सनातन धर्म मंदिर में प्रसाद नहीं मिलेगा:बड़ी देवी मंदिर में दूर से होंगे माता रानी के दर्शन, मंदिर परिसरों में मास्क पहनने, दूरी बनाए रखने बारे लगाए जा रहे पोस्टर

कैथल8 महीने पहले
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आज से चैत्र नवरात्र आरंभ हो रहे हैं। मंदिरों में मां दुर्गा के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। मास्क न होने पर मंदिरों में एंट्री नहीं मिलेगी। मंदिर परिसर में उचित दूरी बनाए रखनी होगी, एंट्री गेट पर हाथों को सेनिटाइज करने होगा।

मंदिर परिसर में अधिक देर रुकने की इजाजत नहीं होगी, ताकि मंदिर में भीड़ न लगे। इस बारे में मंदिरों में पोस्टर और बैनर लगाए हैं। श्रद्धालु मंदिर में घंटी बजा सकेंगे। पिछले नवरात्रों में घंटी बजाने पर बैन किया था। ये सब प्रबंध मंदिर प्रबंधक समितियां स्वयं कर रही हैं।

अभी तक प्रशासन की ओर से मंदिरों के लिए कोई गाइड लाइन जारी नहीं की गई है। हालांकि इस बार कोरोना संक्रमण के केस पिछली बार से अधिक आ रहे हैं। दैनिक भास्कर ने शहर के तीन प्रमुख देवी मंदिरों में कोरोना को देखते हुए क्या प्रबंध किए हैं, उसकी जानकारी प्रबंधन समितियों, मुख्य पुजारियों से ली है। ताकि श्रद्धालु मंदिर में जाने से पहले ही अपनी तैयारी करके जाएं।

घट स्थापना का समय

श्री शिव शक्ति धाम मंदिर के संस्थापक एवं ज्योतिषाचार्य प. प्रेम शंकर शास्त्री ने बताया कि घट यानि कलश को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है, जिस कारण इसका बड़ा महत्व होता है। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल को घट स्थापना प्रथम शुभ मुहूर्त- सुबह 6.42 से 8:05 तक कर सकते हैं। उसके बाद सुबह 8:40 से 9:38 तक क्लश स्थापना और ज्योति प्रचंड कर सकेंगे। इसके बाद तीसरा शुभ मुहूर्त 11:30 से 1:40 तक रहेगा।

मां हिंगलाज देवी मंदिर (बड़ी देवी मंदिर)

मास्क अनिवार्य, दूर से ही कर सकेंगे दर्शन

मां हिंगलाज देवी मंदिर (बड़ी देवी मंदिर) मंदिर के मुख्य पुजारी शिवचरण शास्त्री नियमों के बारे में बताते हुए।
मां हिंगलाज देवी मंदिर (बड़ी देवी मंदिर) मंदिर के मुख्य पुजारी शिवचरण शास्त्री नियमों के बारे में बताते हुए।

मां हिंगलाज देवी मंदिर ( प्रचलित नाम बड़ी देवी मंदिर) में शहर व आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं के लिए सैंकड़ों वर्षों से आस्था का केंद्र है। आम दिनों में भी मंदिर में सुबह व शाम काफी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी शिवचरण शास्त्री ने बताया कि मंदिर में बिना मास्क किसी की एंट्री नहीं होगी। मां के दर्शन दूर से ही होंगे।

उन्होंने बताया कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को दो गज की दूरी, मास्क पहन करने आने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने बताया कि शारदीय नवरात्रों में घंटी बजाना बैन था। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रबंध किए हैं। मंदिर में कम से कम लोगों को एक बार में आने दिया जाएगा। मंदिर परिसर में सावधानियों को लेकर बैनर भी लगाए हैं।

मां भद्रकाली और नवदुर्गा मंदिर

प्रसाद नहीं मिलेगा, एक-एक करके एंट्री मिलेगी

कैथल| श्री सनातन धर्म मंदिर सभा में मास्क लगाने और एक-एक करके मंदिर में दर्शनों के लिए आने के बारे पोस्टर लगाते श्रद्धालु।
कैथल| श्री सनातन धर्म मंदिर सभा में मास्क लगाने और एक-एक करके मंदिर में दर्शनों के लिए आने के बारे पोस्टर लगाते श्रद्धालु।

श्री सनातन धर्म मंदिर सभा के प्रधान रवि भूषण गर्ग व मुख्य पुजारी अशोक कुमार ने बताया कि मंदिर में दुर्गा मां की प्रतिमाओं को छूने नहीं दिया जाएगा। दूर से ही दर्शन करने होंगे। मुख्य मंदिर में एक-एक करके श्रद्धालुओं को भेजा जाएगा। मंदिर में एंट्री से पहले सेनिटाइजर मशीनें रखी हैं। वहीं मास्क के बिना किसी भी श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

इस बारे में मंदिर परिसर में जगह- जगह बैनर व पोस्टर लगाए हैं। उन्होंने बताया कि नवरात्रों में मंदिर की ओर से प्रसाद वितरित नहीं किया जाएगा। श्रद्धालु अपना लाया प्रसाद चढ़ा कर वापस ले जा सकते हैं। पिछली बार घंटी बजाने पर बैन था, लेकिन इस बार मंदिर में घंटी बजा सकेंगे। मंदिर में भीड़ अधिक न हो, इसके लिए श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में अधिक देर ठहरने नहीं दिया जाएगा।

माता मनसा देवी मंदिर (छोटी देवी मंदिर)

मास्क जरूरी, सेनिटाइजर की व्यवस्था होगी

माता मनसा देवी परिसर में लगे प्रसाद न लेकर आने और उचित दूरी रखने का लगाया पोस्टर।
माता मनसा देवी परिसर में लगे प्रसाद न लेकर आने और उचित दूरी रखने का लगाया पोस्टर।

माता मनसा देवी (प्रचलित नाम छोटी देवी मंदिर) के मुख्य पुजारी विनायक भारद्वाज ने बताया कि नवरात्रों को लेकर तैयारियां चल रही है। मंदिर में बिना मास्क किसी भी श्रद्धालु की एंट्री नहीं होगी। इस बारे में आरती के समय प्रचार भी किया जा रहा है।

मंदिर में मां के दर्शनों के बाद अधिक देर किसी को रुकने नहीं दिया जाएगा। मंदिर में प्रसाद लेकर न आने के लिए भी अपील की गई है। मंदिर की एंट्री पर सेनिटाइजर की भी व्यवस्था की जाएगी। ताकि श्रद्धालु हाथ सेनिटाइज करके ही मंदिर में प्रवेश करें।

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