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तीन घंटे लगेंगी कक्षाएं:कल से खुलेंगे छठी से 8वीं के लिए स्कूल, बिना किताब 2 गज की दूरी पर बैठ कैसे होगी पढ़ाई

कैथल9 दिन पहले
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  • विद्यार्थियों को कक्षा में 2 गज की दूरी पर बैठाया जाएगा, बेंचों पर नाम लिखकर की जाएगी मार्किंग

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर समाप्त होने के बाद 23 जुलाई से छठी से 8वीं के लिए स्कूल खुलेंगे। विद्यार्थियों में कोरोना संक्रमण न फैले इसलिए विद्यार्थियों को कक्षा में कम से कम 2 गज की दूरी पर बैठाया जाएगा। बेंचों पर नाम लिखकर मार्किंग भी की जाएगी, ताकि विद्यार्थी बार-बार बेंच बदलने के बजाए उसी का प्रयोग करें।

विद्यार्थियों के पास पुस्तकें न होने से 2 गज की दूरी ही पढ़ाई में बाधा बनेगी। क्योंकि अभी तक विद्यार्थियों को न नई पुस्तकें मिली हैं और न ही पुस्तकें खरीदने के लिए विभाग की ओर से रुपए भेजे गए हैं। कुछ विद्यार्थियों को पुरानी पुस्तकें देकर काम चलाया जा रहा है। सभी बच्चों के पास पुस्तकें न होने से विद्यार्थियों के पास दो ही विकल्प हैं कि ग्रुप में बैठकर पढ़ाई करते हुए कोरोना संक्रमण को दावत दें या बिना पुस्तक स्कूल जाएं और 2 गज की दूरी का ख्याल रखते हुए घर लौट आएं।

सदनों में बांटे स्कूल
स्कूलों को अलग-अलग सदनों में बांटा जाएगा। एक कक्षा के विद्यार्थी दूसरी कक्षा के विद्यार्थी से न मिल सके और कोरोना का डर न रहे। जिस स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा है, वहां 50% विद्यार्थियों को रोटेशन के अनुसार स्कूल में बुलाना होगा। विद्यार्थी को 3 घंटे पढ़ाई करवाई जाएगी। लंच ब्रेक नहीं होगा। सभी स्कूल मुख्य अध्यापकों को गूगल फार्म का लिंक जारी किया गया है। इस फार्म में स्कूल में आने वाले विद्यार्थियों की संख्या और उनके तापमान को लेकर रोजाना रिपोर्ट देनी होगी। यह रिपोर्ट सीधे विभाग के पास जाएगी।

इन नियमों का करना होगा पालन
1. विद्यार्थी को स्कूल आते समय अपने माता-पिता की लिखित अनुमति लेकर आनी होगी।
2. जो अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते ऐसे बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी।
3. विद्यार्थियों का तापमान व हाजिरी प्रतिदिन अपलोड करना होगा।
5. स्कूल के सभी शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों को वैक्सीन लगी होगी, तभी वे स्कूल में आ सकेंगे।
6. एक डेस्क पर एक ही विद्यार्थियों को बैठाया जाएगा। विद्यार्थी दिन में बार-बार डेस्क नहीं बदल सकेगा।
7. विद्यार्थियों को स्कूल में पानी की बोतल लेकर आनी होगी, जिसे स्कूल के नल से भर सकेंगे।
8. बच्चों को मास्क, सेनिटाइजर का प्रयोग करना होगा। मास्क, सेनिटाइजर व साबुन की व्यवस्था स्कूल करेगा।

बिना किताबें कैसे होगी पढ़ाई : सतबीर गोयत
इस बार विद्यार्थियों को नई पुस्तकें नहीं मिल पाई है। किताबें खरीदने के लिए विद्यार्थियों को रुपए भी नहीं मिले। कुछ विद्यार्थियों को पुरानी पुस्तकें उपलब्ध करवा दी हैं, लेकिन वो भी सभी को नहीं मिल पाई। सरकार 4 बार घोषणा कर चुकी है कि विद्यार्थियों को लैपटाप व टैब दिए जाएंगे, लेकिन वे भी नहीं मिले हैं। सरकार शिक्षा का बजट जारी करती है, लेकिन यह समझ नहीं आता कि वो बजट जाता कहां है। बच्चों को पुस्तकें न मिलना गंभीर विषय है। सरकार व विभाग को चाहिए कि जल्द से जल्द पुस्तकें उपलब्ध करवाई जाएं। जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारू रूप से हो सके।-सतबीर गोयत, राज्य सचिव, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ।

शुक्रवार से स्कूल खुल रहे हैं। राजकीय स्कूलों में करीब 30 हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। सभी तैयारियां पूरी कर ली है। पास हुए बच्चों से पुस्तकें लेकर विद्यार्थियों को दी गई है।-अनिल शर्मा, डीईओ कैथल।

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