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किसानों की पेमेंट अटकी:नई अनाज मंडी में पड़े 2000 कट्टों का नहीं हो रहा उठान, प्रधान बोले-आढ़तियों का लाखों का नुकसान

कैथल18 दिन पहले
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नई अनाज मंडी में उठान न होने से दुकान के बाहर रखे गेहूं के कट्टे। - Dainik Bhaskar
नई अनाज मंडी में उठान न होने से दुकान के बाहर रखे गेहूं के कट्टे।
  • हैफेड डीएम का दावा-गेहूं की क्वालिटी मानकों पर खरी नहीं
  • आने वाले दिनों में पीडीएस में बांटा जाएगा, खाने लायक नहीं है गेहूं

नई अनाज मंडी में पड़े गेहूं के 2000 कट्टे आढ़तियों के लिए परेशानी बने हुए हैं। करीब 15 दुकानों पर 20 लेकर 50 गेहूं के कट्टे पड़े हैं। आढ़ती कई बार गेहूं का लदान करवाकर एफसीआई के गोदामों में पास भेज चुके हैं। लेकिन एफसीआई क्वालिटी खराब होने के कारण गाड़ी वापस भेज देता है।

नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान शाम लाल गर्ग का कहना है कि समय पर गेहूं की खरीद और उठान नहीं होने के कारण गेहूं थोड़ा बहुत खराब है। गेहूं सही समय पर खरीद और उठान एजेंसी की जिम्मेदारी थी। लेकिन अब तक भी गेहूं का उठान नहीं हो पा रहा है।

2000 कट्टे विभिन्न दुकानों पर पड़े हैं। आढ़तियों को लाखों का नुकसान हो रहा है। आढ़तियों के साथ-साथ पेमेंट नहीं होने से किसान भी परेशान हैं। पहले तो सरकार खरीद से ही इनकार कर रही थी। लेकिन आढ़तियों के प्रदर्शन व धरने के बाद 15 मई को 38 हजार कट्टों की खरीद तो कर ली गई, लेकिन 100 प्रतिशत उठान नहीं किया।

अब वे एफसीआई के पास गेहूं वापस करने का कारण पता करने जाते हैं तो वे बात सुनने से ही इनकार कर देते हैं और साफ कहते हैं उन्होंने आढ़तियों से गेहूं खरीदा ही नहीं है। हैफेड ने खरीदा है तो उनसे मिले। हैफेड के अधिकारी कुछ सुनने को तैयार नहीं है। उनकी मांग है कि जो गेहूं के कट्टे मंडियों में पड़े हैं वे बिना किसी शर्त के उठाए जाएं, ताकि समस्या का समाधान और पेमेंट हो सके।

^गाड़ी में भरकर भेजा जा रहा गेहूं मानकों पर खरा नहीं उतरता है। क्वालिटी बहुत खराब है। इसको बारिश व जमीन पर लगने से बचाने की जिम्मेदारी आढ़तियों की थी। आगे जाकर ये राशन डिपो के माध्यम से लोगों में बांटा जाना है। ऐसे में खराब गेहूं नहीं लिया जा सकता है।
देवेंद्र सिंह, डीएम, हैफेड।

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