पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

स्वास्थ्य विभाग:सिविल अस्पताल से 18 दिन बाद 6 कंसलटेंट की सेवाएं हो जाएंगी समाप्त

कैथल11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • सिविल अस्पताल में मरीजों की और बढ़ेगी परेशानी

डाॅक्टरों की कमी से जूझ रहे सिविल अस्पताल की परेशानी और बढ़ने वाली है। सरकार ने रिटायरमेंट होने के बाद सेवाएं दे रहे कंसलटेंट को 30 सितंबर को सेवानिवृत किए जाने के आदेश जारी किए हैं। कैथल सिविल अस्पताल से भी 6 डाॅक्टरों रिलीव किया जाएगा। एक साथ 6 डाॅक्टरों के जाने से आमजन ही नहीं डाॅक्टरों की परेशानी भी बढ़ने वाली है। अब ज्यादातर विभागों में सिर्फ एक-एक डाॅक्टर ही बचेगा। इसका असर ओपीडी के साथ-साथ वार्ड, ऑपरेशन थियेटर व अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी पड़ेगा।

सबसे ज्यादा प्रभाव गायनी विभाग पर पड़ेगा। विभाग में सिर्फ एक ही स्थाई डाॅक्टर बची है। गायनी विशेषज्ञ की कमी के कारण सिजेरियन के लिए पहले ही प्राइवेट डाॅक्टरों का सहारा लेने का निर्णय ले चुका है। लेकिन ओपीडी में सेवाएं दे रही कंसलटेंट डाॅ. नीलम कक्कड़ के चले जाने से ओपीडी में भी कोई महिला डाॅक्टर नहीं बचेगी। पिछले कुछ माह में ही गायनी विभाग से डाॅ. सुमनलता का पूंडरी ट्रांसफर हो जाने और डाॅ. सोनाली ढिल्लों के छुट्टी पर चले जाने से मरीज परेशान हैं। अब एक और डाॅक्टर चले जाने से ओपीडी भी प्रभावित होगी।

इसी तरह अनेस्थिसिया विशेषज्ञ डाॅ. ओमप्रकाश के चले जाने से रोजाना होने वाले ऑपरेशनों पर असर पड़ेगा। विभाग को अब हर छोटे बड़े ऑपरेशन के लिए बाहर से अनेस्थिसिया विशेषज्ञ को बुलाना पड़ेगा। वहीं मनोरोग विभाग में सिर्फ एक कंसलटेंट ही सेवाएं दे रहे थे। उनके चले जाने से पूरा विभाग ही खाली हो जाएगा।

ओपीडी होगी प्रभावित
सिविल अस्पताल में कंसलटेंट के रिलीव किए जाने के बाद सबसे ज्यादा ओपीडी ही प्रभावित होंगी। क्योंकि 6 में से 5 डाॅक्टर नियमानुसार सिर्फ ओपीडी में ही सेवाएं देते थे। इनके चले जाने से अब सर्जरी विभाग में एक, नेत्र रोग विभाग में एक, गायनी विभाग में एक-एक डाॅक्टर ही बच जाएंगे। इनके छुट्टी पर चले जाने या फिर किसी अन्य कार्य में व्यस्त हो जाने से ओपीडी भी बंद रहेंगी। वहीं मनोरोग विभाग की ओपीडी बंद ही जाएंगी।

30 सितंबर की शाम को किया जाएगा रिलीव
अनेस्थिसिया विशेषज्ञ डाॅ. ओमप्रकाश, सर्जन डाॅ. आरडी चावला, मनोरोग चिकित्सक डाॅ. डीसी ठुकराल, डाॅ. बीबी कक्कड़, डाॅ. नीलम क क्कड़ व नेत्र रोग विशेषज्ञ डाॅ. आरपी गोयल को एसीएस के आदेशानुसार 30 सितंबर की शाम को रिलीव कर दिया जाएगा।

आदेशों की कॉपी मिल चुकी है। आदेशानुसार 30 सितंबर की शाम को सभी 6 कंसलटेंट को रिलीव कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य सुविधाओं पर असर पड़ेगा, लेकिन इनकी वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर विचार किया जा रहा है। ताकि आमजन पर कम से कम असर पड़े।-डाॅ. शैलेंद्र ममगाईं शैली, पीएमओ, सिविल अस्पताल।

खबरें और भी हैं...