है। यूनिवर्सिटी को आगे बढ़ाने के लिए अधिक भूमि की आवश्यकता है। गांव मूंदड़ी में जगह कम थी। लेकिन मूूंदड़ी में यूनिवर्सिटी का केंद्र रहेगा। यहीं से सब कुछ संचालित होगा। वे गांव मूंदड़ी के आभारी हैं, जिन्होंने पहले जमीन दी। यहां प्रशासनिक कार्यालय बनाने के साथ-साथ आयुर्वेद को बढ़ावा दिया जाएगा। डाॅ. श्रेयांश द्विवेदी, वाइस चांसलर, महर्षि वाल्मीकि यूनिवर्सिटी

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