कैसे रुकेगा कोरोना:घट रही सैंपलिंग, रिपोर्ट की वेटिंग बढ़ी, कांटेक्ट ट्रेसिंग भी नहीं हाे रही

कैथल6 दिन पहले
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कोरोना का सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी। - Dainik Bhaskar
कोरोना का सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी।
  • जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते ही सैंपलिंग में आई कमी
  • रोजाना अब एक हजार से भी कम लोगों के लिए जा रहे सैंपल

जिले में कोरोना संक्रमण के पॉजिटिविटी रेट में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके बाद भी जिले में कोरोना सैंपलिंग बढ़ाने की बजाय घटती जा रही है। यही हाल आरटीपीसीआर सैंपलों की जांच रिपोर्ट का है। कम सैंपलिंग के बाद भी टेस्टिंग रिपोर्ट 2 से 3 दिन में आ रही है। कोरोना संक्रमण रोकने के लिए एहतियात के साथ सैंपलिंग व टेस्टिंग में तेजी लाने की जरूरत है। जिले में पिछले 7 दिनों की बात की जाए तो रोजाना एक हजार से भी कम लोगों के आरटीपीसीआर व एंटीजन सैंपल लिए जा रहे हैं।

8 जनवरी से लेकर 14 जनवरी तक जिला में कुल 4943 लोगों के आरटीपीसीआर सैंपल लिए। एक सप्ताह में सिर्फ एक ही दिन 10 जनवरी काे आरटीपीसीआर सैंपल एक हजार से अधिक 1142 लिए गए। बाकी दिनों में ये आंकड़ा हजार से काफी कम रहा। इसी तरह एंटीजन टेस्ट भी रोजाना 100 से 200 लोगों के हो रहे हैं। हालांकि सिविल सर्जन का कहना है कि जिला में सैंपलिंग सही हो रही है। दोनों तरह के सैंपल को मिलाकर रोजाना एक हजार के आसपास सैंपल ले रहे हैं।

पॉजिटिव केसों की कांटेक्ट ट्रेसिंग भी नहीं
जिले में रोजाना पॉजिटिव केसों की संख्या में बढ़ोतरी है। इस हिसाब से सैंपलिंग में बढ़ोतरी होनी चाहिए। लेकिन पॉजिटिव केसों की कांट्रेक्ट ट्रेसिंग न होने के कारण किसी भी पॉजिटिव के संपर्क में आए व्यक्तियों के सैंपल नहीं लिए जा रहे। जिन लोगों के लोग सैंपल लिए जा रहे हैं वे स्वेच्छा से सैंपल दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के इस पर ध्यान न देने के कारण कोरोना संक्रमण को और बढ़ावा मिल रहा है।

सबसे बड़ा सवाल...अब नहीं तो कब बढ़ेगी सैंपलिंग
तीसरी लहर में जिला में फिलहाल कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। लोग बिना ट्रैवलिंग के ही कोरोना पॉजिटिव हो रहे हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग सैंपलिंग को गंभीरता से नहीं ले रहा। सबसे बड़ा सवाल ये है कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए यदि अब सैंपलिंग में बढ़ोतरी नहीं हुई तो यह कब बढ़ेगी।

वैक्सीनेशन में लगा स्टाफ इस कारण कोरोना सैंपलिंग में कमी: डाॅ. नवराज
डिस्ट्रिक कोरोना सैंपलिंग नोडल ऑफिसर डाॅ. नवराज का कहना है कि स्टाफ की ड्यूटी वैक्सीनेशन में लगी हुई है। इसके कारण सैंपलिंग कम हो रही है। कई एलटी के संक्रमित होने के कारण भी दिक्कत आ रही है।

सिविल सर्जन बोले-दोनों सैंपलों को मिलाकर सही हो रही सैंपलिंग
सिविल सर्जन डाॅ. जयंत आहूजा का कहना है कि सैंपलिंग सही हो रही है। आरटीपीसीआर व एंटीजन सैंपल मिलाकर रोजाना करीब एक हजार के आसपास सैंपलिंग हो रही है। रोजाना एक हजार सैंपल करने का ही टारगेट रखा है।

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